Assam Cabinet Decisions: असम में जुलाई की बाढ़ की होगी CBI जांच, 2,000 एकड़ में बनेगा डिफेंस पार्क; 5 रोपवे प्रोजेक्ट्स को मंजूरी
असम सरकार ने राज्य में विकास और प्रशासनिक जवाबदेही को लेकर कई बड़े फैसले लिए हैं। मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में जुलाई 2026 में आई भीषण बाढ़ की जांच केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) से कराने की सिफारिश की गई। इसके साथ ही राज्य में डिफेंस मैन्युफैक्चरिंग पार्क स्थापित करने और पांच नए रोपवे प्रोजेक्ट्स को मंजूरी दी गई है। इन फैसलों का उद्देश्य बाढ़ के कारणों की जांच कराने के साथ-साथ राज्य में औद्योगिक निवेश, पर्यटन और परिवहन सुविधाओं को बढ़ावा देना है।
जुलाई की बाढ़ की CBI करेगी जांच, सरकार भेजेगी प्रस्ताव
कैबिनेट का सबसे अहम फैसला जुलाई में आई बाढ़ को लेकर रहा। सरकार ने सिवसागर और चराइदेव जिलों में आई बाढ़ के कारणों की जांच CBI से कराने की सिफारिश की है। मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा के मुताबिक, राज्य सरकार अगले 10 दिनों के भीतर CBI को औपचारिक अनुरोध पत्र भेजेगी।
सरकार चाहती है कि जांच के जरिए यह पता लगाया जाए कि इन दोनों जिलों में बाढ़ किन परिस्थितियों में आई और इसके पीछे मुख्य कारण क्या थे। हालांकि, केवल राज्य सरकार की सिफारिश से CBI जांच अपने आप शुरू नहीं होगी। इस प्रस्ताव को स्वीकार करना और जांच करना केंद्र सरकार तथा CBI के अधिकार क्षेत्र में होगा।
असम में 2,000 एकड़ में बनेगा डिफेंस पार्क
कैबिनेट ने राज्य में डिफेंस मैन्युफैक्चरिंग और प्रोडक्शन पार्क स्थापित करने के प्रस्ताव को भी मंजूरी दी है। यह पार्क जगिरोड में लगभग 2,000 एकड़ जमीन पर विकसित किया जाएगा। इसके लिए जमीन उद्योग विभाग को हस्तांतरित की जाएगी। जरूरत पड़ने पर कुछ निजी जमीन का अधिग्रहण भी किया जा सकता है, जिसके लिए जमीन मालिकों से बातचीत की जाएगी।
मुख्यमंत्री के अनुसार, इस परियोजना का मुख्य उद्देश्य रक्षा उपकरणों के निर्माण से जुड़ी कंपनियों को असम में निवेश के लिए आकर्षित करना है। इसके लिए राज्य सरकार निवेशकों और बड़ी कंपनियों को आमंत्रित करने के लिए रोडशो आयोजित करेगी।
सरकार ऐसे प्रमुख निवेशकों की तलाश करेगी, जो राज्य में रक्षा क्षेत्र से जुड़े विभिन्न उत्पादों का निर्माण कर सकें। इससे असम को देश के बढ़ते रक्षा उत्पादन क्षेत्र से जोड़ने और औद्योगिक गतिविधियों को गति देने की उम्मीद है। हालांकि, फिलहाल इस परियोजना की कुल लागत और इसमें निवेश करने वाली कंपनियों के नाम सामने नहीं आए हैं।
असम में पांच नए रोपवे प्रोजेक्ट्स को मंजूरी
कैबिनेट बैठक में पर्यटन और परिवहन सुविधाओं को बेहतर बनाने के लिए पांच रोपवे परियोजनाओं को भी मंजूरी दी गई है। इन परियोजनाओं के विकास के लिए केंद्र और असम सरकार मिलकर ‘रोपवे डेवलपमेंट अथॉरिटी’ नाम से एक संयुक्त उपक्रम कंपनी बनाएंगे।
इस कंपनी में केंद्र सरकार की 51 प्रतिशत और असम सरकार की 49 प्रतिशत हिस्सेदारी होगी। परियोजनाओं को डिजाइन, निर्माण, वित्तपोषण, संचालन और हस्तांतरण (DBFOT) मॉडल के तहत विकसित किया जाएगा। इसमें निजी एजेंसियां निर्माण और संचालन से जुड़ी जिम्मेदारी निभाएंगी, जबकि सरकार वायबिलिटी गैप फंडिंग के जरिए आर्थिक सहयोग देगी।
कैबिनेट की मंजूरी के अनुसार पांच प्रस्तावित रोपवे मार्ग इस प्रकार हैं:
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कामाख्या रेलवे स्टेशन से कामाख्या मंदिर: श्रद्धालुओं को रेलवे स्टेशन से मंदिर तक पहुंचने में सुविधा मिलेगी।
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खानापारा से गुवाहाटी रेलवे स्टेशन: शहर में परिवहन और कनेक्टिविटी को बेहतर बनाने में मदद मिलेगी।
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गंगानगर से भुवन पहाड़ महादेव मंदिर: धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा।
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हंपियोपेट पीक से जतिंगा बर्ड वॉचिंग टावर: पर्यटन और प्राकृतिक स्थलों तक पहुंच आसान होगी।
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अग्निगढ़ से भैरबी मंदिर: धार्मिक पर्यटन के लिए एक नया परिवहन विकल्प विकसित होगा।
इन परियोजनाओं के जरिए धार्मिक स्थलों और पर्यटन क्षेत्रों तक पहुंच आसान बनाने की योजना है। खासतौर पर गुवाहाटी में रेलवे स्टेशन और प्रमुख स्थानों के बीच बेहतर कनेक्टिविटी विकसित करने पर जोर दिया गया है। रोपवे के इस्तेमाल के लिए यात्रियों से कितना किराया लिया जाएगा, यह केंद्र और राज्य सरकार मिलकर तय करेंगी।
सरकारी कर्मचारियों पर भी सख्ती, दूसरी शादी करने पर जाएगी नौकरी
कैबिनेट बैठक में सरकारी कर्मचारियों से जुड़े सेवा नियमों में भी बदलाव किया गया है। असम सिविल सर्विसेज (कंडक्ट) रूल्स में संशोधन को मंजूरी दी गई है। इसके तहत बहुविवाह करने के मामले में दोषी पाए जाने वाले सरकारी कर्मचारियों को नौकरी से बर्खास्त किया जा सकेगा।
मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने बताया कि राज्य में समान नागरिक संहिता (UCC) को अधिसूचित किए जाने और राष्ट्रपति की मंजूरी मिलने के बाद यह कदम उठाया गया है। सरकार ने इसे गंभीर कदाचार की श्रेणी में रखा है। यानी इस नियम के तहत दोषी पाए जाने वाले कर्मचारियों को सेवा से हटाने की कार्रवाई की जा सकती है।
असम के लिए कितने अहम हैं ये फैसले?
असम कैबिनेट के ये फैसले राज्य के अलग-अलग क्षेत्रों को प्रभावित कर सकते हैं। एक तरफ जुलाई की बाढ़ की CBI जांच की सिफारिश से आपदा के कारणों की पड़ताल का रास्ता खुलेगा, वहीं दूसरी तरफ डिफेंस पार्क से औद्योगिक निवेश को आकर्षित करने की कोशिश की जाएगी।
पांच रोपवे परियोजनाओं से धार्मिक और पर्यटन स्थलों तक पहुंच बेहतर होने की उम्मीद है। इससे पर्यटन गतिविधियों और स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी फायदा मिल सकता है।
हालांकि, इन योजनाओं का वास्तविक असर इनके क्रियान्वयन पर निर्भर करेगा। CBI जांच के लिए केंद्र और जांच एजेंसी की मंजूरी जरूरी होगी, जबकि डिफेंस पार्क और रोपवे परियोजनाओं के लिए जमीन, निवेश और निर्माण से जुड़े अगले कदम महत्वपूर्ण होंगे।
फिलहाल असम सरकार के इन फैसलों ने राज्य में विकास, पर्यटन, औद्योगिक निवेश और प्रशासनिक जवाबदेही को लेकर एक नई दिशा तय करने का संकेत दिया है। आने वाले समय में यह देखना अहम होगा कि इन घोषणाओं को जमीन पर उतारने की प्रक्रिया कितनी तेजी से आगे बढ़ती है।









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