आईपीएल 2026 में कोलकाता नाइट राइडर्स (KKR) के खिलाफ खेलते हुए विराट कोहली ने एक बार फिर साबित कर दिया कि उन्हें ‘किंग’ क्यों कहा जाता है। पिछले दो मैचों में शून्य पर आउट होने के बाद भारी दबाव झेल रहे कोहली ने 60 गेंदों में नाबाद 105 रनों की शानदार पारी खेलकर फॉर्म में वापसी की। उनकी इस शतकीय पारी की बदौलत रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरू (RCB) ने न केवल केकेआर को छह विकेट से मात दी, बल्कि आईपीएल 2026 की अंकतालिका में शीर्ष स्थान भी हासिल कर लिया। अपनी इस पारी के दौरान कोहली ने महेंद्र सिंह धोनी और रोहित शर्मा (279 मैच) को पछाड़कर लीग में सबसे ज्यादा मैच खेलने वाले खिलाड़ी बनने का गौरव भी हासिल किया।

हालांकि, इस मैच में एक बात ने सभी का ध्यान खींचा—शतक पूरा होने के बाद कोहली ने हमेशा की तरह कोई आक्रामक जश्न नहीं मनाया। मैच के बाद प्लेयर ऑफ द मैच चुने गए विराट ने इस शांत व्यवहार की वजह का खुलासा किया। उन्होंने स्वीकार किया कि वह प्रदर्शन के दबाव को लेकर काफी बेचैन थे। कोहली ने कहा, “पिछले दो मैचों में शून्य पर आउट होने के कारण मैं काफी नर्वस था। जब आप टीम के लिए योगदान नहीं दे पाते हैं, तो एक खिलाड़ी के तौर पर वह बैचेनी आपको परेशान करती है। मुझे पता था कि मैं रन बना सकता हूं, लेकिन मैदान पर उसे साबित करना जरूरी था।”

कोहली ने जश्न न मनाने के पीछे की गहरी वजह बताते हुए कहा कि उनके लिए व्यक्तिगत उपलब्धियों से ज्यादा टीम के अंक महत्वपूर्ण हैं। उन्होंने कहा, “शतक के बाद जश्न बड़ा नहीं था क्योंकि हमें अंकों की अहमियत पता है। हम सभी टीम के लिए खेलने का प्रयास करते हैं। दबाव वास्तव में अच्छा होता है क्योंकि यह आपको अपना खेल निखारने और बेहतर करने के लिए प्रेरित करता है।” कोहली ने आगे कहा कि नाकामियां भी जीवन में जरूरी हैं, क्योंकि वे ही आपको और भी कड़ा परिश्रम करने और वापसी करने के लिए प्रेरित करती हैं। उनके इस बयान ने खेल के प्रति उनके परिपक्व दृष्टिकोण और टीम भावना को एक बार फिर जगजाहिर कर दिया है।
