बाड़मेर पुलिस ने पेपर लीक और भर्ती परीक्षाओं में धांधली के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान में एक बड़ी सफलता हासिल की है। पुलिस ने PTI भर्ती परीक्षा मामले में पिछले दो वर्षों से फरार चल रहे 15 हजार रुपए के इनामी आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी पुलिस की पकड़ से बचने के लिए लगातार अपनी लोकेशन बदल रहा था, लेकिन जिला पुलिस की सक्रियता के कारण वह आखिरकार कानून के शिकंजे में आ गया। बाड़मेर पुलिस ने इस महत्वपूर्ण गिरफ्तारी के बारे में SOG (Special Operation Group) जयपुर को सूचित कर दिया है, जो अब मामले की आगे की जांच संभालेगी।
बाड़मेर एसपी चूनाराम जाट ने बताया कि यह कार्रवाई पुलिस मुख्यालय और जोधपुर रेंज आईजी के निर्देश पर वांछित अपराधियों की धरपकड़ के लिए चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत की गई है। एएसपी नितेश आर्य के सुपरविजन में गठित DST (District Special Team) ने वैज्ञानिक साक्ष्यों और मुखबिर की सूचना के आधार पर आरोपी की घेराबंदी की। आरोपी की पहचान भभूताराम उर्फ रणजीत पुत्र विरधाराम, निवासी लक्ष्छिये का तला (भूणिया) के रूप में हुई है, जो लंबे समय से एसओजी की ‘मोस्ट वांटेड’ सूची में शामिल था।
पकड़ा गया आरोपी राजस्थान सार्वजनिक परीक्षा अधिनियम और साजिश रचने की गंभीर धाराओं के तहत आरोपी है। यह मामला एसओजी जयपुर थाने में दर्ज है, जहां भर्ती परीक्षाओं की शुचिता भंग करने और धांधली करने के आरोपों में उसकी तलाश की जा रही थी। आरोपी की गिरफ्तारी न होने पर उप महानिरीक्षक पुलिस, स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप जयपुर ने हाल ही में 30 मार्च 2026 को उस पर 15 हजार रुपए का इनाम घोषित किया था।
पुलिस के अनुसार, भभूताराम उर्फ रणजीत पिछले दो साल से अपनी पहचान छिपाकर फरारी काट रहा था। उसकी गिरफ्तारी से न केवल PTI भर्ती परीक्षा से जुड़े कई अहम सुराग मिलने की उम्मीद है, बल्कि पेपर लीक नेटवर्क के अन्य सदस्यों के बारे में भी जानकारी मिल सकती है। गिरफ्तारी के तुरंत बाद आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी कर आरोपी को एसओजी जयपुर की टीम के सुपुर्द कर दिया गया है।
