Thursday, Jun 11, 2026

Weekly Newspaper

The Public Hub
Login
  • Home
  • राजस्थान
  • विभाग
  • जुर्म
  • धर्म
  • भारत
Reading: न गद्दा, न तकिया, कंबल ही सहारा; भ्रष्टाचार के आरोपों में बंद VIP कैदियों की बदली दिनचर्या
Share
E-Paper
Font ResizerAa
The Public HubThe Public Hub
  • E-Paper
  • राजस्थान
  • जुर्म
  • कानून
  • योजना
  • धर्म
  • भारत
  • शिक्षा विभाग
Search
  • Home
  • E-Paper
  • Privacy Policy
  • About us
  • Terms and Conditions
  • Contact
Follow US
Made by ThemeRuby using the Foxiz theme. Powered by WordPress

Home - जलदाय विभाग - न गद्दा, न तकिया, कंबल ही सहारा; भ्रष्टाचार के आरोपों में बंद VIP कैदियों की बदली दिनचर्या

जलदाय विभागअपराधजयपुर

न गद्दा, न तकिया, कंबल ही सहारा; भ्रष्टाचार के आरोपों में बंद VIP कैदियों की बदली दिनचर्या

By The Public Hub
Last updated: May 12, 2026
3 Min Read

जयपुर। भ्रष्टाचार के गंभीर आरोपों में घिरे राजस्थान के पूर्व मंत्री डॉ. महेश जोशी और रिटायर्ड आईएएस सुबोध अग्रवाल की ‘लक्जरी’ जिंदगी अब जयपुर सेंट्रल जेल की सलाखों के पीछे सिमट गई है। दशकों तक सत्ता के गलियारों में रसूख और सुख-सुविधाओं का आनंद लेने वाले ये दोनों वीआईपी अब जेल की फर्श पर रातें काटने को मजबूर हैं। जेल प्रशासन के कड़े नियमों के बीच उनकी दिनचर्या पूरी तरह बदल चुकी है।

Contents
भीषण गर्मी और सुविधाओं का अभावफर्श पर बिस्तर और कंबल का तकियालाइन में लगकर भोजन और खुद धोने पड़ रहे बर्तनराजनीतिक और प्रशासनिक सफर से सलाखों तक

भीषण गर्मी और सुविधाओं का अभाव

राजस्थान में इन दिनों पारा 45-47 डिग्री सेल्सियस के करीब पहुँच रहा है। ऐसे में, जहां ये रसूखदार लोग पहले वातानुकूलित (AC) कमरों में रहा करते थे, अब उन्हें जेल की बैरक में केवल एक पुराने छत पंखे के सहारे दिन गुजारने पड़ रहे हैं। जेल के वार्डों में कूलर की कोई व्यवस्था नहीं है, जिससे भीषण गर्मी में उनकी बेचैनी और बढ़ गई है।

फर्श पर बिस्तर और कंबल का तकिया

जेल के नियमों के अनुसार, किसी भी कैदी को पलंग, खाट या गद्दे उपलब्ध नहीं कराए जाते। पूर्व मंत्री महेश जोशी और सुबोध अग्रवाल को भी अन्य सामान्य कैदियों की तरह फर्श पर ही सोना पड़ रहा है।

  • बिस्तर: सोने के लिए केवल जेल का कंबल दिया जाता है।
  • जुगाड़: गद्दे और तकिये के अभाव में ये कैदी कंबल को ही बिछाने और उसी को मोड़कर तकिया बनाने को मजबूर हैं। चद्दर जैसी बुनियादी सुविधा भी वहां उपलब्ध नहीं है।

लाइन में लगकर भोजन और खुद धोने पड़ रहे बर्तन

जेल में ‘वीआईपी कल्चर’ को पूरी तरह खत्म करते हुए प्रशासन ने स्पष्ट कर दिया है कि वहां सभी कैदी समान हैं।

  • भोजन: सुबह की चाय से लेकर रात के खाने तक, दोनों को अपने बर्तन लेकर लाइन में खड़ा होना पड़ता है।
  • घर के खाने पर रोक: जेल नियमों के तहत किसी को भी घर का खाना मंगवाने की अनुमति नहीं है; उन्हें वही भोजन करना पड़ता है जो जेल की रसोई में सबके लिए बनता है।
  • स्वयं सेवा: खाना खाने के बाद अपने बर्तन खुद साफ करने की जिम्मेदारी भी इन्हीं की है।

राजनीतिक और प्रशासनिक सफर से सलाखों तक

डॉ. महेश जोशी, जिन्होंने 45 साल पहले छात्र राजनीति से अपना सफर शुरू किया और सांसद व मंत्री पद तक पहुँचे, वे आज भ्रष्टाचार मामले में दूसरी बार जेल में हैं। वहीं, 1988 बैच के वरिष्ठ आईएएस रहे सुबोध अग्रवाल, जिन्होंने पूरे करियर में शीर्ष पदों पर काम किया, अब जेल की बैरक में सामान्य कैदियों के बीच समय काट रहे हैं। जेल की चारदीवारी ने यह स्पष्ट कर दिया है कि कानून के सामने पद और प्रतिष्ठा का कोई विशेषाधिकार नहीं है।

TAGGED:ACB InvestigationJail Administration RulesJaipur Central JailJaipur NewsLuxury Life to Jail CellMahesh JoshiRajasthan Corruption CaseRajasthan NewsSubodh AgrawalVIP Prisoners in Jail
Share This Article
Facebook Copy Link Print
Leave a Comment Leave a Comment

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

HOT NEWS

अलवर में भ्रष्टाचार पर ACB का प्रहार: जमीन का सीमाज्ञान करने के बदले मांग रहा था घूस, पटवारी चढ़ा हत्थे

Rajasthan APO Vacancy 2026: पे-मैट्रिक्स लेवल-11 की नौकरी, 7 जुलाई तक करें ऑनलाइन अप्लाई; ये रहा चयन प्रक्रिया का पूरा शेड्यूल

कर्मचारियों के तबादलों पर हलचल तेज, CM भजनलाल शर्मा ने दिए बड़े संकेत, जानिए कब से शुरू होगी प्रक्रिया

खुद से मिलने का सफर: पहली सोलो ट्रिप पर जा रहे युवाओं के लिए बेहतरीन गाइड

जून की शुरुआत में मौसम का यू-टर्न: यूपी के कई जिलों में आज आंधी-तूफान के आसार

YOU MAY ALSO LIKE

मंत्री की ‘सर्जिकल स्ट्राइक’ से लक्ष्मणगढ़ से रतनगढ़ तक सन्नाटा, 11 अफसरों की छुट्टी, CEO को नोटिस

राजस्थान के पंचायती राज मंत्री मदन दिलावर के 'थर्ड डिग्री' एक्शन ने प्रदेश के अफ़सरों की नींद उड़ा दी है।…

जयपुर
March 30, 2026

राजस्थान के 8 नए जिलों में नियुक्तियों पर बढ़ा भारी विरोध

राजस्थान सरकार द्वारा आठ नव-गठित जिलों में जिला परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) के पद पर ग्रामीण विकास सेवा…

जयपुर
April 30, 2026

राजस्थान बनेगा ‘ग्रीन एनर्जी हब’: मोदी सरकार ने दी 591 नए EV चार्जिंग स्टेशनों को मंजूरी, 81 करोड़ का बजट जारी

राजस्थान में इलेक्ट्रिक व्हीकल (EV) मालिकों के लिए केंद्र की मोदी सरकार ने बड़ी सौगात दी है। प्रदेश को 'ग्रीन…

जयपुरऊर्जा विभाग
March 31, 2026

जयपुर के श्रीराम नगर-बी विवाद में नया मोड़: 2200 करोड़ की जमीन पर बेदखली पर सुप्रीम कोर्ट की रोक, जेडीए और हाउसिंग बोर्ड आमने-सामने

जयपुर। जयपुर के प्रतिष्ठित बीटू (B2) बायपास स्थित 2200 करोड़ रुपये की बेशकीमती 42 बीघा जमीन को लेकर चल रहे…

कानून व्यवस्था विभागजयपुरजयपुर विकास प्राधिकरण
May 26, 2026

The Public Hub is Jaipur’s premier weekly newspaper dedicated to high-impact investigative journalism. Focused on Rajasthan’s socio-political landscape, we deliver research-based deep dives and hard-hitting facts that go beyond the headlines. Registered under RNI: RJBIL/26.A0142, we are committed to accountability and the pursuit of truth.

  • Home
  • Privacy Policy
  • About us
  • Terms and Conditions
  • E-Paper
  • राजस्थान
  • जुर्म
  • कानून
  • योजना
  • धर्म
  • भारत
  • शिक्षा विभाग
  • Home
  • राजस्थान
  • विभाग
  • जुर्म
  • धर्म
  • भारत

Follow US: 

-

All Rights Reserved
Welcome Back!

Sign in to your account

Username or Email Address
Password

Lost your password?