Thursday, May 14, 2026

Weekly Newspaper

The Public Hub
Login
  • Home
  • राजस्थान
  • विभाग
  • जुर्म
  • धर्म
  • भारत
Reading: मातृभाषा में शिक्षा बच्चों का अधिकार: राजस्थानी भाषा पर सरकार के ‘सीमित दृष्टिकोण’ को सुप्रीम कोर्ट ने नकारा
Share
E-Paper
Font ResizerAa
The Public HubThe Public Hub
  • E-Paper
  • राजस्थान
  • जुर्म
  • कानून
  • योजना
  • धर्म
  • भारत
  • शिक्षा विभाग
Search
  • Home
  • E-Paper
  • Privacy Policy
  • About us
  • Terms and Conditions
  • Contact
Follow US
Made by ThemeRuby using the Foxiz theme. Powered by WordPress
शिक्षा विभागजयपुर

मातृभाषा में शिक्षा बच्चों का अधिकार: राजस्थानी भाषा पर सरकार के ‘सीमित दृष्टिकोण’ को सुप्रीम कोर्ट ने नकारा

By The Public Hub
Last updated: May 13, 2026
3 Min Read

नई दिल्ली/जयपुर। राजस्थान की ‘मायड़ भाषा’ (राजस्थानी) को उसका खोया हुआ गौरव दिलाने की दिशा में सुप्रीम कोर्ट ने एक मील का पत्थर साबित होने वाला फैसला सुनाया है। जस्टिस विक्रम नाथ और जस्टिस संदीप मेहता की खंडपीठ ने राजस्थान सरकार को कड़े निर्देश दिए हैं कि वह राज्य के सभी सरकारी और निजी स्कूलों में राजस्थानी भाषा को चरणबद्ध तरीके से लागू करने के लिए ठोस और समयबद्ध कार्ययोजना तैयार करे। शीर्ष अदालत ने इस मामले में राज्य सरकार से 30 सितंबर 2026 तक विस्तृत अनुपालन रिपोर्ट (Compliance Report) भी तलब की है।

अदालत ने सुनवाई के दौरान स्पष्ट किया कि किसी भी बच्चे के सर्वांगीण विकास—चाहे वह बौद्धिक हो, सामाजिक हो या भावनात्मक—के लिए मातृभाषा में प्राथमिक शिक्षा प्राप्त करना बेहद जरूरी है। कोर्ट ने राज्य सरकार की उस मौजूदा नीति की आलोचना की, जिसमें केवल संविधान की आठवीं अनुसूची में शामिल भाषाओं को ही अतिरिक्त भाषा के रूप में पढ़ाया जा रहा है। खंडपीठ ने इसे “सीमित दृष्टिकोण” करार देते हुए कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) और संविधान की मूल भावना भी बच्चों को उनकी अपनी भाषा में सीखने के अवसर प्रदान करने पर जोर देती है।

सांस्कृतिक गौरव को मिली कानूनी मान्यता

जस्टिस विक्रम नाथ और जस्टिस संदीप मेहता ने राजस्थानी भाषा के समृद्ध साहित्यिक और ऐतिहासिक महत्व को रेखांकित करते हुए कहा कि जब यह भाषा पहले से ही प्रदेश के विभिन्न विश्वविद्यालयों में पढ़ाई जा रही है, तो इसकी शैक्षणिक मान्यता पर सवाल उठाना तर्कसंगत नहीं है। कोर्ट ने सख्त लहजे में कहा कि हालांकि न्यायालय नीति बनाने में हस्तक्षेप नहीं करना चाहता, लेकिन जब संवैधानिक अधिकारों के क्रियान्वयन में लगातार सरकारी निष्क्रियता दिखाई दे, तब अदालत “मूकदर्शक” बनकर नहीं बैठ सकती।

4.36 करोड़ लोगों की उम्मीदों को मिला संबल

यह मामला पदम मेहता और अन्य द्वारा दायर जनहित याचिका से जुड़ा है, जिसमें राजस्थानी भाषा को न केवल स्कूली शिक्षा बल्कि REET (रीट) और अन्य शिक्षक भर्ती परीक्षाओं में भी शामिल करने की मांग की गई थी। याचिकाकर्ताओं के अधिवक्ता डॉ. मनीष सिंघवी ने 2011 की जनगणना का हवाला देते हुए बताया कि करीब 4.36 करोड़ लोग राजस्थानी बोलते हैं। इतनी बड़ी आबादी की भाषा को शिक्षा व्यवस्था में उचित स्थान न मिलना उनके अधिकारों की अनदेखी है। गौरतलब है कि पूर्व में राजस्थान हाईकोर्ट ने इस याचिका को यह कहते हुए खारिज कर दिया था कि नीतिगत मामलों में अदालत सीधे निर्देश जारी नहीं कर सकती, लेकिन सुप्रीम कोर्ट के इस ताजा रुख ने राजस्थान के करोड़ों लोगों के लिए नई उम्मीद जगा दी है।

TAGGED:Academic RecognitionCultural Identity.Justice Vikram NathMother Tongue EducationPadam Mehta PetitionRajasthan Education NewsRajasthan GovernmentRajasthani LanguageREET 2026Supreme Court
Share This Article
Facebook Copy Link Print
Leave a Comment Leave a Comment

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

HOT NEWS

जोधपुर मना रहा अपना ‘बर्थडे’, क्या जानते हैं इस शहर के 10 सबसे चौंकाने वाले राज?

गिरफ्तार हुआ PTI परीक्षा का मुख्य आरोपी भभूताराम; पुलिस हेडक्वार्टर के विशेष अभियान में मिली सफलता

भुवनेश्वर कुमार का ‘डबल धमाका’: पहले गेंद से झटके 4 विकेट, फिर आखिरी ओवर में छक्का जड़ बेंगलुरु को दिलाई जीत

सावधान! हाई ब्लड प्रेशर वाले मरीज भूलकर भी न करें ये 3 एक्सरसाइज, बढ़ सकता है हार्ट अटैक का जोखिम

डिजिटल मार्किंग का कमाल: सीबीएसई 12वीं के परिणाम जारी, SMS और डिजीलॉकर से ऐसे डाउनलोड करें मार्कशीट

YOU MAY ALSO LIKE

RBSE 10th Result 2026: राजस्थान बोर्ड रचेगा नया इतिहास, मई-जुलाई का इंतजार खत्म; मार्च में ही जारी होगा 10वीं का रिजल्ट

जयपुर: राजस्थान माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (RBSE), अजमेर इस साल बोर्ड परीक्षा के परिणाम जारी करने में एक नया रिकॉर्ड बनाने…

राजस्थानशिक्षा विभाग
March 24, 2026

Rajasthan Semiconductor Policy 2026: सीएम भजनलाल का बड़ा फैसला, वैश्विक सेमीकंडक्टर हब बनेगा राजस्थान

तकनीकी प्रगति और आर्थिक समृद्धि के पथ पर अग्रसर राजस्थान ने आज एक नया इतिहास रच दिया है। मुख्यमंत्री भजनलाल…

जयपुर
March 25, 2026

निरीक्षण में देरी, एफिलेशन लंबित: राजस्थान के 84 लॉ कॉलेजों में प्रवेश प्रक्रिया अटकी, हजारों छात्र परेशान

कोटा/जयपुर। राजस्थान के सरकारी और निजी विधि महाविद्यालयों (Law Colleges) में इस वर्ष प्रवेश लेने की इच्छा रखने वाले विद्यार्थियों…

जयपुरराजस्थानशिक्षा विभाग
March 12, 2026

राजस्थान: इंटर-डिस्कॉम तबादला नीति की समीक्षा के लिए उच्च स्तरीय समिति का गठन, 3 महीने में देनी होगी रिपोर्ट

जयपुर: राजस्थान सरकार के ऊर्जा विभाग ने राज्य में विद्युत वितरण कंपनियों (Discoms) के बीच कर्मचारियों के तबादलों को लेकर…

ऊर्जा विभागजयपुर
May 6, 2026

The Public Hub is Jaipur’s premier weekly newspaper dedicated to high-impact investigative journalism. Focused on Rajasthan’s socio-political landscape, we deliver research-based deep dives and hard-hitting facts that go beyond the headlines. Registered under RNI: RJBIL/26.A0142, we are committed to accountability and the pursuit of truth.

Follow US: 

.

All Rights Reserved
Welcome Back!

Sign in to your account

Username or Email Address
Password

Lost your password?