Thursday, Jul 16, 2026

Weekly Newspaper

The Public Hub
Login
  • Home
  • राजस्थान
  • विभाग
  • जुर्म
  • धर्म
  • भारत
Reading: मातृभाषा में शिक्षा बच्चों का अधिकार: राजस्थानी भाषा पर सरकार के ‘सीमित दृष्टिकोण’ को सुप्रीम कोर्ट ने नकारा
Share
E-Paper
Font ResizerAa
The Public HubThe Public Hub
  • E-Paper
  • राजस्थान
  • जुर्म
  • कानून
  • योजना
  • धर्म
  • भारत
  • शिक्षा विभाग
Search
  • Home
  • E-Paper
  • Privacy Policy
  • About us
  • Terms and Conditions
  • Contact
Follow US
Made by ThemeRuby using the Foxiz theme. Powered by WordPress

Home - शिक्षा विभाग - मातृभाषा में शिक्षा बच्चों का अधिकार: राजस्थानी भाषा पर सरकार के ‘सीमित दृष्टिकोण’ को सुप्रीम कोर्ट ने नकारा

शिक्षा विभागजयपुर

मातृभाषा में शिक्षा बच्चों का अधिकार: राजस्थानी भाषा पर सरकार के ‘सीमित दृष्टिकोण’ को सुप्रीम कोर्ट ने नकारा

By The Public Hub
Last updated: May 13, 2026
3 Min Read

नई दिल्ली/जयपुर। राजस्थान की ‘मायड़ भाषा’ (राजस्थानी) को उसका खोया हुआ गौरव दिलाने की दिशा में सुप्रीम कोर्ट ने एक मील का पत्थर साबित होने वाला फैसला सुनाया है। जस्टिस विक्रम नाथ और जस्टिस संदीप मेहता की खंडपीठ ने राजस्थान सरकार को कड़े निर्देश दिए हैं कि वह राज्य के सभी सरकारी और निजी स्कूलों में राजस्थानी भाषा को चरणबद्ध तरीके से लागू करने के लिए ठोस और समयबद्ध कार्ययोजना तैयार करे। शीर्ष अदालत ने इस मामले में राज्य सरकार से 30 सितंबर 2026 तक विस्तृत अनुपालन रिपोर्ट (Compliance Report) भी तलब की है।

अदालत ने सुनवाई के दौरान स्पष्ट किया कि किसी भी बच्चे के सर्वांगीण विकास—चाहे वह बौद्धिक हो, सामाजिक हो या भावनात्मक—के लिए मातृभाषा में प्राथमिक शिक्षा प्राप्त करना बेहद जरूरी है। कोर्ट ने राज्य सरकार की उस मौजूदा नीति की आलोचना की, जिसमें केवल संविधान की आठवीं अनुसूची में शामिल भाषाओं को ही अतिरिक्त भाषा के रूप में पढ़ाया जा रहा है। खंडपीठ ने इसे “सीमित दृष्टिकोण” करार देते हुए कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) और संविधान की मूल भावना भी बच्चों को उनकी अपनी भाषा में सीखने के अवसर प्रदान करने पर जोर देती है।

सांस्कृतिक गौरव को मिली कानूनी मान्यता

जस्टिस विक्रम नाथ और जस्टिस संदीप मेहता ने राजस्थानी भाषा के समृद्ध साहित्यिक और ऐतिहासिक महत्व को रेखांकित करते हुए कहा कि जब यह भाषा पहले से ही प्रदेश के विभिन्न विश्वविद्यालयों में पढ़ाई जा रही है, तो इसकी शैक्षणिक मान्यता पर सवाल उठाना तर्कसंगत नहीं है। कोर्ट ने सख्त लहजे में कहा कि हालांकि न्यायालय नीति बनाने में हस्तक्षेप नहीं करना चाहता, लेकिन जब संवैधानिक अधिकारों के क्रियान्वयन में लगातार सरकारी निष्क्रियता दिखाई दे, तब अदालत “मूकदर्शक” बनकर नहीं बैठ सकती।

4.36 करोड़ लोगों की उम्मीदों को मिला संबल

यह मामला पदम मेहता और अन्य द्वारा दायर जनहित याचिका से जुड़ा है, जिसमें राजस्थानी भाषा को न केवल स्कूली शिक्षा बल्कि REET (रीट) और अन्य शिक्षक भर्ती परीक्षाओं में भी शामिल करने की मांग की गई थी। याचिकाकर्ताओं के अधिवक्ता डॉ. मनीष सिंघवी ने 2011 की जनगणना का हवाला देते हुए बताया कि करीब 4.36 करोड़ लोग राजस्थानी बोलते हैं। इतनी बड़ी आबादी की भाषा को शिक्षा व्यवस्था में उचित स्थान न मिलना उनके अधिकारों की अनदेखी है। गौरतलब है कि पूर्व में राजस्थान हाईकोर्ट ने इस याचिका को यह कहते हुए खारिज कर दिया था कि नीतिगत मामलों में अदालत सीधे निर्देश जारी नहीं कर सकती, लेकिन सुप्रीम कोर्ट के इस ताजा रुख ने राजस्थान के करोड़ों लोगों के लिए नई उम्मीद जगा दी है।

TAGGED:Academic RecognitionCultural Identity.Justice Vikram NathMother Tongue EducationPadam Mehta PetitionRajasthan Education NewsRajasthan GovernmentRajasthani LanguageREET 2026Supreme Court
Share This Article
Facebook Copy Link Print
Leave a Comment Leave a Comment

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

HOT NEWS

YOU MAY ALSO LIKE

FIR से पहले भी मिल सकती है अग्रिम जमानत: सुप्रीम कोर्ट का ऐतिहासिक फैसला, अब गिरफ्तारी के ‘डर’ मात्र पर मिलेगी बेल

देश की सर्वोच्च अदालत ने अग्रिम जमानत (Anticipatory Bail) को लेकर एक बेहद महत्वपूर्ण और ऐतिहासिक फैसला सुनाया है। इस…

कानूनदिल्ली
April 21, 2026

धोखाधड़ी रोकने के लिए बैंकों और जनता को मिलेगा फ्री पैन वेरिफिकेशन एक्सेस

जयपुर । राजस्थान में जमीन-जायदाद की खरीद-फरोख्त और रजिस्ट्री से जुड़ी पूरी व्यवस्था अब तेजी से हाईटेक और डिजिटल स्वरूप…

जयपुर
June 3, 2026

छात्रसंघ चुनाव मामले में एकलपीठ के फैसले पर हाई कोर्ट की रोक, राज्य सरकार की अपील पर छात्रों से मांगा जवाब

जयपुर: राजस्थान में छात्रसंघ चुनाव (Student Union Elections) को लेकर कानूनी लड़ाई एक बार फिर दिलचस्प हो गई है. राजस्थान…

कानून व्यवस्था विभागजयपुरशिक्षा विभाग
May 16, 2026

राजस्थान दिवस आज: अल्बर्ट हॉल पर सजेगी सांस्कृतिक शाम, 100 से अधिक कलाकार देंगे प्रस्तुति

जयपुर: राजस्थान की गौरवशाली संस्कृति और कला का जश्न मनाने के लिए 19 मार्च (गुरुवार, चैत्र प्रतिपदा) को 'राजस्थान दिवस'…

जयपुरपर्यटन विभाग
March 24, 2026

The Public Hub is Jaipur’s premier weekly newspaper dedicated to high-impact investigative journalism. Focused on Rajasthan’s socio-political landscape, we deliver research-based deep dives and hard-hitting facts that go beyond the headlines. Registered under RNI: RJBIL/26.A0142, we are committed to accountability and the pursuit of truth.

  • Home
  • Privacy Policy
  • About us
  • Terms and Conditions
  • E-Paper
  • राजस्थान
  • जुर्म
  • कानून
  • योजना
  • धर्म
  • भारत
  • शिक्षा विभाग
  • Home
  • राजस्थान
  • विभाग
  • जुर्म
  • धर्म
  • भारत

Follow US: 

-

All Rights Reserved
Welcome Back!

Sign in to your account

Username or Email Address
Password

Lost your password?