Thursday, May 14, 2026

Weekly Newspaper

The Public Hub
Login
  • Home
  • राजस्थान
  • विभाग
  • जुर्म
  • धर्म
  • भारत
Reading: भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता बनाम नियम: सुप्रीम कोर्ट ने कलकत्ता हाईकोर्ट का नियुक्ति संबंधी आदेश पलटा
Share
E-Paper
Font ResizerAa
The Public HubThe Public Hub
  • E-Paper
  • राजस्थान
  • जुर्म
  • कानून
  • योजना
  • धर्म
  • भारत
  • शिक्षा विभाग
Search
  • Home
  • E-Paper
  • Privacy Policy
  • About us
  • Terms and Conditions
  • Contact
Follow US
Made by ThemeRuby using the Foxiz theme. Powered by WordPress
कानून व्यवस्था विभागदिल्ली

भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता बनाम नियम: सुप्रीम कोर्ट ने कलकत्ता हाईकोर्ट का नियुक्ति संबंधी आदेश पलटा

By The Public Hub
Last updated: May 14, 2026
3 Min Read

नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट ने देश में भर्ती प्रक्रियाओं और परिणामों की घोषणा को लेकर एक अत्यंत महत्वपूर्ण कानूनी मिसाल तय की है। अदालत ने स्पष्ट किया है कि यदि किसी भर्ती के विज्ञापन या संबंधित नियमों में सभी उम्मीदवारों के अंक सार्वजनिक करने का कोई विशिष्ट प्रावधान नहीं है, तो केवल अंक प्रकाशित न होने के आधार पर किसी भी उम्मीदवार को ‘सफल’ नहीं माना जा सकता। जस्टिस पामिदिघंतम श्री नरसिम्हा और जस्टिस आलोक अराधे की खंडपीठ ने यह फैसला सुनाते हुए कहा कि भर्ती संस्था के खिलाफ ऐसी स्थिति में कोई ‘प्रतिकूल अनुमान’ लगाना कानूनन गलत होगा।

कलकत्ता हाईकोर्ट का आदेश रद्द

सुप्रीम कोर्ट ने यह निर्णय ‘दुर्गापुर स्टील प्लांट’ (Durgapur Steel Plant) द्वारा दायर एक अपील पर सुनाया। मामले में कलकत्ता हाईकोर्ट ने पूर्व में प्रतिवादियों को ‘प्लांट अटेंडेंट’ पद पर नियुक्ति के लिए विचार करने का निर्देश दिया था। सुप्रीम कोर्ट ने इस आदेश को कानून के प्रतिकूल मानते हुए रद्द कर दिया है। अदालत ने पाया कि चयन प्रक्रिया एक स्वतंत्र एजेंसी द्वारा आयोजित की गई थी और नियमों के अनुसार केवल सफल उम्मीदवारों की सूची प्रकाशित की गई थी।

अंक प्रकाशित न होना विफलता का प्रमाण नहीं

जस्टिस आलोक अराधे द्वारा लिखे गए फैसले में कहा गया कि रिकॉर्ड में ऐसा कोई साक्ष्य मौजूद नहीं है जिससे यह साबित हो सके कि याचिकाकर्ता लिखित परीक्षा में उत्तीर्ण हुए थे। कुछ उम्मीदवारों का यह तर्क था कि उनके अंक सार्वजनिक नहीं किए गए, इसलिए उन्हें गलत तरीके से बाहर किया गया। इस पर अदालत ने कहा कि जब भर्ती विज्ञापन में ही अंक प्रकाशित करने की कोई अनिवार्यता नहीं थी, तो संस्था को दोषी नहीं ठहराया जा सकता।

रिकॉर्ड की उपलब्धता और स्पष्टीकरण

सुनवाई के दौरान यह तथ्य भी सामने आया कि काफी समय बीत जाने के कारण चयन प्रक्रिया से जुड़े पुराने रिकॉर्ड नष्ट हो चुके थे। भर्ती संस्था (अपीलकर्ता) ने इस संबंध में स्पष्टीकरण दिया कि नीति के तहत पुराने रिकॉर्ड सुरक्षित रखने की समय सीमा समाप्त हो चुकी थी। सुप्रीम कोर्ट ने इस स्पष्टीकरण को विश्वसनीय माना और कहा कि केवल रिकॉर्ड प्रस्तुत न कर पाने के कारण यह नहीं मान लिया जाना चाहिए कि अनुत्तीर्ण उम्मीदवार वास्तव में सफल रहे थे।

भर्ती संस्थाओं के लिए राहत

यह निर्णय आने वाले समय में विभिन्न सरकारी और निजी भर्ती संस्थाओं के लिए एक बड़ी राहत माना जा रहा है। अक्सर चयन प्रक्रिया के बाद असफल उम्मीदवार पारदर्शिता की आड़ में अदालतों का रुख करते हैं। सुप्रीम कोर्ट ने साफ कर दिया है कि न्यायिक हस्तक्षेप तभी संभव है जब स्थापित नियमों या विज्ञापन की शर्तों का स्पष्ट उल्लंघन हुआ हो। केवल धारणाओं या अनुमानों के आधार पर भर्ती प्रक्रिया को चुनौती नहीं दी जा सकती।

TAGGED:Candidate SelectionDurgapur Steel Plant CaseEmployment Law PrecedentJudicial News.Legal News IndiaMarks Publication PolicyRecruitment RulesSupreme Court Verdict
Share This Article
Facebook Copy Link Print
Leave a Comment Leave a Comment

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

HOT NEWS

फर्जीवाड़े पर रोडवेज की डिजिटल स्ट्राइक: ईटीआईएम मशीनों से सिंक होगा अभ्यर्थियों का डेटा, कंडक्टर करेंगे ऑनलाइन मिलान

जेडीए का डिजिटल प्रहार: डैशबोर्ड पर दिखेगा फाइल का पल-पल का अपडेट

राजस्थान स्कूटी योजना: अब टेंडर का झंझट खत्म, छात्राओं के बैंक खाते में सीधे आएंगे ₹70,000

महज 15 हजार बचाने के लिए दांव पर लगा खिलाड़ियों का भविष्य! जयपुर जिला एथलेटिक प्रतियोगिता में नियमों की अनदेखी

आईपीएल आज: विजयी रथ पर सवार गुजरात के सामने वापसी की तलाश में राजस्थान रॉयल्स

YOU MAY ALSO LIKE

अवैध छापेमारी का मामला: 26 साल बाद CBI के दो अफसरों को मिली 3 महीने की जेल

दिल्ली की एक अदालत ने मंगलवार को सीबीआई के दो अधिकारियों को 26 साल पुराने एक मामले में तीन महीने…

कानूनदिल्ली
April 29, 2026

आखिरी गेंद से पहले क्या हुई थी सीक्रेट बात? गिल ने खोला राज, जानें कैसे प्रसिद्ध कृष्णा ने कुलदीप को फंसाया और GT को जिताया

अरुण जेटली स्टेडियम में बुधवार, 8 अप्रैल को आईपीएल 2026 का सबसे यादगार मुकाबला खेला गया। शुभमन गिल की कप्तानी…

दिल्लीखेल
April 9, 2026

पशुपालन डिप्लोमा कॉलेजों पर गिरी गाज: बिना सरकारी अनुमति प्रवेश देने को हाईकोर्ट ने माना अवैध, यूनिवर्सिटी को दिए कड़े निर्देश

जोधपुर। राजस्थान हाईकोर्ट ने बिना वैध अनापत्ति प्रमाणपत्र (NOC) के संचालित हो रहे निजी पशुपालन डिप्लोमा संस्थानों के खिलाफ कड़ा…

कानून व्यवस्था विभागजोधपुरशिक्षा विभाग
May 13, 2026

राशन कार्ड धारकों की मौज: अप्रैल में ही मिलेगा 3 महीने का एडवांस राशन, केंद्र सरकार की बड़ी घोषणा

नई दिल्ली: देश के करोड़ों राशन कार्ड धारकों (Ration Card Holders) के लिए केंद्र सरकार ने एक बड़ी और राहत…

दिल्ली
March 21, 2026

The Public Hub is Jaipur’s premier weekly newspaper dedicated to high-impact investigative journalism. Focused on Rajasthan’s socio-political landscape, we deliver research-based deep dives and hard-hitting facts that go beyond the headlines. Registered under RNI: RJBIL/26.A0142, we are committed to accountability and the pursuit of truth.

Follow US: 

.

All Rights Reserved
Welcome Back!

Sign in to your account

Username or Email Address
Password

Lost your password?