Shraddha Kapoor: श्रद्धा कपूर ने ठुकराईं कई फिल्में, ‘स्त्री 2’ के बाद क्यों नहीं किया कोई प्रोजेक्ट साइन?

Shraddha Kapoor: श्रद्धा कपूर ने ठुकराईं कई फिल्में, 'स्त्री 2' के बाद क्यों नहीं किया कोई प्रोजेक्ट साइन?

Shraddha Kapoor: श्रद्धा कपूर ने ठुकराईं कई बड़ी फिल्में, करोड़ों की फीस भी नहीं कर पाई आकर्षित; ‘स्त्री 2’ के बाद क्यों चुना तीन साल का इंतजार?

‘मुझे अपने दिल की आवाज सुननी थी…’ श्रद्धा कपूर ने बताया क्यों नहीं साइन की कोई फिल्म, अब ‘ईथा’ से बड़े पर्दे पर वापसी की तैयारी

संवाददाता – द पब्लिक हब

बॉलीवुड में अक्सर देखा जाता है कि किसी फिल्म की बड़ी सफलता के बाद कलाकारों के पास लगातार नए प्रोजेक्ट्स की लाइन लग जाती है। खासकर जब कोई फिल्म बॉक्स ऑफिस पर शानदार प्रदर्शन करती है, तो उसके कलाकारों की मांग भी बढ़ जाती है। लेकिन अभिनेत्री श्रद्धा कपूर ने इस मामले में एक अलग ही रास्ता चुना। फिल्म ‘स्त्री 2’ की जबरदस्त सफलता के बाद उन्हें कई फिल्मों के ऑफर मिले। इतना ही नहीं, इन फिल्मों के लिए उन्हें मोटी रकम देने की पेशकश भी की गई। इसके बावजूद श्रद्धा ने किसी भी प्रोजेक्ट को तुरंत हरी झंडी नहीं दी। उन्होंने जल्दबाजी में फिल्में साइन करने के बजाय सही कहानी का इंतजार करना बेहतर समझा।

अब करीब तीन साल के लंबे अंतराल के बाद श्रद्धा कपूर अपनी आगामी फिल्म ‘ईथा’ के जरिए बड़े पर्दे पर वापसी करने जा रही हैं। उनकी इस वापसी को लेकर दर्शकों में काफी उत्सुकता है। इसी बीच अभिनेत्री ने सोशल मीडिया पर अपने फैसले के पीछे की वजह बताई है।

‘स्त्री 2’ के बाद मिले कई ऑफर, लेकिन कहानी को दी प्राथमिकता

श्रद्धा कपूर ने हाल ही में इंस्टाग्राम पर Ask Me Anything (AMA) सेशन के दौरान अपने करियर और फिल्मों से जुड़े सवालों के जवाब दिए। इस दौरान एक फॉलोअर ने उनसे पूछा कि युवा लड़कियां अपने करियर में सही फैसले कैसे लें और सफलता हासिल करने के लिए किन बातों का ध्यान रखें?

इस सवाल का जवाब देते हुए श्रद्धा ने अपने करियर का अनुभव साझा किया। उन्होंने बताया कि ‘स्त्री 2’ के बाद उनके पास कई फिल्मों के ऑफर आए थे। इन प्रोजेक्ट्स के लिए उन्हें पहले से ज्यादा फीस देने की पेशकश भी की गई थी। इसके बावजूद उन्होंने किसी फिल्म को साइन नहीं किया।

श्रद्धा के मुताबिक, उन्होंने पहले ही तय कर लिया था कि जब तक उन्हें कोई ऐसी कहानी नहीं मिलती, जिससे वह पूरी तरह जुड़ाव महसूस करें, तब तक वह किसी नए प्रोजेक्ट का हिस्सा नहीं बनेंगी।

अभिनेत्री ने कहा कि उनके दिल ने उन्हें धैर्य रखने की सलाह दी और उन्होंने उसी आवाज पर भरोसा किया। उनके अनुसार, कभी-कभी किसी चीज का इंतजार करना मुश्किल होता है, खासकर तब जब आप खुद भी जल्द काम शुरू करना चाहते हों। लेकिन आज उन्हें अपने उस फैसले पर गर्व है।

ज्यादा पैसे के बजाय सही कहानी का इंतजार

फिल्म इंडस्ट्री में किसी कलाकार के लिए लगातार काम करते रहना और सफलता के बाद ज्यादा से ज्यादा प्रोजेक्ट्स हासिल करना एक सामान्य बात है। लेकिन श्रद्धा कपूर का फैसला दिखाता है कि हर बड़ा ऑफर स्वीकार करना जरूरी नहीं होता।

अभिनेत्री ने साफ किया कि उनके सामने बेहतर फीस वाले कई विकल्प मौजूद थे, लेकिन उन्होंने केवल आर्थिक फायदे को अपने फैसले का आधार नहीं बनाया। वह ऐसी फिल्म करना चाहती थीं, जिसकी कहानी उन्हें पसंद आए और जिसमें काम करके उन्हें संतुष्टि मिले।

श्रद्धा ने अपने जवाब में कहा कि अपने दिल की छोटी-सी आवाज को सुनना जरूरी है। कई बार सही फैसला लेने के लिए धैर्य रखना पड़ता है और यह आसान नहीं होता। हालांकि, अगर इंसान अपने फैसले पर भरोसा बनाए रखे तो इंतजार का नतीजा अच्छा भी हो सकता है।

उनकी यह बात उन युवाओं के लिए भी एक संदेश है, जो करियर में जल्द सफलता पाने के दबाव में कई बार अपनी पसंद और प्राथमिकताओं से समझौता कर लेते हैं।

तीन साल बाद ‘ईथा’ से बड़े पर्दे पर वापसी

श्रद्धा कपूर अब अपनी अगली फिल्म ‘ईथा’ (Eetha) को लेकर चर्चा में हैं। इस फिल्म का निर्देशन लक्ष्मण उतेकर कर रहे हैं। फिल्म की कहानी महाराष्ट्र की मशहूर लोक कलाकार विठाबाई नारायणगांवकर के जीवन पर आधारित है।

विठाबाई नारायणगांवकर ने तमाशा और लावणी जैसी पारंपरिक लोककलाओं के जरिए अपनी अलग पहचान बनाई थी। फिल्म में श्रद्धा इसी प्रसिद्ध कलाकार के जीवन को पर्दे पर उतारती नजर आएंगी। यह भूमिका उनके पिछले किरदारों से काफी अलग मानी जा रही है और दर्शकों को उनके अभिनय का नया रूप देखने को मिल सकता है।

फिल्म में श्रद्धा के साथ रणदीप हुड्डा , मोहम्मद जीशान अय्यूब और सिद्धार्थ जाधव भी अहम भूमिकाओं में नजर आएंगे। NDTV की रिपोर्ट के मुताबिक, फिल्म 4 दिसंबर 2026 को सिनेमाघरों में रिलीज होने वाली है।

अभिनय के अलावा मनोवैज्ञानिक बनना चाहतीं तो कैसी रहतीं श्रद्धा?

इंस्टाग्राम पर बातचीत के दौरान श्रद्धा कपूर ने यह भी बताया कि अगर वह अभिनेत्री नहीं होतीं तो शायद किसी दूसरे पेशे में अपना करियर बनातीं। उन्होंने मजाकिया अंदाज में कहा कि वह लोगों के राज अपने तक रखने में अच्छी हैं, इसलिए संभव है कि वह एक अच्छी मनोवैज्ञानिक बन सकती थीं।

हालांकि, उन्होंने यह भी मजाक में कहा कि उन्हें खुद इस बात का भरोसा नहीं है कि वह लोगों की समस्याओं को सुलझाने में कितनी मदद कर पातीं। हो सकता है कि उनके पास अपनी परेशानी लेकर आने वाले लोग पहले से ज्यादा चिंतित होकर वापस जाते। इसी वजह से उन्हें लगता है कि अभिनय का क्षेत्र उनके लिए बेहतर विकल्प रहा।

फिलहाल श्रद्धा कपूर की वापसी और उनकी फिल्म ‘ईथा’ को लेकर दर्शकों की नजरें टिकी हुई हैं। ‘स्त्री 2’ की सफलता के बाद उन्होंने जिस तरह बड़े ऑफर्स और मोटी फीस के बजाय अपनी पसंद की कहानी का इंतजार किया, वह उनके करियर का एक अहम फैसला माना जा रहा है। अब देखना होगा कि ‘ईथा’ दर्शकों के बीच कितना प्रभाव छोड़ पाती है।

 

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *