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Reading: एनडीपीएस एक्ट की धारा 68-F का चला चाबुक; तस्कर परिवार के बैंक खातों में मिले 3.32 करोड़ के संदिग्ध ट्रांजैक्शन
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अपराधजयपुर

एनडीपीएस एक्ट की धारा 68-F का चला चाबुक; तस्कर परिवार के बैंक खातों में मिले 3.32 करोड़ के संदिग्ध ट्रांजैक्शन

By The Public Hub
Last updated: May 19, 2026
5 Min Read

जयपुर। राजस्थान में मादक पदार्थों के सौदागरों और नशा माफियाओं की कमर तोड़ने के लिए पुलिस ने अब उनकी ‘आर्थिक रीढ़’ पर प्रहार करना शुरू कर दिया है। इसी कड़ी में बारां जिला पुलिस ने ‘ऑपरेशन वज्र प्रहार’ के तहत ड्रग्स तस्करों के खिलाफ प्रदेश की अब तक की सबसे बड़ी और ऐतिहासिक आर्थिक सर्जिकल स्ट्राइक को अंजाम दिया है। पुलिस ने एनडीपीएस (NDPS) एक्ट की विशेष धारा 68-एफ के तहत कार्रवाई करते हुए, काली कमाई से खड़ी की गई करीब 5 करोड़ 82 लाख रुपये की चल-अचल संपत्तियों को स्थायी रूप से फ्रीज (Ceed) कराने की विधिक प्रक्रिया शुरू कर दी है।

Contents
कैसे हुआ तस्कर परिवार की अकूत संपत्ति का भंडाफोड़?संदिग्ध बैंक लेनदेन और चल-अचल संपत्तियांफ्रीजिंग के दायरे में आईं ये संपत्तियांदिल्ली से मिला फाइनल अप्रूवल, अन्य एजेंसियां भी हुईं एक्टिव

जिला पुलिस अधीक्षक अभिषेक अंदासु ने बताया कि तस्करों के खिलाफ ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति के तहत यह बड़ी कार्रवाई की गई है। इस कार्रवाई के बाद अब कुख्यात तस्कर और उसके परिवार के सदस्य इन संपत्तियों को न तो बेच पाएंगे और न ही किसी को ट्रांसफर कर सकेंगे।

कैसे हुआ तस्कर परिवार की अकूत संपत्ति का भंडाफोड़?

दो गंभीर मुकदमों से जुड़ी हैं कड़ियां

एसपी अभिषेक अंदासु के अनुसार, थाना छीपाबड़ौद क्षेत्र के निवासी कुख्यात तस्कर किशोर कुमार मीणा, उसके भाई घनश्याम मीणा और पत्नी अनिता मीणा के खिलाफ पूर्व में वाणिज्यिक मात्रा (Commercial Quantity) में मादक पदार्थ तस्करी के दो गंभीर मामले दर्ज हैं। इन मामलों में पुलिस ने पूर्व में कुल 263 किलोग्राम डोडा-चूरा जब्त किया था, जिसकी अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत लगभग 39.45 लाख रुपये आंकी गई थी। इसी को आधार बनाकर पुलिस की विशेष टीम ने इन आरोपियों के वित्तीय स्रोतों और अघोषित आय की गोपनीय जांच शुरू की थी।

संदिग्ध बैंक लेनदेन और चल-अचल संपत्तियां

बारां पुलिस द्वारा किए गए गहन आर्थिक अनुसंधान (Financial Investigation) में चौंकाने वाले खुलासे हुए:

  • संदिग्ध बैंक बैलेंस: तीनों आरोपियों के अलग-अलग बैंक खातों में पिछले कुछ वर्षों में कुल 3 करोड़ 32 लाख रुपये जमा किए गए, जबकि उनकी वैध आय या खेती-बाड़ी का कोई ठोस स्रोत नहीं मिला।
  • अचल व चल संपत्ति: इसके अलावा तस्कर परिवार द्वारा बनाई गई करीब 2.50 करोड़ रुपये मूल्य की भौतिक संपत्तियों को चिन्हित किया गया।

फ्रीजिंग के दायरे में आईं ये संपत्तियां

संपत्ति का प्रकारविवरणवर्तमान स्थिति
आलीशान आवासदो मंजिला भव्य व आधुनिक सुख-सुविधाओं से लैस मकानविधिक रूप से फ्रीज, उपयोग व बिक्री पर रोक।
लक्जरी वाहनमहिंद्रा स्कॉर्पियो कार, मारुति सुजुकी कार, ट्रैक्टरपुलिस द्वारा सीज, जब्ती की कार्रवाई जारी।
दोपहिया वाहनभारी इंजन वाली मोटरसाइकिल और स्कूटीपरिवहन विभाग के रिकॉर्ड में ट्रांसफर पर रोक।
बैंक खातेविभिन्न बैंकों के कुल संदिग्ध खातेविड्रॉल (पैसा निकालने) पर पूरी तरह प्रतिबंध।

दिल्ली से मिला फाइनल अप्रूवल, अन्य एजेंसियां भी हुईं एक्टिव

थानाधिकारी छीपाबड़ौद द्वारा तैयार की गई विस्तृत आर्थिक अनुसंधान रिपोर्ट और पुख्ता दस्तावेजों को भारत सरकार के वित्त मंत्रालय के अंतर्गत नई दिल्ली स्थित सक्षम प्राधिकारी (Competent Authority) के समक्ष प्रस्तुत किया गया था। पुलिस की मजबूत केस फाइल के आधार पर दिल्ली से एनडीपीएस एक्ट की धारा 68-एफ के तहत इन संपत्तियों को स्थायी रूप से फ्रीज करने का औपचारिक अनुमोदन (Approval) प्राप्त हो चुका है।

आयकर और जीएसटी की दोहरी मार

बारां पुलिस की इस बड़ी चोट के बाद अब केंद्र और राज्य सरकार की अन्य वित्तीय विंग्स भी एक्टिव हो गई हैं। आरोपियों की आय से अधिक संपत्ति (DA Case) को लेकर आयकर विभाग (Income Tax) ने अपनी अलग जांच शुरू कर दी है। वहीं, संपत्तियों की खरीद-फरोख्त में इस्तेमाल हुए संदिग्ध नोटरीकृत दस्तावेजों की जांच स्टांप विभाग तथा आरोपियों द्वारा दिखाई गई कथित फर्जी फर्मों के टैक्स चोरी के मामलों की जांच जीएसटी (GST) और मनी लॉन्ड्रिंग के एंगल से की जा रही है।

इस पूरी कार्रवाई को अंजाम देने में छीपाबड़ौद थानाधिकारी योगेश चौहान, एसपी ऑफिस के विनोद कुमार, विमलेश मेहता, कांस्टेबल अनिल कुमार और कंवरपाल की विशेष व सराहनीय भूमिका रही।

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