Andhra Pradesh School Attack: स्कूल में घुसकर 10वीं की छात्रा पर चेनसॉ से हमला, एक छात्रा की मौत से मचा हड़कंप

Andhra Pradesh School Attack

Andhra Pradesh School Attack: स्कूल में घुसकर 10वीं की छात्रा पर चेनसॉ से हमला, एक छात्रा की मौत से मचा हड़कंप

आंध्र प्रदेश: स्कूल को बच्चों के लिए सबसे सुरक्षित जगह माना जाता है, लेकिन आंध्र प्रदेश के अनंतपुर जिले से सामने आई एक घटना ने इस भरोसे को झकझोर दिया है। यहां राप्ताडु मंडल के एक सरकारी स्कूल में कक्षा 10वीं की छात्रा पर एक युवक ने चेनसॉ (पेड़ काटने वाली इलेक्ट्रिक मशीन) से हमला कर दिया। इस हमले में दो छात्राएं घायल हो गईं। TPH की रिपोर्ट के अनुसार, हमले में एक छात्रा की मौत हो गई। घटना के बाद स्कूल परिसर में अफरा-तफरी मच गई। पुलिस आरोपी की तलाश में जुटी है।

क्लास चल रही थी, तभी स्कूल में घुसा हमलावर

TPH की रिपोर्ट के मुताबिक, यह घटना शनिवार 31 अक्टूबर 2026 की सुबह करीब 10:30 बजे आंध्र प्रदेश के अनंतपुर जिले के राप्ताडु गांव स्थित जिला परिषद हाई स्कूल (Zilla Parishad High School) में हुई। घटना के समय स्कूल में कक्षा 10वीं की पढ़ाई चल रही थी। छात्र-छात्राएं अपनी कक्षा में मौजूद थे और शिक्षक भी पढ़ा रहे थे।

इसी दौरान करीब 21 वर्षीय एक युवक कथित तौर पर हाथ में चेनसॉ लेकर कक्षा में पहुंचा। इससे पहले कि वहां मौजूद लोग कुछ समझ पाते, उसने दो छात्राओं पर हमला कर दिया। अचानक हुई इस घटना से कक्षा में मौजूद विद्यार्थियों और शिक्षकों में दहशत फैल गई।

दो छात्राएं हुईं हमले का शिकार

रिपोर्ट के अनुसार, हमले में दो छात्राएं घायल हुईं। दोनों को तत्काल इलाज के लिए अनंतपुर के सरकारी जनरल अस्पताल (Government General Hospital) ले जाया गया। इनमें एक छात्रा की हालत बेहद गंभीर बताई गई थी। TPH की खबर के शीर्षक में एक छात्रा की मौत की जानकारी दी गई है।

घटना के समय कक्षा में शिक्षक मौजूद थे और पढ़ाई चल रही थी। स्कूल के भीतर इस तरह का हमला होने से विद्यार्थियों और स्कूल स्टाफ में डर का माहौल बन गया। अचानक हुए हमले के बाद स्कूल परिसर में अफरा-तफरी मच गई।

आरोपी की पहचान हेमंत उर्फ डुम्मू के रूप में

पुलिस से मिली शुरुआती जानकारी के अनुसार, हमले के आरोपी की पहचान हेमंत उर्फ डुम्मू के रूप में हुई है। वह धर्मावरम कस्बे का रहने वाला बताया जा रहा है। उसकी उम्र करीब 21 साल बताई गई है।

हमले के बाद आरोपी स्कूल से फरार हो गया। पुलिस उसकी तलाश में जुटी है और उसे पकड़ने के लिए अभियान चलाया जा रहा है। फिलहाल पुलिस घटना के पूरे घटनाक्रम को समझने के साथ-साथ हमले के पीछे की वजह का भी पता लगा रही है।

अभी तक हमले के कारणों को लेकर कोई अंतिम जानकारी सामने नहीं आई है। पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि आरोपी स्कूल में किस उद्देश्य से पहुंचा था और छात्राओं को निशाना बनाने के पीछे उसकी क्या मंशा थी।

मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू ने जताया आक्रोश

घटना की जानकारी सामने आने के बाद आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू ने इस पर कड़ी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट कर स्कूल के भीतर छात्रा पर हुए हमले को बेहद बर्बर बताया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि स्कूल में पढ़ने वाली बच्चियों को निशाना बनाने वाले लोगों के लिए समाज में कोई जगह नहीं है। उन्होंने छात्रा के इलाज को सर्वोच्च प्राथमिकता देने के निर्देश दिए और कहा कि वह उसकी स्वास्थ्य स्थिति पर व्यक्तिगत रूप से नजर रख रहे हैं।

इसके साथ ही उन्होंने पुलिस अधिकारियों को आरोपी को जल्द गिरफ्तार करने और उसके खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

शिक्षा मंत्री नारा लोकेश ने भी जताई नाराजगी

आंध्र प्रदेश के शिक्षा मंत्री नारा लोकेश ने भी इस घटना पर दुख और आक्रोश व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि स्कूल ऐसी जगह है, जहां बच्चों को सुरक्षित माहौल में शिक्षा मिलनी चाहिए। वहां इस तरह की हिंसक घटना बेहद निंदनीय है।

उन्होंने स्पष्ट किया कि बच्चियों और महिलाओं की सुरक्षा सर्वोपरि है और इस तरह की घटनाओं को किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। मुख्यमंत्री के निर्देश पर पुलिस को जल्द और सख्त कार्रवाई करने के लिए कहा गया है।

स्कूलों की सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल

इस घटना ने एक बार फिर स्कूलों में विद्यार्थियों की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। आखिर कोई बाहरी व्यक्ति हथियार जैसी खतरनाक मशीन लेकर स्कूल के अंदर कैसे पहुंच गया? क्या स्कूल में प्रवेश करने वाले लोगों की जांच की पर्याप्त व्यवस्था थी? इन सवालों के जवाब पुलिस जांच और संबंधित अधिकारियों की रिपोर्ट के बाद ही सामने आएंगे।

फिलहाल पुलिस आरोपी की तलाश कर रही है और हमले के पीछे की वजह का पता लगाने में जुटी है। इस घटना ने न केवल अनंतपुर बल्कि पूरे आंध्र प्रदेश में चिंता पैदा कर दी है। स्कूलों में बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित करना अब एक बार फिर बड़ी प्राथमिकता बन गया है।

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