जयपुर: मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने स्पष्ट किया है कि केंद्र सरकार द्वारा सहायता प्राप्त योजनाओं में मिलने वाली वित्तीय निधि का उपयोग निर्धारित समय-सीमा के भीतर किया जाए। उन्होंने कहा कि समय पर फंड का इस्तेमाल सुनिश्चित होने से ही केंद्र से राज्य को निरंतर निधि हस्तांतरण (Fund Transfer) संभव हो सकेगा । गुरुवार को मुख्यमंत्री कार्यालय में आयोजित एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते हुए श्री शर्मा ने अधिकारियों को इन योजनाओं की वित्तीय प्रगति और लाभार्थियों तक पहुंच की निरंतर निगरानी करने के निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री ने जोर देकर कहा कि ये योजनाएं राज्य के सर्वांगीण विकास के साथ-साथ महिला, युवा, किसान और मजदूर सहित समाज के सभी वर्गों के उत्थान का प्रमुख आधार हैं। शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों के बुनियादी ढांचे में सुधार के लिए इन योजनाओं की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से कहा कि इन योजनाओं के तहत प्राप्त होने वाली निधि का लाभ अंतिम छोर पर बैठे व्यक्ति तक पहुंचना चाहिए, ताकि उन्हें वास्तविक राहत मिल सके ।
प्रक्रिया में तेजी लाने के निर्देश
बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने विभिन्न विभागों के अंतर्गत संचालित योजनाओं के क्रियान्वयन की स्थिति का जायजा लिया। उन्होंने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि केंद्र से अपेक्षित राशि जारी करवाने के प्रयासों में तेजी लाई जाए और प्राप्त राशि के उपयोग में किसी भी प्रकार की देरी न हो।
इन विभागों की योजनाओं की हुई समीक्षा: बैठक में मुख्य रूप से निम्नलिखित विभागों की केंद्रीय योजनाओं की वित्तीय प्रगति पर चर्चा की गई:
- चिकित्सा एवं स्वास्थ्य (राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन)
- चिकित्सा शिक्षा एवं स्कूल शिक्षा
- स्वायत्त शासन, कृषि एवं उद्यानिकी
- ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज
- सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता तथा समेकित बाल विकास सेवाएं
इस उच्च स्तरीय बैठक में मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास सहित विभिन्न विभागों के अतिरिक्त मुख्य सचिव, प्रमुख शासन सचिव और अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। मुख्यमंत्री ने अंत में पुनः दोहराया कि वित्तीय प्रगति और पारदर्शिता के साथ योजनाओं का लाभ लाभार्थियों तक पहुँचाना ही प्रशासन का मुख्य ध्येय होना चाहिए।
