जोधपुर। ‘डिजिटल अरेस्ट’ (Digital Arrest) के जरिए मासूम नागरिकों को डराकर करोड़ों रुपये ऐंठने वाले शातिर साइबर अपराधियों के खिलाफ जोधपुर कमिश्नरेट पुलिस ने एक और बड़ी और सनसनीखेज सफलता हासिल की है। पुलिस ने एक महिला से 1.85 करोड़ रुपये की रिकॉर्ड ठगी करने वाले गिरोह के एक और मुख्य सह-आरोपी को करीब 500 किलोमीटर तक फिल्मी अंदाज में पीछा कर सवाई माधोपुर जिले से दबोच लिया है।
इस हाई-टेक मामले में जोधपुर पुलिस अब तक कुल 5 शातिर ठगों को गिरफ्तार कर चुकी है। पुलिस की त्वरित वित्तीय नाकाबंदी के चलते पीड़ित महिला को 40 लाख रुपये रिफंड (वापस) करवा दिए गए हैं, जबकि 22 लाख रुपये की अतिरिक्त ठगी होने से ऐन वक्त पर बचा लिया गया।
व्हाट्सएप कॉल से बुना था ‘डिजिटल अरेस्ट’ का जाल
जोधपुर कमिश्नरेट के साइबर पुलिस थाने में 23 फरवरी 2026 को पीड़ित महिला ने एक बेहद खौफनाक आपबीती सुनाते हुए मामला दर्ज कराया था। महिला के अनुसार:
- अज्ञात साइबर ठगों ने उसे एक व्हाट्सएप (WhatsApp) वीडियो कॉल किया और खुद को केंद्रीय जांच एजेंसी का बड़ा अधिकारी बताया।
- ठगों ने महिला को डराया कि उसके नाम पर जारी पहचान पत्र (आईडी कार्ड) का इस्तेमाल देश के खिलाफ किसी बड़े वित्तीय और संगीन अपराध में हुआ है।
- कानूनी कार्रवाई और बदनामी का खौफ दिखाकर ठगों ने महिला को कई दिनों तक कैमरे के सामने ही रहने (डिजिटल अरेस्ट) पर मजबूर किया।
- इस मानसिक प्रताड़ना के बीच, अपराधियों ने दबाव बनाकर महिला के बैंक खातों से कुल 1.85 करोड़ रुपये अपने अलग-अलग डमी बैंक अकाउंट्स में ऑनलाइन ट्रांसफर करवा लिए।
जोधपुर पुलिस की त्वरित कार्रवाई (केस फाइल)
| पैरामीटर | पुलिस इन्वेस्टिगेशन का पूरा ब्योरा |
| कुल ठगी की राशि | ₹1 करोड़ 85 लाख रुपये |
| पुलिस की त्वरित रिकवरी | ₹40 लाख रुपये बैंक स्तर पर फ्रीज करवाकर रिफंड कराए। |
| अतिरिक्त बचत | समय रहते ₹22 लाख रुपये के अगले ट्रांजैक्शन को ब्लॉक किया। |
| अब तक कुल गिरफ्तारियां | मुख्य सरगना सहित 5 आरोपी सलाखों के पीछे। |
500 किलोमीटर तक पीछा कर दबोचा गया आरोपी जनकराज
पुलिस आयुक्त (कमिश्नर) शरत कविराज और पुलिस उपायुक्त (मुख्यालय) शाहीन सी. के सख्त निर्देशों पर गठित विशेष साइबर टीम ने जब तकनीकी अनुसंधान और मोबाइल लोकेशन को ट्रैक किया, तो मुख्य कड़ियां सवाई माधोपुर जिले से जुड़ीं।
अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त (त्वरित अनुसंधान इकाई) धन्ना राम के सुपरविजन और एसीपी पदमदान चारण के नेतृत्व में साइबर थाना पुलिस ने जाल बिछाया। पुलिस टीम ने हाइवे और ग्रामीण रास्तों पर लगातार 500 किलोमीटर तक संदिग्ध मूवमेंट पर निगरानी रखी और अंततः आरोपी जनकराज (25) पुत्र भागचंद मीणा, निवासी पिलौदा (जिला सवाई माधोपुर) को सफलतापूर्वक दबोच लिया। इस पूरी साहसिक कार्रवाई में पुलिस निरीक्षक सुरेश सारण, सहायक उप निरीक्षक जमशेद खां तथा कांस्टेबल महेंद्र की विशेष और सराहनीय भूमिका रही।
जोधपुर पुलिस की आमजन से ‘एडवाइजरी’
कमिश्नरेट पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि भारत में कानूनन ‘डिजिटल अरेस्ट’ जैसा कोई प्रावधान नहीं है। कोई भी वास्तविक पुलिस या सरकारी जांच एजेंसी कभी भी व्हाट्सएप या स्काइप वीडियो कॉल पर किसी को अरेस्ट नहीं करती और न ही पैसे ट्रांसफर करने की मांग करती है। यदि कोई आपको इस तरह डराए, तो तुरंत फोन काटें और गृह मंत्रालय के साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर कॉल कर अपनी शिकायत दर्ज कराएं।