Friday, Apr 17, 2026

Weekly Newspaper

The Public Hub
Login
  • Home
  • राजस्थान
  • विभाग
  • जुर्म
  • धर्म
  • भारत
Reading: जयपुर में हाउसिंग बोर्ड की महा-जीत: ₹2200 करोड़ की जमीन से हटेगा ‘रसूखदारों’ का कब्जा, हाईकोर्ट ने रद्द किए अवैध पट्टे
Share
E-Paper
Font ResizerAa
The Public HubThe Public Hub
  • E-Paper
  • राजस्थान
  • जुर्म
  • कानून
  • योजना
  • धर्म
  • भारत
  • शिक्षा विभाग
Search
  • Home
  • E-Paper
  • Privacy Policy
  • About us
  • Terms and Conditions
  • Contact
Follow US
Made by ThemeRuby using the Foxiz theme. Powered by WordPress
जयपुर

जयपुर में हाउसिंग बोर्ड की महा-जीत: ₹2200 करोड़ की जमीन से हटेगा ‘रसूखदारों’ का कब्जा, हाईकोर्ट ने रद्द किए अवैध पट्टे

By The Public Hub
Last updated: April 11, 2026
3 Min Read

राजधानी के बी टू (B2) बाईपास चौराहा स्थित बेशकीमती जमीन को लेकर पिछले तीन दशकों से चल रही कानूनी जंग आखिरकार अपने अंजाम तक पहुँच गई है। राजस्थान हाईकोर्ट ने एक ऐतिहासिक फैसले में श्रीराम कॉलोनी की करीब 42 बीघा 10 बिस्वा भूमि पर राजस्थान आवासन मंडल (RHB) के स्वामित्व को सही ठहराया है। मंडल अधिकारियों के अनुसार, इस जमीन का वर्तमान बाजार मूल्य ₹2200 करोड़ से भी अधिक आंका जा रहा है।

Contents
हाईकोर्ट का कड़ा रुख: ‘गलत तथ्यों पर मिला आदेश अवैध’विवाद की जड़: 1981 से 2026 तक का सफरअब क्या करेगा आवासन मंडल?

हाईकोर्ट का कड़ा रुख: ‘गलत तथ्यों पर मिला आदेश अवैध’

न्यायाधीश गणेश राम मीणा ने आवासन मंडल की याचिका को स्वीकार करते हुए निजी पक्षकारों की तीन याचिकाओं को खारिज कर दिया। कोर्ट ने अपने फैसले में कई महत्वपूर्ण टिप्पणियां कीं:

  • 2002 का आदेश रद्द: कोर्ट ने 12 फरवरी 2002 को गलत तथ्यों के आधार पर जारी पिछले आदेश को सिरे से खारिज कर दिया।
  • स्वामित्व पर स्पष्टता: अदालत ने साफ कहा कि केवल ‘विक्रय करार’ (Sale Agreement) से मालिकाना हक हस्तांतरित नहीं होता।
  • नियमन अवैध: जेडीए द्वारा 29 मई 1995 को जारी योजना स्वीकृति और 1981 के विक्रय करार को अवैध मानते हुए शून्य घोषित कर दिया गया है।

विवाद की जड़: 1981 से 2026 तक का सफर

यह पूरा मामला जवाहरपुरी भवन निर्माण सहकारी समिति से शुरू हुआ था, जिसने 1981 में विक्रय समझौते के आधार पर श्रीराम कॉलोनी-बी योजना विकसित करने का दावा किया था।

  • अधिग्रहण: वर्ष 1989 में आवासन मंडल ने भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया शुरू की, जो 4 जनवरी 1991 को पूरी हुई।
  • फर्जीवाड़ा: वर्ष 2019 की जांच रिपोर्ट में सामने आया कि अधिग्रहण से पहले वहां कोई योजना अस्तित्व में ही नहीं थी।
  • NOC से इनकार: तत्कालीन आवासन मंडल आयुक्त पवन अरोड़ा ने 2019 में जेडीए को एनओसी देने से साफ इनकार कर दिया था, जिसके बाद सोसाइटी के खिलाफ प्राथमिकी भी दर्ज की गई थी।

अब क्या करेगा आवासन मंडल?

विवादित भूमि पर फिलहाल केवल बाउंड्रीवाल और कुछ कच्चे कमरे बने हुए हैं। हाईकोर्ट से हरी झंडी मिलने के बाद मंडल ने अपनी रणनीति तैयार कर ली है:

  1. कब्जा और बोर्ड: जमीन पर कब्जा लेकर तुरंत हाउसिंग बोर्ड की संपत्ति होने के बोर्ड लगाए जाएंगे।
  2. सुरक्षा: पूरी जमीन की तारबंदी और बाउंड्रीवाल की जाएगी।
  3. अतिक्रमण हटाना: पुलिस के सहयोग से मौके पर बने अवैध टीन शेड और बाउंड्रीवाल को ध्वस्त किया जाएगा।
  4. कानूनी कवच: मंडल जल्द ही इस मामले में ‘कैवियट’ (Caveat) लगाने जा रहा है ताकि आगे की कार्रवाई में कोई रुकावट न आए।

आवासन मंडल आयुक्त अरविंद पोसवाल ने कहा कि फैसले का अध्ययन करवाया जा रहा है और उसी के आधार पर जल्द ही धरातल पर कार्रवाई शुरू की जाएगी।

TAGGED:Arvind Poswal RHBB2 Bypass Jaipur Land DisputeJaipur High Court VerdictRajasthan Housing BoardShriram Colony Jaipur
Share This Article
Facebook Copy Link Print
Leave a Comment Leave a Comment

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

HOT NEWS

रसोई में स्कूल और कबाड़ में बचपन! पारवा में बिना मान्यता वाला ‘फर्जी’ स्कूल सीज

77वां राजस्थान पुलिस स्थापना दिवस: CM भजनलाल शर्मा की बड़ी घोषणाएं; पिछले 2 वर्षों में 18.77% घटा अपराध

हाईकोर्ट ने कहा- दिव्यांगता जांच के लिए बार-बार नहीं बुला सकते; पुनर्मूल्यांकन के बाद फिर से बुलाना गलत

झटकेदार खबर: राजस्थान में बेरोजगारी भत्ते के लिए तरसेंगे युवा, बजट और प्रशासनिक पेचीदगियों में फंसी स्कीम

डॉक्टर से फॉर्मूला सीखकर असिस्टेंट ने शुरू किया अवैध कारोबार, युगांडा से कोरिया तक ‘TRIMIX’ की तस्करी

YOU MAY ALSO LIKE

SI भर्ती-2021 पर हाईकोर्ट का ‘हंटर’: “प्रवेश पत्र पर फोटो ही साफ नहीं, तो डमी अभ्यर्थी कैसे रुकते?

राजस्थान में सब-इंस्पेक्टर (SI) भर्ती-2021 को लेकर चल रहे कानूनी विवाद में राजस्थान हाईकोर्ट ने बेहद सख्त रुख अख्तियार किया…

जयपुरशिक्षा विभाग
April 6, 2026

राजस्थान डेयरी सेक्टर में बड़ा बदलाव: मुख्यमंत्री ने दिए मिल्क कलेक्शन बढ़ाने और मिलावट पर ‘जीरो टॉलरेंस’ के निर्देश

राजस्थान में डेयरी क्षेत्र को नई ऊंचाइयों पर ले जाने के उद्देश्य से मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की अध्यक्षता में एक…

जयपुर
April 4, 2026

‘हरियालो राजस्थान’ मिशन: मानसून में लगेंगे 10 करोड़ पौधे, सीएम भजनलाल शर्मा ने दिए कड़े निर्देश

मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने प्रदेश को हरा-भरा बनाने की दिशा में एक बड़ी पहल करते हुए ‘हरियालो राजस्थान’ अभियान का…

जयपुरवन विभाग
April 5, 2026

जयपुर की सड़कों पर अब आसमान से नजर: ट्रैफिक पुलिस की टीम हुई दोगुनी, अतिक्रमण पर चलेगा सरकार का डंडा

जयपुर की सड़कों पर रोजाना लगने वाले लंबे जाम और ट्रैफिक की किच-किच से जनता को निजात दिलाने के लिए…

जयपुरपरिवहन विभाग
April 14, 2026

The Public Hub is Jaipur’s premier weekly newspaper dedicated to high-impact investigative journalism. Focused on Rajasthan’s socio-political landscape, we deliver research-based deep dives and hard-hitting facts that go beyond the headlines. Registered under RNI: RJBIL/26.A0142, we are committed to accountability and the pursuit of truth.

Follow US: 

.

All Rights Reserved
Welcome Back!

Sign in to your account

Username or Email Address
Password

Lost your password?