Friday, Jun 5, 2026

Weekly Newspaper

The Public Hub
Login
  • Home
  • राजस्थान
  • विभाग
  • जुर्म
  • धर्म
  • भारत
Reading: पैसे देकर भी खरीद रहे ‘जहर’! राजस्थान में एंटीबायोटिक से लेकर बच्चों तक की 133 ब्रांडेड दवाएं अमानक घोषित
Share
E-Paper
Font ResizerAa
The Public HubThe Public Hub
  • E-Paper
  • राजस्थान
  • जुर्म
  • कानून
  • योजना
  • धर्म
  • भारत
  • शिक्षा विभाग
Search
  • Home
  • E-Paper
  • Privacy Policy
  • About us
  • Terms and Conditions
  • Contact
Follow US
Made by ThemeRuby using the Foxiz theme. Powered by WordPress

Home - जयपुर - पैसे देकर भी खरीद रहे ‘जहर’! राजस्थान में एंटीबायोटिक से लेकर बच्चों तक की 133 ब्रांडेड दवाएं अमानक घोषित

जयपुरस्वास्थ्य विभाग

पैसे देकर भी खरीद रहे ‘जहर’! राजस्थान में एंटीबायोटिक से लेकर बच्चों तक की 133 ब्रांडेड दवाएं अमानक घोषित

By The Public Hub
Last updated: May 25, 2026
5 Min Read

जयपुर। राजस्थान में अक्सर सरकारी अस्पतालों में मिलने वाली निःशुल्क दवाओं की गुणवत्ता पर सवाल उठते रहे हैं, लेकिन अब बाजार में बिकने वाली महंगी और ‘ब्रांडेड’ दवाओं की चौंकाने वाली हकीकत सामने आई है। राजस्थान के औषधि नियंत्रण आयुक्तालय (Drug Control Commissionerate) की पिछले सात महीने की जांच रिपोर्ट ने एक बड़े फर्जीवाड़े का खुलासा किया है। प्रदेश में 133 ब्रांडेड दवाएं जांच में बेकार और अमानक साबित हुई हैं।

Contents
3 साल में 217 दवाएं फेल, 25 निकलीं ‘नकली’बिना लाइसेंस चल रहा मौत का कारोबारनिःशुल्क बनाम ब्रांडेड: कहां हो रही है चूक?कब कितने सैंपल हुए फेल? (अक्टूबर 2025 से मई 2026 तक)विभाग का क्या कहना है?

जिन दवाओं को लोग ‘ब्रांडेड’ मानकर ज्यादा कीमत देकर खरीद रहे थे, उन्हीं में बीमारी को ठीक करने वाला सक्रिय तत्व (Active Ingredient) या तो मानकों से बेहद कम मिला या पूरी तरह से गायब था।

3 साल में 217 दवाएं फेल, 25 निकलीं ‘नकली’

औषधि नियंत्रण विभाग के आंकड़ों के अनुसार, पिछले तीन सालों में सरकारी लैब में जांची गई 217 दवाएं ‘नॉट ऑफ स्टैंडर्ड क्वालिटी’ (NSQ) घोषित हुई हैं। इनमें से 25 सैंपल पूरी तरह से नकली (Spurious) पाए गए। सबसे ज्यादा चिंताजनक बात यह है कि 133 तरह की ब्रांडेड दवाएं और कॉस्मेटिक उत्पाद भी जांच में फेल हो गए हैं। ये दवाएं जयपुर, बद्दी, देहरादून, हरिद्वार, पालघर, गुजरात और हिमाचल प्रदेश की विभिन्न कंपनियों द्वारा बनाई गई थीं।

इन गंभीर बीमारियों की दवाएं हुईं फेल:

  • दवाओं की श्रेणियां: एसिडिटी, एंटीबायोटिक, एलर्जी, खांसी, डिप्रेशन, दर्द, मल्टीविटामिन और बच्चों की दवाएं।
  • शून्य असर: एलर्जी की एक दवा में तो इलाज करने वाला सक्रिय तत्व ही शून्य (Zero) मिला।
  • तत्वों की कमी: कई एंटीबायोटिक दवाओं में क्लेव्यूलैनिक एसिड नहीं मिला, जबकि मल्टीविटामिन टैबलेट में जरूरी ‘विटामिन डी’ मानकों से काफी कम पाया गया।

बिना लाइसेंस चल रहा मौत का कारोबार

राजस्थान में नकली और अमानक दवाओं का नेटवर्क लगातार फैल रहा है। दिसंबर 2025 में जयपुर की एक फर्म पर हुई बड़ी कार्रवाई के दौरान ₹3.73 करोड़ की दवाएं जब्त की गई थीं। जांच में पता चला कि यह फर्म बिना किसी वैध लाइसेंस के नकली और अमानक दवाओं के बड़े कारोबार में शामिल थी।

इन्हें मिल चुकी है सजा (कोर्ट की कार्रवाई):

नकली दवा बेचने और बनाने के आरोप में दोषियों को सजा भी सुनाई जा चुकी है:

  • लोकेश चंचलानी: 3 साल की कैद, ₹1 लाख जुर्माना।
  • दुर्गा मेडिकल एजेंसी: 1 साल की कैद, ₹20 हजार जुर्माना।
  • प्रेम लालवानी: 3 साल की कैद, ₹50 हजार जुर्माना।
  • हनुमान खंडेलवाल: 3 साल की कैद, ₹10 हजार जुर्माना।

निःशुल्क बनाम ब्रांडेड: कहां हो रही है चूक?

सरकारी और बाजार की दवाओं की जांच प्रक्रिया में एक बड़ा अंतर है:

  • सरकारी (निःशुल्क) दवाओं की त्रिस्तरीय जांच:
    1. निर्माता स्तर पर गुणवत्ता परीक्षण।
    2. राजस्थान मेडिकल सर्विसेज कॉरपोरेशन लिमिटेड (RMSCL) द्वारा खरीद से पहले NABL मान्यता प्राप्त लैब में जांच।
    3. बाजार और अस्पतालों से रैंडम सैंपलिंग कर दोबारा जांच।
  • ब्रांडेड (बाजार की) दवाएं: निर्माता स्वयं गुणवत्ता रिपोर्ट (Quality Report) जारी कर दवा सीधे बाजार में उतार देते हैं। बाद में ड्रग विभाग केवल रैंडम सैंपल उठाकर जांच करता है। शिकायत मिलने या सैंपल फेल होने के बाद ही कार्रवाई होती है।

कब कितने सैंपल हुए फेल? (अक्टूबर 2025 से मई 2026 तक)

वर्षतारीखफेल दवाओं की संख्या
202619 मई08
04 मई05
22 अप्रैल07
15 अप्रैल01
10 अप्रैल02
08 अप्रैल04
03 अप्रैल01
17 मार्च02
12 मार्च08
20 फरवरी11
17 फरवरी04
04 फरवरी08
02 फरवरी01
20 जनवरी10
07 जनवरी10
01 जनवरी01
202523 दिसंबर01
20 दिसंबर11
17 दिसंबर06
18 नवम्बर06
06 नवम्बर07
31 अक्टूबर01
24 अक्टूबर09
09 अक्टूबर08
05 अक्टूबर01

विभाग का क्या कहना है?

“विभाग की ओर से निजी दवा बाजार से लगातार सैंपल उठाए जाते हैं। अमानक और नकली दवा के नमूनों की जांच रिपोर्ट सार्वजनिक कर ड्रग अलर्ट जारी किया जाता है। इसके बाद स्टॉक हटाने के आदेश दिए जाते हैं और दोषियों पर कड़ी विधिक कार्यवाही की जाती है।”

– अजय फाटक, औषधि नियंत्रक, राजस्थान

TAGGED:active ingredients missingbranded medicines faildrug controller Rajasthanfake medicines in Rajasthanhealthcare newsJaipur Newsmedical scamRajasthan Drug Alertsubstandard drugs
Share This Article
Facebook Copy Link Print
Leave a Comment Leave a Comment

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

HOT NEWS

97 किलो डोडा चूरा तस्करी मामले में फंसा पुलिसकर्मी, बारां पुलिस ने सेवा से निकाला

स्वच्छता सर्वेक्षण में जयपुर ग्रेटर को 16वें स्थान पर आने की बधाई, पर सीएम ने चेताया- ‘इस रैंकिंग से संतुष्ट मत होइए’

प्रतापगढ़ में एसीबी की बड़ी कार्रवाई: धोलापानी थानाधिकारी रिश्वत मामले में रंगे हाथों गिरफ्तार

राजस्थान रॉयल्स के 15 वर्षीय स्टार वैभव पर लियाम लिविंगस्टन का बड़ा बयान

डिजिटल ट्रांजेक्शन पर CS सख्त; वित्तीय प्रणाली में नियमित सुरक्षा ऑडिट के आदेश

YOU MAY ALSO LIKE

राजस्थान में 15 अप्रैल तक क्यों नहीं करा सकते चुनाव? हाईकोर्ट ने भजनलाल सरकार और चुनाव आयोग से मांगा जवाब

राजस्थान में पंचायत और निकाय चुनावों को लेकर चल रही खींचतान अब कोर्ट की दहलीज पर और सख्त हो गई…

कानूनजयपुर
April 2, 2026

सावधान! राजस्थान के तालाबों पर अब सेल्फी और शराब पर लगा बैन, डूबने से होने वाले हादसों को रोकने के लिए सरकार सख्त

राजस्थान के ग्रामीण इलाकों में तालाबों, पोखरों और जलाशयों में डूबने से होने वाली दर्दनाक घटनाओं पर लगाम लगाने के…

जयपुरजलदाय विभाग
April 5, 2026

फसल बीमा का ‘बड़ा खेल’: खेत में खड़ा था गेहूं, कागज पर उगा दी सरसों

जयपुर जिले के चाकसू क्षेत्र के कादेड़ा और आसपास के गांवों में प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना (PMFBY) के तहत एक…

जयपुर
April 6, 2026

JDA में पारदर्शिता की बड़ी पहल: 2014 से 2026 तक ‘भूमि के बदले भूमि’ आवंटन का पूरा रिकॉर्ड वेबसाइट पर हुआ सार्वजनिक

जयपुर। मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा के 'सुशासन, पारदर्शिता और भ्रष्टाचार मुक्त प्रशासन' के विजन को धरातल पर उतारते हुए जयपुर…

जयपुरशहरी विकास प्राधिकरण
May 22, 2026

The Public Hub is Jaipur’s premier weekly newspaper dedicated to high-impact investigative journalism. Focused on Rajasthan’s socio-political landscape, we deliver research-based deep dives and hard-hitting facts that go beyond the headlines. Registered under RNI: RJBIL/26.A0142, we are committed to accountability and the pursuit of truth.

  • Home
  • Privacy Policy
  • About us
  • Terms and Conditions
  • E-Paper
  • राजस्थान
  • जुर्म
  • कानून
  • योजना
  • धर्म
  • भारत
  • शिक्षा विभाग
  • Home
  • राजस्थान
  • विभाग
  • जुर्म
  • धर्म
  • भारत

Follow US: 

-

All Rights Reserved
Welcome Back!

Sign in to your account

Username or Email Address
Password

Lost your password?