गुलाबी नगरी जयपुर में विश्व कविता दिवस के खास मौके पर साहित्य और स्वास्थ्य का एक अनूठा संगम देखने को मिला। सम्पर्क साहित्य संस्थान और फोर्टिस हॉस्पिटल के संयुक्त तत्वावधान में मंगलवार (24 मार्च) को ‘काव्य सुरभि: शब्दों का उत्सव’ का भव्य आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम ने साबित कर दिया कि जहां कविता मन की गहराइयों को छूकर संवेदनाओं को जगाती है, वहीं स्वस्थ शरीर जीवन को सुंदर और संतुलित बनाता है। कार्यक्रम का सफल संयोजन संस्थान की महासचिव एवं समन्वयक रेनू ‘शब्दमुखर’ द्वारा किया गया, जिन्होंने सभी अतिथियों का स्वागत करते हुए संस्थान की अब तक की साहित्यिक और सफल यात्रा पर प्रकाश डाला।

कविता समाज का दर्पण और जीवन का स्पंदन
इस भव्य आयोजन की अध्यक्षता करते हुए वरिष्ठ साहित्यकार फारूक आफरीदी ने कविता के महत्व पर गहराई से अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि कविता केवल शब्दों का मेल नहीं है, बल्कि यह संवेदनाओं का वह सजीव रूप है जो समय और समाज को एक नई दिशा देने की ताकत रखता है। आफरीदी ने अपनी भावप्रवण कविता “स्त्रियां कमान संभालो” सुनाकर महिलाओं को दृढ़ता के साथ आगे बढ़ने का आह्वान किया। इस अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में शिल्पायन संस्थान की अध्यक्ष लक्ष्मी अशोक मौजूद रहीं। वहीं, विशिष्ट अतिथि एवं कलानेरी के निदेशक विजय शर्मा ने अपने सुमधुर गीत से सबका मन मोह लिया। वरिष्ठ साहित्यकार नूतन गुप्ता ने स्त्री जीवन की वास्तविकताओं पर आधारित कविताएं सुनाकर श्रोताओं को भावुक कर दिया।
कविताओं के बीच फोर्टिस हॉस्पिटल ने दिया सेहत का संदेश
‘काव्य सुरभि’ कार्यक्रम केवल साहित्य तक सीमित नहीं रहा, बल्कि इसमें स्वास्थ्य जागरूकता को भी प्रमुखता दी गई। फोर्टिस हॉस्पिटल के डायरेक्टर डॉ. अरुण परतानी ने मंच से लोगों को घुटनों से संबंधित समस्याओं के बारे में सरल और बेहद उपयोगी जानकारी दी। उन्होंने बताया कि किस तरह सही जीवनशैली और समय पर उचित उपचार अपनाकर घुटनों की गंभीर समस्याओं से आसानी से बचा जा सकता है। एक साहित्यिक मंच पर स्वास्थ्य विशेषज्ञ द्वारा दी गई इस जानकारी को वहां मौजूद सभी श्रोताओं ने खूब सराहा और जीवन में उतारने का संकल्प लिया।
इन प्रमुख रचनाकारों ने अपनी कविताओं से बांधा समां
काव्य संध्या के दौरान शहर के कई जाने-माने रचनाकारों ने अपनी सशक्त और भावपूर्ण कविताओं से श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। विजय लक्ष्मी जांगिड़, हर्षवर्धन पांडेय, रेनू शब्दमुखर, सुनीता त्रिपाठी, डॉ. नीलम कालरा, हिमाद्री ‘समर्थ’, संजय अरोड़ा, आशा बुनकर, एन.एल. शर्मा, डॉ. दीपक कपूर, भीमेश कुमार अरोड़ा, नेहा खत्री, निरुपमा चतुर्वेदी, अविनाश जोशी सहित कई कवियों ने अपनी शानदार प्रस्तुतियां दीं। मंच का बेहतरीन संचालन सलोनी क्षितिज रस्तोगी ने किया, जिन्होंने अपनी ऊर्जा से पूरे कार्यक्रम में एक खास आकर्षण बनाए रखा। कार्यक्रम में अधिवक्ता शिव कुमार, तुषार शर्मा, राहुल अरोड़ा और मित्सु चौधरी सहित कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे। अंत में विजया लक्ष्मी ने सभी अतिथियों का आभार व्यक्त किया।
