राजस्थान के चिकित्सा क्षेत्र में एक ऐसा सनसनीखेज फर्जीवाड़ा उजागर हुआ है जिसने पूरे सिस्टम की सुरक्षा और नैतिकता पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं। राजस्थान एसओजी (SOG) ने एक संगठित गिरोह का भंडाफोड़ किया है, जो विदेशों से एमबीबीएस की डिग्री लाने वाले छात्रों को फर्जी एफएमजीई (FMGE) प्रमाण पत्रों के जरिए राजस्थान मेडिकल काउंसिल (RMC) में रजिस्टर्ड करवाकर ‘डॉक्टर’ बना रहा था।
रजिस्ट्रार और नोडल अधिकारी ही निकले ‘भ्रष्टाचार के सौदागर’
अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (SOG) विशाल बंसल के अनुसार, इस पूरे खेल की सबसे काली सच्चाई यह है कि आरएमसी (RMC) की सुरक्षा करने वाले अधिकारी ही इसमें शामिल थे। पुलिस ने आरएमसी के तत्कालीन रजिस्ट्रार डॉ. राजेश शर्मा और नोडल अधिकारी अखिलेश माथुर को गिरफ्तार किया है।
- वसूली का गणित: एक फर्जी प्रमाण पत्र जारी करने के बदले गिरोह 25 से 35 लाख रुपये तक वसूलता था।
- रकम का बंटवारा: कुल वसूली में से आरएमसी के अधिकारी प्रति सर्टिफिकेट 10 से 12 लाख रुपये लेते थे। फर्जी प्रमाण पत्र तैयार करने वालों को 2 लाख रुपये मिलते थे और बाकी रकम दलालों के सिंडिकेट में बंट जाती थी।
90 से ज्यादा संदिग्ध डॉक्टर रडार पर
जांच में अब तक 90 से अधिक ऐसे डॉक्टरों को चिन्हित किया गया है, जिन्होंने इन कूटरचित दस्तावेजों के आधार पर रजिस्ट्रेशन प्राप्त किया है। एसओजी की 21 टीमों ने एक साथ जयपुर, दिल्ली, उदयपुर, जोधपुर, सीकर और अन्य जिलों में दबिश देकर अब तक 18 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इसमें उदयपुर के एक निजी अस्पताल में प्रैक्टिस कर रहे डॉ. यश पुरोहित को भी पकड़ा गया है, जो फर्जी सर्टिफिकेट के आधार पर मरीजों का इलाज कर रहा था।
कैसे खुला राज?
यह पूरा मामला तब सामने आया जब करौली में इंटर्नशिप कर रहे पीयूष त्रिवेदी को संदिग्ध दस्तावेजों के कारण पकड़ा गया। उससे हुई कड़ी पूछताछ में देवेंद्र, शुभम और भानाराम जैसे दलालों और फिर सीधे आरएमसी के बड़े अधिकारियों तक कड़ियां जुड़ती चली गईं।
सावधान! ऐसे करें डॉक्टर का सत्यापन
एसओजी ने आमजन की सुरक्षा के लिए अपील जारी की है। यदि आपको किसी डॉक्टर पर संदेह है, तो आप राजस्थान मेडिकल काउंसिल की आधिकारिक वेबसाइट https://rudrp.rajasthan.gov.in/rmc/find-doctor पर जाकर उनका रजिस्ट्रेशन नंबर चेक कर सकते हैं।
गिरफ्तार आरोपियों की सूची:
- राजेश शर्मा (तत्कालीन रजिस्ट्रार, RMC)
- अखिलेश माथुर (तत्कालीन नोडल ऑफिसर, RMC)
- डॉ. यश पुरोहित (ट्यूटर, पैसिफिक मेडिकल कॉलेज, उदयपुर)
- दलाल और फर्जी डॉक्टर: विनय चौहान, प्रतीक चौधरी, नरेन्द्र सिंह, दयाराम गुर्जर, मनीष चंदेला, श्रवण लामरोर, रवि कुमार गुर्जर, करण सिंह गुर्जर, अविनाश सैनी, विक्की सामोता, दिनेश कुमार, ईश्वर यादव, विकास यादव, दीपेश यादव और संकेत टेलर।
