Friday, Jun 5, 2026

Weekly Newspaper

The Public Hub
Login
  • Home
  • राजस्थान
  • विभाग
  • जुर्म
  • धर्म
  • भारत
Reading: राजस्थान में निवेश का ‘साइड इफेक्ट’: फ्रांसीसी कंपनी के लिए राजदूत को लिखनी पड़ी गुहार; जमीन आवंटन में मनमानी और जानबूझकर देरी का आरोप
Share
E-Paper
Font ResizerAa
The Public HubThe Public Hub
  • E-Paper
  • राजस्थान
  • जुर्म
  • कानून
  • योजना
  • धर्म
  • भारत
  • शिक्षा विभाग
Search
  • Home
  • E-Paper
  • Privacy Policy
  • About us
  • Terms and Conditions
  • Contact
Follow US
Made by ThemeRuby using the Foxiz theme. Powered by WordPress

Home - जयपुर - राजस्थान में निवेश का ‘साइड इफेक्ट’: फ्रांसीसी कंपनी के लिए राजदूत को लिखनी पड़ी गुहार; जमीन आवंटन में मनमानी और जानबूझकर देरी का आरोप

जयपुरराजस्थान

राजस्थान में निवेश का ‘साइड इफेक्ट’: फ्रांसीसी कंपनी के लिए राजदूत को लिखनी पड़ी गुहार; जमीन आवंटन में मनमानी और जानबूझकर देरी का आरोप

By The Public Hub
Last updated: March 28, 2026
4 Min Read

राजस्थान में निवेश के बड़े-बड़े दावों और ‘राइजिंग राजस्थान’ जैसे आयोजनों की चकाचौंध के बीच एक ऐसा दस्तावेज़ सामने आया है, जिसने सूबे की ब्यूरोक्रेसी और निवेश नीति की धज्जियां उड़ाकर रख दी हैं। यह दस्तावेज़ कोई मामूली कागज़ नहीं, बल्कि भारत में फ्रांस के राजदूत महामहिम थियरी माथौ (Thierry Mathou) द्वारा स्वयं मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा को लिखा गया एक गोपनीय पत्र है।

Contents
क्या है मामला?फ्रांसीसी राजदूत के पत्र में तीन ऐसी बातें हैं जो राजस्थान की व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करती हैं:बड़ा सवाल: कौन रोक रहा है निवेश?

यह पत्र साफ-साफ बयां कर रहा है कि राजस्थान में निवेश करना विदेशी कंपनियों के लिए कितना बड़ा सिरदर्द बन चुका है, और कैसे मुख्यमंत्री स्तर पर हुई बातचीत को भी ज़मीनी अफ़सरशाही ठेंगे पर रख रही है।

क्या है मामला?

फ्रांस की दिग्गज कंपनी सूफ्ले माल्ट इंडिया (Soufflet Malt India), जो माल्ट उद्योग में विश्व स्तर पर अग्रणी है, राजस्थान में एक बड़ी परियोजना के लिए निवेश करना चाहती है। इसके लिए उसे राजस्थान राज्य औद्योगिक विकास और निवेश निगम (RIICO) से ज़मीन चाहिए।

फ्रांसीसी राजदूत के पत्र के अनुसार:

“मुख्यमंत्री और राजदूत के बीच एक ‘सकारात्मक बातचीत’ और ‘आपसी समझ’ पहले ही बन चुकी थी। लेकिन, इसके बावजूद RIICO ने ज़मीन आवंटन की शर्तों में अचानक बड़े बदलाव कर दिए।”


फ्रांसीसी राजदूत के पत्र में तीन ऐसी बातें हैं जो राजस्थान की व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करती हैं:

  1. ‘पॉजिटिव बातचीत’ का कोई मोल नहीं? राजदूत लिखते हैं, “…आपके साथ पिछली बैठक के दौरान हुई सकारात्मक बातचीत और बनी आपसी समझ के बावजूद…” यह बताता है कि निवेशक मुख्यमंत्री से तो आश्वासन ले लेते हैं, लेकिन जब फाइल विभागों में जाती है, तो उसे रोक दिया जाता है। क्या अफ़सरशाही मुख्यमंत्री की बात मानने को तैयार नहीं है?
  2. अचानक कीमत क्यों बढ़ी? पत्र का सबसे चौंकाने वाला हिस्सा यह है: “…विशेष रूप से, RIICO ने हाल ही में उस कीमत से काफी अधिक कीमत पर जमीन आवंटन का प्रस्ताव दिया है जिस पर पहले चर्चा हुई थी…” जब एक बार कीमत पर ‘आपसी समझ’ बन चुकी थी, तो RIICO ने अचानक कीमत क्यों बढ़ाई? क्या यह ‘कमीशन’ की मांग का एक तरीका है, जैसा कि अक्सर निवेशक गुपचुप तरीके से शिकायत करते हैं?
  3. जानबूझकर देरी? ज़मीन आवंटन की समयसीमा को आगे बढ़ाकर दिसंबर 2026 तक खींच दिया गया है। पत्र के अनुसार, इससे परियोजना “गंभीर जोखिम” में पड़ गई है। क्या यह देरी जानबूझकर की जा रही है ताकि निवेशक हार मान ले या किसी ‘सेटिंग’ के लिए तैयार हो जाए?

बड़ा सवाल: कौन रोक रहा है निवेश?

जब एक विदेशी राजदूत को अपने देश की कंपनी के लिए मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर गुहार लगानी पड़े, तो यह समझा जा सकता है कि सिस्टम के भीतर भ्रष्टाचार और लालफीताशाही की जड़ें कितनी गहरी हैं। यह पत्र राजस्थान की साख पर एक बड़ा बट्टा है।

“क्या ‘एक खिड़की’ (Single Window System) का दावा केवल कागज़ों पर है? अगर राजदूत को पत्र लिखना पड़ रहा है, तो समझ लीजिए कि राजस्थान में निवेश ‘सिस्टम’ के बिना नामुमकिन है।”

TAGGED:Bhajan Lal Sharma bureaucracyFrench Ambassador Letter RajasthanRising Rajasthan ExposeSoufflet Malt India RIICO Land
Share This Article
Facebook Copy Link Print
Leave a Comment Leave a Comment

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

HOT NEWS

राष्ट्रीय महत्व के कार्य में उदासीनता पड़ेगी भारी! जयपुर में जनगणना कार्मिक पर गिरी गाज

राष्ट्रीय खरीफ सम्मेलन 2026: दलहन मिशन की होगी लगातार समीक्षा, किसानों तक सही समय पर पहुंचेंगे बेहतरीन बीज

एसपी अभिषेक अंदासु की अपराधियों को चेतावनी: केवल गिरफ्तारी नहीं, नशे के सौदागरों की आर्थिक जड़ों को खोदकर करेंगे नष्ट

स्वच्छता सर्वेक्षण में जयपुर ग्रेटर को 16वें स्थान पर आने की बधाई, पर सीएम ने चेताया- ‘इस रैंकिंग से संतुष्ट मत होइए’

क्या है हेमोरेजिक फीवर, जो इबोला और डेंगू जैसी जानलेवा बीमारियों का बनता है कारण?

YOU MAY ALSO LIKE

बसंत पंचमी पर विद्यार्थियों को बड़ी सौगात: CM भजनलाल शर्मा करेंगे निःशुल्क साइकिल और ट्रांसपोर्ट वाउचर का वितरण

जयपुर, मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा शुक्रवार को बसंत पंचमी के पावन अवसर पर प्रदेश के विद्यार्थियों और युवाओं को बड़ी सौगातें…

राजस्थान
January 22, 2026

मरुधरा में आस्था का ‘शीतल’ पर्व: 11 मार्च को मनेगा बासोड़ा, चूल्हों पर लगेगा विश्राम, जानें क्यों चढ़ाया जाता है माता को ठंडा भोग

जयपुर: होली के ठीक आठ दिन बाद चैत्र कृष्ण अष्टमी को उत्तर भारत, विशेषकर राजस्थान में 'शीतला अष्टमी' का पर्व…

जयपुरधर्म
March 8, 2026

जयपुर बनेगा स्किल हब: केंद्र सरकार ने दी मंजूरी, अब ग्लोबल मानकों पर ट्रेन होंगे प्रदेश के युवा

जयपुर: राजस्थान के युवाओं के लिए वैश्विक स्तर पर रोजगार के अवसरों को बढ़ाने की दिशा में केंद्र सरकार ने…

जयपुरराजस्थान
March 16, 2026

निवेश और नई नीतियों का असर: राजस्थान बना घरेलू पर्यटकों की पहली पसंद, पर्यटन आयुक्त ने साझा किए आंकड़े

जयपुर, राजस्थान अब केवल अपनी ऐतिहासिक विरासतों और किलों तक ही सीमित नहीं है, बल्कि यह क्षेत्र निवेश, नवाचार और…

कलाराजस्थान
January 24, 2026

The Public Hub is Jaipur’s premier weekly newspaper dedicated to high-impact investigative journalism. Focused on Rajasthan’s socio-political landscape, we deliver research-based deep dives and hard-hitting facts that go beyond the headlines. Registered under RNI: RJBIL/26.A0142, we are committed to accountability and the pursuit of truth.

  • Home
  • Privacy Policy
  • About us
  • Terms and Conditions
  • E-Paper
  • राजस्थान
  • जुर्म
  • कानून
  • योजना
  • धर्म
  • भारत
  • शिक्षा विभाग
  • Home
  • राजस्थान
  • विभाग
  • जुर्म
  • धर्म
  • भारत

Follow US: 

-

All Rights Reserved
Welcome Back!

Sign in to your account

Username or Email Address
Password

Lost your password?