Thursday, Jun 11, 2026

Weekly Newspaper

The Public Hub
Login
  • Home
  • राजस्थान
  • विभाग
  • जुर्म
  • धर्म
  • भारत
Reading: उद्योगों के लिए बदली ग्रांट नीति: एकमुश्त अनुदान की सीमा भी बढ़कर हुई ₹100 करोड़
Share
E-Paper
Font ResizerAa
The Public HubThe Public Hub
  • E-Paper
  • राजस्थान
  • जुर्म
  • कानून
  • योजना
  • धर्म
  • भारत
  • शिक्षा विभाग
Search
  • Home
  • E-Paper
  • Privacy Policy
  • About us
  • Terms and Conditions
  • Contact
Follow US
Made by ThemeRuby using the Foxiz theme. Powered by WordPress

Home - जयपुर - उद्योगों के लिए बदली ग्रांट नीति: एकमुश्त अनुदान की सीमा भी बढ़कर हुई ₹100 करोड़

जयपुरयोजना

उद्योगों के लिए बदली ग्रांट नीति: एकमुश्त अनुदान की सीमा भी बढ़कर हुई ₹100 करोड़

By The Public Hub
Last updated: May 27, 2026
5 Min Read

जयपुर। राजस्थान की औद्योगिक इकाइयों को आर्थिक संबल प्रदान करने और राज्य में पर्यावरण संरक्षण की दिशा में भजनलाल शर्मा सरकार ने एक बेहद महत्वपूर्ण योजना लागू की है। इस नई नीति के तहत प्रदेश के औद्योगिक क्षेत्रों में कॉमन एफ्लुएंट ट्रीटमेंट प्लांट (सीईटीपी) यानी सामूहिक अपशिष्ट जल उपचार संयंत्र की स्थापना के लिए 150 करोड़ रुपये तक का भारी अनुदान देने का ऐतिहासिक फैसला किया गया है।

Contents
क्यों पड़ी इस नई योजना की जरूरत?हाइब्रिड एन्युटी मॉडल: 80% खर्च उठाएगी सरकारएकमुश्त अनुदान की सीमा भी बढ़ाकर ₹100 करोड़ की गई

अब रीको (RIICO) एवं नॉन-रीको दोनों ही प्रकार के औद्योगिक क्षेत्रों में ‘हाइब्रिड एन्युटी मॉडल’ पर आधुनिक तकनीक वाले ‘जीरो लिक्विड डिस्चार्ज’ (Zero Liquid Discharge – ZLD) प्लांट स्थापित किए जाएंगे। उद्योग एवं वाणिज्य विभाग ने इस योजना के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए विस्तृत गाइडलाइन भी जारी कर दी है।

क्यों पड़ी इस नई योजना की जरूरत?

उद्योग एवं वाणिज्य विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव (ACS) शिखर अग्रवाल ने योजना के तकनीकी और व्यावहारिक पक्षों की जानकारी देते हुए बताया कि राज्य सरकार के इस कदम से प्रदेश के कपड़ा, केमिकल और अन्य विनिर्माण उद्योगों को वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी बनने में मदद मिलेगी।

वर्तमान में प्रदेश की ज्यादातर औद्योगिक इकाइयों में अपशिष्ट (केमिकल युक्त) जल का प्रबंधन व्यक्तिगत एफ्लुएंट ट्रीटमेंट प्लांट (ETP) या पुराने ढर्रे के क्लस्टर-स्तर के सीईटीपी के माध्यम से किया जाता है। अधिकांश पुराने प्लांट्स में रीसाइक्लिंग (Recycling) प्रणाली की भारी कमी है, जिससे दूषित पानी का पुन: उपयोग सीमित हो जाता है और भूजल प्रदूषित होता है। लेकिन इस नई योजना के तहत ‘जीरो लिक्विड डिस्चार्ज’ तकनीक वाले प्लांट लगने से फैक्ट्रियों से निकलने वाले दूषित पानी को 100% शुद्ध कर दोबारा काम में लिया जा सकेगा, जिससे ताजे पानी की खपत न के बराबर रह जाएगी।

हाइब्रिड एन्युटी मॉडल: 80% खर्च उठाएगी सरकार

इस योजना के तहत प्लांट के निर्माण से लेकर उसके आगामी 20 वर्षों तक सुचारू संचालन के लिए एक पारदर्शी ढांचा तैयार किया गया है:

  • एसपीवी का गठन: औद्योगिक क्लस्टर की विभिन्न इकाइयों को मिलकर एक ‘स्पेशल पर्पज व्हीकल’ (SPV) यानी एक विशेष समिति का गठन करना होगा।
  • लागत का वर्गीकरण: राज्य सरकार द्वारा कुल परियोजना लागत का 80 प्रतिशत या अधिकतम 150 करोड़ रुपये का अनुदान दिया जाएगा। बची हुई मात्र 20 प्रतिशत राशि ही एसपीवी (उद्योगों) को वहन करनी होगी।
  • किस्तों में भुगतान (लंबे समय तक संचालन का फॉर्मूला): सीईटीपी के प्रभावी संचालन के लिए ‘हाइब्रिड एन्युटी मॉडल’ अपनाया गया है, जिसके तहत कार्य के चरणों के अनुसार भुगतान होगा।
    • 60 प्रतिशत अनुदान निर्माण के दौरान 20-20 प्रतिशत की तीन किस्तों में मिलेगा।
    • शेष 20 प्रतिशत राशि अगले 20 वर्षों के दौरान किस्तों में उपलब्ध कराई जाएगी, ताकि प्लांट का लंबे समय तक रखरखाव और प्रभावी संचालन हो सके।

रीको और नॉन-रीको दोनों को फायदा: रीको औद्योगिक क्षेत्रों में यह वित्तीय सहायता रीको (RIICO) एवं राजस्थान राज्य प्रदूषण नियंत्रण मंडल (RSPCB) द्वारा संयुक्त रूप से दी जाएगी। वहीं, जो औद्योगिक क्षेत्र रीको से बाहर (नॉन-रीको) विकसित हैं, वहां राजस्थान सरकार और प्रदूषण नियंत्रण मंडल मिलकर यह वित्तीय मदद मुहैया कराएंगे।

एकमुश्त अनुदान की सीमा भी बढ़ाकर ₹100 करोड़ की गई

अतिरिक्त मुख्य सचिव शिखर अग्रवाल ने बताया कि विभाग द्वारा सीईटीपी स्थापना से जुड़ी एक और योजना पहले से संचालित है, जिसके तहत किस्तों के बजाय एक बार में ही (एकमुश्त) अनुदान देने का प्रावधान है। राज्य सरकार ने उद्योगों को राहत देते हुए इस पुरानी योजना में भी बड़ा संशोधन किया है। अब इसके तहत दिए जाने वाले अधिकतम अनुदान को परियोजना लागत के 75 प्रतिशत या अधिकतम 75 करोड़ रुपये से बढ़ाकर सीधे 100 करोड़ रुपये कर दिया गया है। साथ ही, अब इस योजना का दायरा बढ़ाकर नॉन-रीको औद्योगिक क्षेत्रों को भी इसमें शामिल कर लिया गया है।

TAGGED:CETP Plant Grant RajasthanEnvironment Protection RajasthanHybrid Annuity ModelIndustrial Waste Water Management.Rajasthan Industrial SubsidyRIICO Non RIICO ClustersShikhar Agrawal ACSZero Liquid Discharge
Share This Article
Facebook Copy Link Print
Leave a Comment Leave a Comment

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

HOT NEWS

टोंक में ACB का बड़ा एक्शन: मीटर लौटाने की एवज में 20 हजार की रिश्वत लेते JVVNL का AEN और दलाल गिरफ्तार

अलवर में भ्रष्टाचार पर ACB का प्रहार: जमीन का सीमाज्ञान करने के बदले मांग रहा था घूस, पटवारी चढ़ा हत्थे

गेंद से ‘सिक्सर’ लगाने के बाद बल्ले से भी चमके श्रीगंगानगर के मानव; डेब्यू इनिंग्स में बनाए बहुमूल्य 28 रन

खींवसर विधायक रेवंत राम डांगा पर जानलेवा हमले का प्रयास

मकान नामांतरण के नाम पर 50 हजार की घूस: कोटा विकास प्राधिकरण में ACB का ट्रैप, फाइल में अड़चन लगाने वाले बाबू और संविदाकर्मी गिरफ्तार

YOU MAY ALSO LIKE

राजस्थान से खाली हो रही हैं राज्यसभा की 3 सीटें; समीकरणों के खेल में बीजेपी को 2 और कांग्रेस को 1 सीट मिलना तय

जयपुर। राजस्थान में आगामी राज्यसभा चुनाव को लेकर राजनीतिक सरगर्मियां चरम पर पहुंच गई हैं। चुनाव आयोग की ओर से…

राजनीतिजयपुर
May 16, 2026

नीट पेपर लीक पर टोंक में गरजे हरीश चंद्र मीणा, बोले- सीकर पर ही क्यों टिक जाती है जांच की सुई?

टोंक: राजस्थान की राजनीति में नीट पेपर लीक (NEET Paper Leak) का मुद्दा थमने का नाम नहीं ले रहा है।…

राजनीतिजयपुरशिक्षा विभाग
May 14, 2026

SI भर्ती-2021 पर हाईकोर्ट का ‘हंटर’: “प्रवेश पत्र पर फोटो ही साफ नहीं, तो डमी अभ्यर्थी कैसे रुकते?

राजस्थान में सब-इंस्पेक्टर (SI) भर्ती-2021 को लेकर चल रहे कानूनी विवाद में राजस्थान हाईकोर्ट ने बेहद सख्त रुख अख्तियार किया…

जयपुरशिक्षा विभाग
April 6, 2026

फसल लोन में अनियमितता, व्यवस्थापक निलंबित: अजमेर से मिली शिकायत के बाद एक्शन

राजस्थान के सहकारिता विभाग में पारदर्शिता और जवाबदेही तय करने के लिए शासन सचिव डॉ. समित शर्मा ने सोमवार को…

जयपुर
May 12, 2026

The Public Hub is Jaipur’s premier weekly newspaper dedicated to high-impact investigative journalism. Focused on Rajasthan’s socio-political landscape, we deliver research-based deep dives and hard-hitting facts that go beyond the headlines. Registered under RNI: RJBIL/26.A0142, we are committed to accountability and the pursuit of truth.

  • Home
  • Privacy Policy
  • About us
  • Terms and Conditions
  • E-Paper
  • राजस्थान
  • जुर्म
  • कानून
  • योजना
  • धर्म
  • भारत
  • शिक्षा विभाग
  • Home
  • राजस्थान
  • विभाग
  • जुर्म
  • धर्म
  • भारत

Follow US: 

-

All Rights Reserved
Welcome Back!

Sign in to your account

Username or Email Address
Password

Lost your password?