प्रतापगढ़/चित्तौड़गढ़: राजस्थान के प्रतापगढ़ जिले में भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) ने बड़ी कार्रवाई करते हुए धोलापानी थानाधिकारी (SHO) प्रवीण कुमार चारण को 2.87 लाख रुपये की रिश्वत लेते रंगे हाथों डिटेन किया है। थानाधिकारी ने यह मोटी रकम एक दुष्कर्म के मामले में आरोपी के परिवार को राहत देने और उसके पिता का नाम केस से बाहर रखने के एवज में मांगी थी।
मामले की पूरी जानकारी
एसीबी मुख्यालय के अनुसार, परिवादी ने शिकायत दर्ज कराई थी कि उसके भाई के खिलाफ धोलापानी थाने में बलात्कार का मामला दर्ज है। इस केस में भाई के साथ मारपीट न करने, उसे रियायत देने और परिवादी के पिता को आरोपी न बनाने के बदले SHO प्रवीण कुमार चारण 3 लाख रुपये की डिमांड कर रहे थे। डरा-धमका कर मांगी गई इस रिश्वत से परेशान होकर पीड़ित परिवार ने भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो की शरण ली।
हाईवे पर फिल्मी स्टाइल में बिछाया जाल

एसीबी उदयपुर रेंज के डीआईजी डॉ. रामेश्वर सिंह के मार्गदर्शन और डूंगरपुर एसीबी के डीएसपी रतनसिंह राजपुरोहित के नेतृत्व में टीम ने जाल बिछाया। एसीबी को सूचना मिली कि SHO रिश्वत की राशि लेकर अपनी निजी कार से निकल रहे हैं। टीम ने निम्बाहेड़ा हाईवे पर नरसिंहपुरा टोल नाके के पास नाकाबंदी की और आरोपी की गाड़ी को रुकवाया।
तलाशी लेने पर गाड़ी से 2,87,150 रुपये बरामद हुए। जब पुलिस निरीक्षक से इस नकदी के बारे में पूछा गया, तो वह कोई संतोषजनक जवाब नहीं दे पाए। इसके बाद एसीबी ने उन्हें तुरंत हिरासत में ले लिया।
ठिकानों पर छापेमारी जारी
एसीबी की अतिरिक्त महानिदेशक स्मिता श्रीवास्तव के निर्देशन में आरोपी से पूछताछ की जा रही है। एसीबी की टीमें थानाधिकारी के सरकारी क्वार्टर और उनके अन्य निजी ठिकानों पर सर्च ऑपरेशन चला रही हैं, ताकि आय से अधिक संपत्ति या अन्य भ्रष्टाचार के सुराग मिल सकें।
एसीबी महानिदेशक गोविन्द गुप्ता ने जनता से अपील की है कि यदि कोई भी लोक सेवक काम के बदले रिश्वत मांगता है, तो निडर होकर एसीबी की हेल्पलाइन पर शिकायत दर्ज कराएं।
