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जयपुर

टोल पर फर्जीवाड़ा खत्म: अब विंडशील्ड पर फास्टैग लगाना अनिवार्य, नियम तोड़ने वालों की खैर नहीं

By The Public Hub
Last updated: May 8, 2026
3 Min Read

जयपुर। यदि आप अपनी गाड़ी के डैशबोर्ड पर फास्टैग (FASTag) रखकर या हाथ में पकड़कर टोल पार करने की सोच रहे हैं, तो सावधान हो जाइए। भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) ने फास्टैग को लेकर नियमों में बड़ा बदलाव किया है। अब वाहन की विंडशील्ड (सामने के शीशे) पर फास्टैग चिपकाना अनिवार्य कर दिया गया है। ऐसा न करने पर न केवल आपका टैग ब्लैकलिस्ट हो सकता है, बल्कि आपसे दोगुना टोल शुल्क भी वसूला जा सकता है।

Contents
लूज टैग (Loose Tag) पर होगी सख्त कार्रवाईफर्जीवाड़े को रोकने के लिए उठाया कदमटोल गेट पर कैसे काम करती है RFID तकनीक?टोल एजेंसियों को मिले कड़े निर्देश

लूज टैग (Loose Tag) पर होगी सख्त कार्रवाई

एनएचएआई के जयपुर रीजनल अधिकारियों के अनुसार, कई वाहन चालक फास्टैग को शीशे पर स्थाई रूप से चिपकाने के बजाय उसे हाथ में पकड़कर या डैशबोर्ड पर रखकर स्कैन करवाते हैं। इसे अब ‘नियमों का उल्लंघन’ माना जाएगा।

  • ब्लैकलिस्ट की चेतावनी: जो टैग विंडशील्ड पर सही ढंग से नहीं चिपके होंगे, उन्हें ‘लूज टैग’ की श्रेणी में डालकर बंद या ब्लैकलिस्ट किया जा सकता है।
  • दोगुना जुर्माना: फास्टैग सही जगह न होने पर सेंसर उसे रीड नहीं कर पाते, जिससे ट्रैफिक जाम होता है। ऐसी स्थिति में वाहन चालक को दोगुना भुगतान करना होगा।

फर्जीवाड़े को रोकने के लिए उठाया कदम

NHAI को लगातार ऐसी शिकायतें मिल रही थीं कि एक ही फास्टैग का इस्तेमाल अलग-अलग वाहनों में किया जा रहा है।

“एक ही टैग को कई गाड़ियों में इस्तेमाल करने से टोल सिस्टम में गड़बड़ी और राजस्व की हानि होती है। इसी फर्जीवाड़े को रोकने के लिए अब इसे विंडशील्ड पर फिक्स करना मेंडेटरी (अनिवार्य) कर दिया गया है।” — NHAI अधिकारी, जयपुर

टोल गेट पर कैसे काम करती है RFID तकनीक?

फास्टैग RFID (Radio Frequency Identification) तकनीक पर आधारित है।

  1. जब वाहन टोल प्लाजा से गुजरता है, तो वहां लगे सेंसर और कैमरा सीधे विंडशील्ड पर लगे टैग को स्कैन करते हैं।
  2. सही ढंग से चिपका होने पर स्कैनिंग तुरंत होती है और टोल शुल्क सीधे बैंक खाते से कट जाता है।
  3. हाथ में टैग पकड़ने या डैशबोर्ड पर रखने से स्कैनिंग में समय लगता है, जिससे पीछे वाहनों की लंबी कतार लग जाती है और विवाद की स्थिति बनती है।

टोल एजेंसियों को मिले कड़े निर्देश

एनएचएआई ने सभी टोल एजेंसियों को निर्देश दिए हैं कि वे ऐसे वाहनों पर पैनी नजर रखें जिनके फास्टैग विंडशील्ड पर नहीं लगे हैं। टोल कर्मियों को ऐसे मामलों की रिपोर्ट करने और नियम तोड़ने वालों से नियमानुसार दोगुना शुल्क वसूलने को कहा गया है।

TAGGED:Double Toll TaxFASTag BlacklistFASTag Rules ChangedJaipur NHAI UpdateNHAI New RulesRajasthan Highway NewsRFID TechnologyRoad Safety RajasthanToll Plaza Traffic Jam Solution
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