सरकारी व्यवस्था में जनता की शिकायतों को गंभीरता से न लेना एक अधिशाषी अभियंता (XEN) को भारी पड़ गया है। जयपुर विकास प्राधिकरण (JDA) ने संपर्क पोर्टल पर दर्ज शिकायतों के निस्तारण में भारी लापरवाही बरतने वाले इंजीनियर विजय कुमार को तुरंत प्रभाव से कार्यमुक्त कर दिया है।
कालवाड़ रोड की लाइट और इंजीनियर की ‘जिद’
जानकारी के अनुसार, कालवाड़ रोड क्षेत्र में लाइट बंद होने को लेकर संपर्क पोर्टल (181) पर शिकायत दर्ज करवाई गई थी। नियमों के अनुसार अधिकारी को तय समय में इसका समाधान करना था। लेकिन अधिशाषी अभियंता विजय कुमार शिकायत का समाधान करने के बजाय उसे इधर-उधर टरकाते रहे। शिकायतकर्ता ने हार नहीं मानी और एक के बाद एक कुल 32 बार अपनी गुहार लगाई, लेकिन विजय कुमार ने कोई सुध नहीं ली।
उच्चाधिकारियों के संज्ञान पर गिरी गाज
जब शिकायतों का आंकड़ा 32 तक पहुंचा, तो यह मामला उच्चाधिकारियों के संज्ञान में आया। पोर्टल पर इतनी अधिक पेंडेंसी देख अधिकारी दंग रह गए। जांच में विजय कुमार की लापरवाही साफ नजर आई। तुरंत कार्रवाई के निर्देश मिलते ही जेडीए प्रशासन ने उनके निलंबन का प्रस्ताव तैयार किया।
जेडीए से रिलीव, यूडीएच में सस्पेंशन की तैयारी
चूंकि विजय कुमार मूल रूप से यूडीएच (Urban Development and Housing) विभाग के सेवा संवर्ग से हैं, इसलिए जेडीए उन्हें सीधे निलंबित नहीं कर सकता था। अतिरिक्त प्रशासन आयुक्त ने प्रक्रिया का पालन करते हुए उन्हें जेडीए से तुरंत कार्यमुक्त कर उनके मूल विभाग में भेज दिया है। जेडीए ने उनके निलंबन का प्रस्ताव भी यूडीएच को भेज दिया है, जिस पर अब वहां से अंतिम मुहर लगेगी।
यह कार्रवाई उन सभी अधिकारियों के लिए चेतावनी है जो जनता की समस्याओं को संपर्क पोर्टल पर सिर्फ ‘घुमाने’ का काम करते हैं।
