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स्वास्थ्यदौसा

सिलिकोसिस के 413 फर्जी सर्टिफिकेट से सरकार को 12.39 करोड़ की चपत, 2 डॉक्टर और रेडियोग्राफर गिरफ्तार

By The Public Hub
Last updated: April 1, 2026
3 Min Read

राजस्थान के दौसा जिले में सिलिकोसिस बीमारी के नाम पर किए गए करोड़ों रुपये के घोटाले में साइबर थाना पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। पुलिस ने सिलिकोसिस के 413 फर्जी सर्टिफिकेट जारी कर सरकार को 12.39 करोड़ रुपए का आर्थिक नुकसान पहुंचाने के आरोप में दो डॉक्टरों और एक रेडियोग्राफर को गिरफ्तार किया है।

गिरफ्तार किए गए आरोपी:

साइबर थाना प्रभारी के अनुसार, गिरफ्तार किए गए आरोपियों में डॉ. मनोज ऊंचवाल (चेस्ट-टीबी कनिष्ठ विशेषज्ञ), डॉ. डीएन शर्मा (प्रमुख विशेषज्ञ मेडिसिन) और वरिष्ठ रेडियोग्राफर मनोहर लाल शामिल हैं। इन तीनों को सोमवार शाम गिरफ्तार कर कोर्ट के आदेश पर जेल भेज दिया गया है।

ऐसे हुआ घोटाले का खुलासा:

दौसा जिले में मात्र 10 महीनों के भीतर 2453 सिलिकोसिस कार्ड बनाए गए थे, जो पूरे प्रदेश में बने कार्डों का लगभग 46 प्रतिशत था। इतनी बड़ी संख्या में कार्ड बनने पर सरकार को शक हुआ, जिसके बाद एसएमएस मेडिकल कॉलेज की एक विशेष जांच कमेटी और तत्कालीन जिला कलेक्टर द्वारा एक कमेटी गठित की गई। जांच रिपोर्ट में सामने आया कि 413 मामलों में बिना किसी बीमारी के ही फर्जी तरीके से सर्टिफिकेट जारी कर सरकार को 12.39 करोड़ रुपए का गलत भुगतान कराया गया।

फर्जीवाड़े का तरीका:

जांच में यह भी खुलासा हुआ कि रेडियोग्राफर मनोहर लाल द्वारा एक ही एक्स-रे का बार-बार इस्तेमाल किया गया। अधिकारियों की मिलीभगत से उन लोगों को सर्टिफिकेट दिए गए जो पूरी तरह स्वस्थ थे, जबकि वास्तविक सिलिकोसिस पीड़ितों के आवेदन खारिज कर दिए गए।

पूरे प्रदेश में फैला जाल:

इस मामले में केवल दौसा ही नहीं, बल्कि करौली, चूरू, सीकर, भीलवाड़ा, चौमूं और अलवर सहित कई अन्य शहरों के 22 डॉक्टरों और रेडियोग्राफरों के खिलाफ जनवरी 2024 में एफआईआर दर्ज की गई थी। पुलिस अब अन्य आरोपियों की तलाश में जुटी है।


क्या है सिलिकोसिस और सरकार की नीति?

  • बीमारी: यह फेफड़ों से जुड़ी एक गंभीर बीमारी है, जो खदानों या धूल भरे वातावरण में काम करने वाले श्रमिकों को होती है। सिलिका युक्त धूल सांस के जरिए फेफड़ों में जाने से उन्हें स्थायी नुकसान पहुँचाती है।
  • सरकारी सहायता: 2019 की सिलिकोसिस नीति के तहत, पीड़ित श्रमिक को कार्ड बनने पर 3 लाख रुपये की सहायता दी जाती है।
  • मृत्यु पर सहायता: मरीज की मौत होने पर परिवार को 2 लाख रुपये और अंतिम संस्कार के लिए 10 हजार रुपये मिलते हैं। इसके अलावा मरीज को 1500 रुपये प्रति माह पेंशन का भी प्रावधान है।
TAGGED:Dausa Silicosis ScamDr DN Sharma DausaDr Manoj Unchwal ArrestedFake Medical Certificate RajasthanSilicosis Policy 2019
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