Saturday, March 21, 2026
शिक्षाRTE एडमिशन में नया पेंच: नगर निगम में पार्षद नहीं, बिना हस्ताक्षर के अटके बच्चों के फॉर्म

RTE एडमिशन में नया पेंच: नगर निगम में पार्षद नहीं, बिना हस्ताक्षर के अटके बच्चों के फॉर्म

जयपुर: शिक्षा का अधिकार कानून (RTE) के तहत निजी स्कूलों में अपने बच्चों का दाखिला कराने का सपना देख रहे गरीब और वंचित वर्ग के अभिभावकों के सामने एक बड़ा संकट खड़ा हो गया है| नगर निगम चुनाव लंबित होने के कारण शहर में पार्षदों की कुर्सियां खाली हैं, जिसके चलते आवेदन फॉर्म के सत्यापन (Verification) का काम अटक गया है| अभिभावक अपने बच्चों के भविष्य के लिए वार्ड कार्यालयों के चक्कर काटने को मजबूर हैं|

सफाई निरीक्षकों को जिम्मा, लेकिन धरातल पर व्यवस्था फेल

RTE आवेदन के साथ निवास प्रमाण, आय प्रमाण और आधार सहित अन्य दस्तावेजों का सत्यापन आवश्यक होता है, जो पहले पार्षद आसानी से कर देते थे| अब पार्षदों के न होने पर प्रशासन ने सफाई निरीक्षकों को हस्ताक्षर के लिए अधिकृत किया है| लेकिन अभिभावकों की शिकायत है कि न तो सफाई निरीक्षक वार्ड कार्यालयों में मिल रहे हैं और न ही उन्हें स्पष्ट निर्देश हैं| राजपत्रित अधिकारी भी बिना जान-पहचान के दस्तावेजों पर हस्ताक्षर करने से कतरा रहे हैं|

जयपुर में 1 लाख आवेदन, समय-सीमा का भारी दबाव

RTE के तहत 20 फरवरी से प्रवेश प्रक्रिया शुरू हो चुकी है| जयपुर शहर में हर साल 5 हजार से अधिक निजी स्कूलों में करीब 40 हजार सीटों (25% आरक्षण) के लिए 1 लाख से ज्यादा आवेदन आते हैं| आवेदन की समय-सीमा सीमित होने के कारण अभिभावकों को डर सता रहा है कि यदि समय पर हस्ताक्षर नहीं हुए, तो उनका फॉर्म अधूरा रह जाएगा और बच्चे का भविष्य प्रभावित होगा|

अभिभावकों का दर्द: ‘रोज की दिहाड़ी छोड़कर भटक रहे हैं’

  • वीकेआई से भगवान सहाय कहते हैं कि निगम में कोई स्पष्ट सूचना नहीं है और वे बच्चे के दाखिले के लिए अपनी रोज की दिहाड़ी छोड़कर हर काउंटर पर भटक रहे हैं|
  • शिप्रा पथ के रवि अरोड़ा ने बताया कि वे तीन दिन से चक्कर लगा रहे हैं, लेकिन अधिकृत व्यक्ति या सफाई निरीक्षक नहीं मिल रहे हैं|
  • मानसरोवर के अजय जांगिड़ के अनुसार, जब वे अधिकृत अधिकारी के पास पहुंचे, तो उन्होंने यह कहते हुए हस्ताक्षर करने से मना कर दिया कि यह उनका काम नहीं है|
  • सीकर रोड की संगीता देवी ने सरकार से राहत के लिए एक हेल्पडेस्क या कैंप लगाने की मांग की है|

नगर निगम ने दिया सुधार का आश्वासन|

इस पूरे मामले पर नगर निगम आयुक्त गौरव सैनी का कहना है कि सफाई निरीक्षकों को हस्ताक्षर के लिए अधिकृत किया गया है| यदि लोगों को हस्ताक्षर कराने में दिक्कत आ रही है, तो व्यवस्था को जल्द ही और बेहतर किया जाएगा|

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