सूरतगढ़/श्रीगंगानगर । श्रीगंगानगर जिले के सूरतगढ़ उपखंड अधिकारी (SDM) कार्यालय में होमगार्ड जवानों की सैलरी पास करने के नाम पर ‘मंथली कट’ (मासिक घूस) मांगने का एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है । भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) ने एसडीएम कार्यालय के वरिष्ठ सहायक (बाबू) के खिलाफ भ्रष्टाचार का मुकदमा दर्ज किया है । दिलचस्प बात यह है कि आरोपी बाबू को एसीबी के जाल का पहले ही शक हो गया था, लेकिन उसकी खुद की आवाज़ ने उसे कानून के शिकंजे में फंसा दिया ।
‘3 हजार महीना दो, वरना नौकरी से हटवा दूंगा’
सूरतगढ़ एसडीएम कार्यालय में तैनात होमगार्ड जवान दीपक गौड़ ने एसीबी में शिकायत दर्ज कराई थी कि कार्यालय का बाबू रणवीर गोदारा उसका सैलरी बिल (करीब 24,000 रुपये) पास करने और ट्रेजरी भेजने का काम करता है । आरोप है कि रणवीर ने दीपक से हर महीने 3,000 रुपये की घूस की मांग की । बाबू ने धमकी दी कि अगर उसे हर महीने पैसे नहीं दिए गए, तो वह न केवल सैलरी बिल रोक लेगा, बल्कि एसडीएम कार्यालय से उसकी ड्यूटी भी हटवा देगा ।
सत्यापन में लिए 2 हजार, फिर खेला ‘लोन’ का दांव
एसीबी ने शिकायत मिलने के बाद 30 अक्टूबर 2025 को मांग का गोपनीय सत्यापन करवाया । इस दौरान आरोपी रणवीर गोदारा ने परिवादी से 2,000 रुपये नकद ले लिए और बचे हुए 1,000 रुपये अगले महीने की घूस के साथ मिलाकर देने को कहा । इसके बाद एसीबी ने 12 और 13 नवंबर 2025 को ट्रैप (रंगे हाथों पकड़ने) की योजना बनाई ।
जब परिवादी रिश्वत के 4,000 रुपये लेकर पहुंचा, तो रणवीर गोदारा को शक हो गया । बाबू ने चालाकी दिखाते हुए रिश्वत लेने से इनकार कर दिया और परिवादी को सिखाने लगा कि “तूने मुझसे 40 हजार उधार लिए थे, ऐसा मैसेज डाल कि 30 हजार दे दिए हैं और बाकी दे रहा हूँ” । बाबू ने इसके बाद परिवादी से दूरी बना ली और उसे अपने ऑफिस आने से भी मना कर दिया ।
ट्रैप हुआ फेल, लेकिन दर्ज हुई FIR
आरोपी के सतर्क हो जाने के कारण एसीबी उसे रंगे हाथों रिश्वत लेते नहीं पकड़ सकी । लेकिन सत्यापन के दौरान 2,000 रुपये लेने और 3,000 रुपये मासिक घूस मांगने की पुष्टि वॉइस रिकॉर्डर में हो चुकी थी । इन्हीं पुख्ता सबूतों के आधार पर एसीबी ने अपनी जांच पूरी कर अब आरोपी रणवीर गोदारा के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा 7 के तहत एफआईआर (FIR No. 77/2026) दर्ज कर ली है । मामले की आगे की जांच श्रीगंगानगर एसीबी के अपर पुलिस अधीक्षक पवन कुमार मीणा को सौंपी गई है ।
