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उद्योग एवं वाणिज्य विभागजयपुर

रीको बोर्ड का बड़ा नीतिगत फैसला: तय समय के बाद लॉजिस्टिक्स उपयोग पर बढ़ेगा वित्तीय बोझ

By The Public Hub
Last updated: May 18, 2026
4 Min Read

जयपुर। राजस्थान राज्य औद्योगिक विकास एवं निवेश निगम (RIICO) ने प्रदेश के औद्योगिक क्षेत्रों (Industrial Areas) में व्यापार और निवेश को बढ़ावा देने के साथ-साथ नियमों को सुव्यवस्थित करने के लिए एक बड़ा नीतिगत फैसला लिया है। रीको ने इंडस्ट्रियल प्लॉट्स पर लॉजिस्टिक्स और वेयरहाउस (Logistics and Warehouse) गतिविधियां संचालित करने को लेकर नए नियम और शुल्क ढांचा लागू कर दिया है।

Contents
31 जुलाई 2026 तक मिलेगी ‘विशेष राहत’31 जुलाई के बाद बढ़ेगा जेब का बोझपुराने और स्वीकृत मामलों पर रीको का रुख

इस संबंध में रीको प्रबंधन द्वारा 13 मई 2026 को आधिकारिक आदेश जारी किया गया है। दरअसल, 24 अप्रैल 2026 को आयोजित हुई रीको बोर्ड की उच्च स्तरीय बैठक में इस प्रस्ताव को मंजूरी दी गई थी। नए नियमों के तहत अब किसी भी औद्योगिक भूखंड का उपयोग लॉजिस्टिक्स या वेयरहाउसिंग गतिविधियों के लिए करने पर निवेशकों को अलग से ‘अनुमति शुल्क’ (Permission Fee) का भुगतान करना होगा।

रीको द्वारा जारी आदेश के अनुसार, अब औद्योगिक भूखंडों पर गैर-औद्योगिक यानी लॉजिस्टिक्स और वेयरहाउसिंग गतिविधियों की अनुमति बिना शुल्क के नहीं मिलेगी।

  • शुल्क का पैमाना: यह अनुमति शुल्क उस औद्योगिक क्षेत्र की वर्तमान और प्रचलित जमीन दर (Prevailing Land Rate) के आधार पर तय किया जाएगा।
  • दर का आधा हिस्सा: निवेशकों को संबंधित औद्योगिक क्षेत्र की तय भूखंड दर का आधा हिस्सा (यानी 0.50 गुना) अनुमति शुल्क के रूप में रीको को चुकाना होगा। जमीन की वर्तमान दरें जितनी अधिक होंगी, अनुमति शुल्क भी उसी अनुपात में देय होगा।

31 जुलाई 2026 तक मिलेगी ‘विशेष राहत’

रीको ने उद्योगपतियों और निवेशकों को नए नियमों के साथ तालमेल बिठाने के लिए एक सीमित अवधि की विशेष राहत योजना (Special Relief Scheme) भी पेश की है।

  • इस योजना के तहत, जो भी उद्यमी या भूखंड धारक 31 जुलाई 2026 तक अपने इंडस्ट्रियल प्लॉट पर लॉजिस्टिक्स या वेयरहाउस गतिविधि शुरू करने के लिए आवेदन करेंगे, उनसे कोई भी अतिरिक्त शुल्क (Additional Fee) नहीं लिया जाएगा।
  • इस निर्णय से उन उद्योगों और व्यवसायियों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है जो पहले से ही अस्थायी या अनधिकृत रूप से लॉजिस्टिक्स के लिए भूखंडों का उपयोग कर रहे थे और अब इसे नियमित कराना चाहते हैं।

31 जुलाई के बाद बढ़ेगा जेब का बोझ

रीको ने अपने आदेश में स्पष्ट चेतावनी दी है कि 31 जुलाई 2026 की समय-सीमा समाप्त होने के बाद नियमों में कड़ाई की जाएगी। यदि कोई निवेशक इस तिथि के बाद आवेदन करता है, तो उसे सामान्य अनुमति शुल्क (0.50 गुना दर) के साथ-साथ एक निर्धारित अतिरिक्त पेनल्टी या अतिरिक्त शुल्क भी देना होगा। इसका सीधा मतलब यह है कि देरी से आवेदन करने पर प्रोजेक्ट की कुल लागत काफी बढ़ जाएगी।

पुराने और स्वीकृत मामलों पर रीको का रुख

असमंजस की स्थिति को दूर करते हुए रीको प्रशासन ने साफ किया है कि यह आदेश केवल नए आवेदनों पर ही प्रभावी होगा। जिन भूखंड धारकों को पहले के नियमों के तहत अपनी औद्योगिक गतिविधि को वेयरहाउस या लॉजिस्टिक्स में बदलने की अंतिम और औपचारिक अनुमति मिल चुकी है, उनके मामलों को दोबारा नहीं खोला जाएगा। उनके पुराने अधिकार और स्वीकृतियां यथावत रहेंगी। इसके अलावा, अन्य सभी तकनीकी और प्रशासनिक नियम पूर्व में जारी गाइडलाइंस के अनुसार ही लागू रहेंगे।

TAGGED:Industrial Plots RajasthanLogistics and Warehouse PermissionRajasthan Business News.Rajasthan Industrial PolicyRIICO Board DecisionRIICO New Rules 2026Warehouse Permission Fee
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