मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्री राम के जन्मोत्सव ‘रामनवमी’ पर पूरा राजस्थान उत्सव के माहौल में सराबोर है। राजधानी जयपुर से लेकर झीलों की नगरी उदयपुर और शेखावाटी के सीकर तक, हर शहर में भव्य शोभायात्राओं और विशेष धार्मिक अनुष्ठानों की तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। इस बार उदयपुर में राजशाही ज़माने की तोपों की सलामी और जयपुर में सामाजिक सौहार्द की मिसाल पेश करती झांकियां आकर्षण का मुख्य केंद्र रहेंगी।
जयपुर: दो बड़ी शोभायात्राएं और सौहार्द की मिसाल
राजधानी जयपुर में इस बार दो मुख्य शोभायात्राएं निकाली जाएंगी, जिनके लिए ट्रैफिक पुलिस ने व्यापक रूट डायवर्जन किया है:
- सूरजपोल से चांदपोल: शाम 4 बजे सूरजपोल अनाज मंडी से ‘श्री रामकृष्ण जयंती महोत्सव समिति ट्रस्ट’ की यात्रा रवाना होगी। इसमें 35 से ज़्यादा झांकियां, 5 हाथी, 8 ऊंट और 8 घोड़े शामिल होंगे। यह यात्रा जौहरी बाजार और त्रिपोलिया बाजार होते हुए चांदपोल स्थित श्रीरामचंद्रजी मंदिर पहुंचेगी, जहां रात 10:30 बजे महाआरती होगी।
- हसनपुरा में स्वागत: दूसरी यात्रा जैकब रोड से शुरू होकर श्याम नगर तक जाएगी। विशेष बात यह है कि हसनपुरा क्षेत्र में मुस्लिम समाज के लोग पुष्प वर्षा कर शोभायात्रा का स्वागत करेंगे। यहां 20 कलाकारों की टीम ‘नासिक ढोल’ की प्रस्तुति देगी।
उदयपुर: तोपों की सलामी की ऐतिहासिक परंपरा
उदयपुर में रामनवमी (26 मार्च) पर रियासतकालीन परंपरा का निर्वहन किया जाएगा। दोपहर 12 से 1 बजे के बीच जन्मोत्सव के समय हनुमान घाट और पंचदेवरिया बालाजी मंदिर में तोपों से सलामी दी जाएगी। श्रीराम सेना द्वारा शहर में विशाल शोभायात्रा निकाली जाएगी और मंदिरों में पंजिरी प्रसाद का वितरण व आतिशबाजी की जाएगी।
सीकर: 100 झांकियां और शराबबंदी
सीकर में रामनवमी पर सुरक्षा और अनुशासन को देखते हुए शोभायात्रा के रूट पर शराब की दुकानें बंद रखने के निर्देश दिए गए हैं। यहां रघुनाथ मंदिर से शाम 4 बजे 100 झांकियों के साथ विशाल रेला निकलेगा, जिसमें नासिक की 50 सदस्यीय ढोल टीम प्रदर्शन करेगी। यात्रा का समापन रामलीला मैदान में सामूहिक हनुमान चालीसा के साथ होगा।
अजमेर: 27 मार्च को निकलेगा जुलूस
अजमेर में तिथियों के संयोग (अष्टमी और नवमी एक साथ होने) के कारण इस बार मुख्य जुलूस 27 मार्च को निकाला जाएगा। श्री चंद्रेश्वर महादेव प्रबंधकारिणी सभा की ओर से निकलने वाले इस 69वें विशाल जुलूस में काली माता के 3 अखाड़े और 15 से अधिक झांकियां शामिल होंगी। यह जुलूस चांद बावड़ी से शुरू होकर शहर के मुख्य बाजारों से होता हुआ पुनः मंदिर पर संपन्न होगा।
अलवर: रामरूप सज्जा और भजन कीर्तन
अलवर में राजर्षि अभय समाज रंगमंच पर ‘रामरूप सज्जा’ प्रतियोगिता आयोजित की जाएगी, जिसमें बच्चे और युवा भगवान राम के विभिन्न स्वरूपों में नज़र आएंगे। शहर के सबसे बड़े राम मंदिर (अपना घर शालीमार) में दिन भर भंडारे और कीर्तन का दौर चलेगा।
