राजस्थान सरकार ने पंचायती राज संस्थाओं के निर्वाचित जनप्रतिनिधियों को नए वित्तीय वर्ष से पहले एक शानदार तोहफा दिया है। ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज विभाग ने मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा द्वारा बजट 2026-27 पर चर्चा के दौरान की गई घोषणाओं को लागू करते हुए मानदेय में बढ़ोतरी की आधिकारिक अधिसूचना जारी कर दी है। इस फैसले से प्रदेश के हजारों ग्रामीण जनप्रतिनिधियों को सीधा आर्थिक लाभ मिलेगा।
किसे कितनी मिलेगी राहत? (मानदेय की नई दरें)
अधिसूचना के अनुसार, मानदेय की दरों में सम्मानजनक वृद्धि की गई है। नई और पुरानी दरों का विवरण नीचे दिया गया है:
| पद | पुराना मानदेय (₹) | नया मानदेय (₹) |
| जिला प्रमुख | 16,698 | 18,368 |
| पंचायत समिति प्रधान | 11,689 | 12,858 |
| सरपंच | 6,679 | 7,347 |
अप्रैल से लागू होगा नया नियम, मई में मिलेगी बढ़ी राशि
पंचायती राज विभाग के शासन सचिव एवं आयुक्त डॉ. जोगा राम के हस्ताक्षरों से जारी इस आदेश में स्पष्ट किया गया है कि यह वृद्धि 1 अप्रैल 2026 से प्रभावी होगी।
चूंकि मानदेय का भुगतान कार्य पूर्ण होने के बाद अगले महीने होता है, इसलिए बढ़ी हुई राशि का पहला भुगतान ‘अप्रैल पेड इन मई’ (April Paid in May) के रूप में किया जाएगा। गौरतलब है कि इस वृद्धि के लिए वित्त विभाग ने 19 मार्च 2026 को ही अपनी हरी झंडी दे दी थी।
जनप्रतिनिधियों में हर्ष की लहर
सरकार के इस फैसले का प्रदेशभर की ग्राम पंचायतों, पंचायत समितियों और जिला परिषदों के प्रतिनिधियों ने स्वागत किया है। जानकारों का मानना है कि महंगाई के इस दौर में मानदेय बढ़ाना एक सकारात्मक कदम है। इससे न केवल जनप्रतिनिधियों के सम्मान में वृद्धि होगी, बल्कि वे अपने क्षेत्रों के विकास कार्यों के लिए और अधिक उत्साह के साथ काम कर सकेंगे।
