जयपुर । राजस्थान एटीएस (ATS) ने केंद्रीय खुफिया एजेंसियों से मिले एक इनपुट के बाद प्रदेश की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर रची जा रही एक बड़ी साजिश का भंडाफोड़ किया है। बुधवार को एटीएस की टीमों ने राजस्थान के 20 अलग-अलग जिलों में एक साथ छापेमारी की। इस कार्रवाई का मुख्य निशाना पाकिस्तान में बैठा कुख्यात आतंकी शहजाद भट्टी और उसका खतरनाक ‘पे-पर-टास्क’ (Pay-per-task) मॉडल था। इस ऑपरेशन के दौरान पुलिस ने करीब 60 संदिग्ध युवाओं को हिरासत में लिया है, जिनसे गुप्त ठिकानों पर पूछताछ जारी है।
क्या है ‘पे-पर-टास्क’ का घातक जाल?
जांच में सामने आया है कि पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी ISI से जुड़े आतंकी शहजाद भट्टी ने भारतीय युवाओं को अपनी ओर खींचने के लिए ‘गैंगस्टर ग्लैमर’ और पैसे का कॉम्बिनेशन इस्तेमाल किया। इस मॉडल में युवाओं को शुरुआत में छोटे-छोटे काम दिए जाते थे, जैसे किसी सरकारी विभाग, सैन्य क्षेत्र या सामरिक इमारत का फोटो या वीडियो खींचना। इसके बदले उन्हें सीधे उनके डिजिटल वॉलेट में पैसे भेजे जाते थे। एक बार जब युवा पैसों के लालच में फंस जाता, तो उसे हथियार चलाने, ग्रेनेड फेंकने और ‘टारगेट किलिंग’ जैसे बड़े आतंकी टास्क दिए जाने लगते थे।
डार्क वेब और गेमिंग का ‘प्राइवेट रूम’
सुरक्षा एजेंसियों के लिए सबसे चुनौतीपूर्ण हिस्सा इस नेटवर्क का तकनीक प्रेम था। ये आरोपी सामान्य मैसेजिंग ऐप्स के बजाय:
- डार्क वेब ब्राउजर का उपयोग कर रहे थे।
- गेमिंग सर्वर्स के भीतर बने प्राइवेट चैट रूम में बातचीत करते थे ताकि सामान्य डेटा मॉनिटरिंग से बचा जा सके।
- ऑटो-डिलीट चैट ऐप्स का सहारा लिया जा रहा था, जिससे सबूत मिटाना आसान हो।
देशभर में फैला जाल, राजस्थान में सबसे बड़ी कार्रवाई
खुफिया सूत्रों के मुताबिक, शहजाद भट्टी के संपर्क में देशभर के करीब 900 युवा थे। इनमें से सबसे सक्रिय और संदिग्ध 60 युवा अकेले राजस्थान के विभिन्न जिलों से थे। एटीएस अब इन सभी के मोबाइल फोन, लैपटॉप और अन्य डिजिटल डिवाइस की फॉरेंसिक जांच कर रही है। यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि राजस्थान की कौन-कौन सी संवेदनशील जानकारियां पाकिस्तान भेजी गई हैं और क्या इस नेटवर्क को डार्क वेब के जरिए विदेश से फंड (Crypto/Digital Currency) भी मिल रहा था।
बड़ी साजिश टली, और गिरफ्तारियां संभव
एटीएस की इस त्वरित कार्रवाई ने राजस्थान में होने वाले संभावित आतंकी हमलों या बड़ी जासूसी की घटना को समय रहते टाल दिया है। हिरासत में लिए गए संदिग्धों से मिली शुरुआती जानकारी के बाद प्रदेश के अन्य इलाकों में भी सर्च ऑपरेशन जारी है। संभावना जताई जा रही है कि पूछताछ के बाद कुछ बड़े नामों और स्थानीय मददगारों की गिरफ्तारी भी हो सकती है।
