राजस्थान में इलेक्ट्रिक व्हीकल (EV) मालिकों के लिए एक बड़ी खुशखबरी है। अब इलेक्ट्रिक गाड़ी से जयपुर से जैसलमेर या दिल्ली की लंबी यात्रा करना ‘रेंज की चिंता’ (Range Anxiety) के बिना संभव होगा। केंद्र सरकार ने प्रधानमंत्री ई-ड्राइव योजना के तहत राजस्थान अक्षय ऊर्जा निगम को प्रदेश में 591 पब्लिक चार्जिंग स्टेशन लगाने के लिए 81.12 करोड़ रुपए के फंड की मंजूरी दे दी है।
शहरों का गणित: कहाँ लगेंगे कितने स्टेशन?
इस प्रोजेक्ट के तहत प्रदेश के 262 महत्वपूर्ण स्थानों पर चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार किया जाएगा। राजधानी जयपुर इस लिस्ट में सबसे ऊपर है:
| शहर/स्थान | चार्जिंग स्टेशनों की संख्या |
| जयपुर | 112 |
| अजमेर | 49 |
| उदयपुर | 39 |
| कोटा | 28 |
| हाईवे (NH/SH) | 34 |
हाईवे पर सफर होगा ‘स्मूथ’
अक्सर ईवी मालिक लंबी दूरी तय करने से कतराते हैं क्योंकि हाईवे पर चार्जिंग की सुविधा कम होती है। अब नेशनल और स्टेट हाईवे पर 34 विशेष चार्जिंग स्टेशन बनाए जा रहे हैं। इससे दिल्ली-जयपुर, जयपुर-अजमेर और जयपुर-कोटा जैसे रूट्स पर सफर करना काफी आसान हो जाएगा।
सरकार देगी जमीन, अक्षय ऊर्जा निगम करेगा काम
ईवी चार्जिंग स्टेशन बनाने के लिए जमीन की समस्या नहीं आएगी। राज्य सरकार ने फैसला किया है कि वह इसके लिए जमीन निःशुल्क या रियायती दरों पर उपलब्ध कराएगी। ज्यादातर स्टेशन सरकारी विभागों की खाली पड़ी जमीन पर बनाए जाएंगे, जिससे प्रोजेक्ट की लागत कम होगी और क्रियान्वयन (Implementation) तेज होगा।
पर्यावरण और जेब दोनों को राहत
पीएम ई-ड्राइव योजना का मुख्य उद्देश्य प्रदूषण कम करना और कार्बन उत्सर्जन में कटौती करना है।
- ग्रीन एनर्जी: चार्जिंग सुविधा बढ़ने से लोग डीजल-पेट्रोल की जगह इलेक्ट्रिक वाहनों को प्राथमिकता देंगे।
- कम लागत: पेट्रोल के मुकाबले बिजली से वाहन चलाना काफी सस्ता पड़ता है, जिससे आम आदमी की बचत भी होगी।
एक्सपर्ट व्यू: राजस्थान अक्षय ऊर्जा निगम के अनुसार, यह प्रोजेक्ट पूरा होने के बाद राजस्थान देश के उन राज्यों में शामिल हो जाएगा जहाँ सबसे बेहतरीन ईवी इंफ्रास्ट्रक्चर मौजूद है।
