राजस्थान की राजधानी में पर्यटन को अधिक सुरक्षित, सुगम और भरोसेमंद बनाने के लिए जयपुर पुलिस एक क्रांतिकारी कदम उठाने जा रही है। शहर आने वाले देशी और विदेशी पर्यटकों की सुविधा के लिए ‘पिंक गार्ड’ (Pink Guard) ऐप तैयार किया जा रहा है। पुलिस कमिश्नरेट के अनुसार, यह ऐप अप्रैल के अंतिम सप्ताह तक पूरी तरह कार्यात्मक (Functional) हो जाएगा।
ठगी और अभद्रता पर ‘डिजिटल’ प्रहार
अक्सर पर्यटकों को अनधिकृत गाइड्स द्वारा ठगी या बदसलूकी का सामना करना पड़ता है। ‘पिंक गार्ड’ ऐप इस समस्या का स्थायी समाधान देगा:
- भरोसेमंद गाइड्स: ऐप पर शहर के सभी रजिस्टर्ड गाइड्स की सूची और उनकी निर्धारित फीस उपलब्ध होगी।
- गोपनीय शिकायत: स्पेशल कमिश्नर ओम प्रकाश के अनुसार, यदि कोई गाइड तय शुल्क से ज्यादा मांगता है या अभद्र व्यवहार करता है, तो पर्यटक ऐप के जरिए उसकी गोपनीय शिकायत कर सकेंगे। शिकायत सही मिलने पर गाइड को ब्लैकलिस्ट कर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
रियल-टाइम ट्रैफिक और मैप की सुविधा
ऐप पर्यटकों को शहर के प्रमुख स्थलों की विशेषताओं और वहां तक पहुंचने के सबसे सटीक रास्तों की जानकारी देगा। इसमें ट्रैफिक की स्थिति को तीन फेज में दिखाया जाएगा:
- रेड जोन: भारी जाम की स्थिति, जहां रास्ता बदलने की सलाह दी जाएगी।
- येलो जोन: धीमी गति वाला यातायात।
- ग्रीन जोन: सामान्य और सुगम यातायात।
इमरजेंसी में ‘लाइफ-सेवर’ बनेगा SOS बटन
ऐप का सबसे महत्वपूर्ण फीचर इसका SOS बटन है। किसी भी आपात स्थिति में पर्यटक इस बटन को दबाकर तुरंत मदद मांग सकेंगे। ऐप पर्यटक की लोकेशन के आधार पर उसे नजदीकी पुलिस स्टेशन, पर्यटक थाना, हेल्पलाइन नंबर और अस्पतालों की जानकारी भी प्रदान करेगा।
अभय कमांड सेंटर से सीधी निगरानी
इस पूरे सिस्टम का संचालन जयपुर पुलिस के अभय कमांड सेंटर से किया जाएगा। इससे पुलिस हर पर्यटक की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए हर गतिविधि पर पैनी नजर रख सकेगी और जरूरत पड़ने पर रिस्पांस टाइम न्यूनतम होगा।
पुलिस कमिश्नर का संदेश: “पर्यटक ही हमारे शहर की पहचान और साख बनाते हैं। उन्हें सुरक्षित और भरोसेमंद माहौल देना हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है। ‘पिंक गार्ड’ ऐप के माध्यम से हम हर पर्यटक के मोबाइल पर पूरी जानकारी और सुरक्षा उपलब्ध करा रहे हैं।” — सचिन मित्तल, पुलिस कमिश्नर, जयपुर
