बूंदी। राजस्थान के प्रसिद्ध तीर्थ स्थलों में शुमार इंद्रगढ़ स्थित श्री बीजासन माता मंदिर जाने वाले श्रद्धालुओं के लिए बड़ी खुशखबरी है। नाहरगढ़ की ऊंची पहाड़ी पर विराजी माता के दर्शन अब और भी सुगम होने जा रहे हैं। राज्य सरकार की 16 करोड़ रुपये की बजट घोषणा के तहत मंदिर में रोपवे निर्माण का कार्य धरातल पर शुरू हो गया है। इस महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट का शिलान्यास पिछले दिनों लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला द्वारा किया गया था, और अब मौके पर तारबंदी के साथ निर्माण प्रक्रिया को गति दे दी गई है। इस रोपवे के बनने से उन बुजुर्गों, बच्चों और दिव्यांग भक्तों को सबसे बड़ी राहत मिलेगी, जो शारीरिक अक्षमता के कारण करीब 750 सीढ़ियां चढ़ने में असमर्थ थे।

12 ट्रॉलियां भरेंगी उड़ान, एक साथ 72 श्रद्धालु कर सकेंगे सफर
प्रोजेक्ट के तकनीकी पहलुओं की बात करें तो शुरुआत में इस रोपवे में 12 ट्रॉलियां लगाई जाएंगी। प्रत्येक ट्रॉली में 6 श्रद्धालुओं के बैठने की क्षमता होगी, जिससे एक बार में कुल 72 लोग माता के दरबार तक पहुँच सकेंगे। संवेदक दीपक सक्सेना के अनुसार, यदि भविष्य में श्रद्धालुओं की भीड़ बढ़ती है, तो ट्रॉलियों की संख्या 12 से बढ़ाकर 16 करने का प्रावधान भी रखा गया है, जिससे एक समय में 96 लोग यात्रा कर सकेंगे।
डेढ़ से दो साल का लक्ष्य, टेस्टिंग के बाद ही मिलेगी अनुमति
निर्माण कार्य को विभिन्न चरणों में बांटा गया है। वर्तमान में क्षेत्र की तारबंदी की जा रही है, जिसके बाद सिविल स्ट्रक्चर, इलेक्ट्रिकल और मैकेनिकल कार्यों को पूरा किया जाएगा। हालांकि सरकारी तौर पर प्रोजेक्ट पूरा करने की अवधि 2 साल तय की गई है, लेकिन निर्माण एजेंसी इसे डेढ़ साल (18 महीने) में ही पूरा करने का लक्ष्य लेकर चल रही है। निर्माण कार्य पूर्ण होने के बाद सुरक्षा की दृष्टि से एक-दो महीने तक गहन टेस्टिंग की जाएगी, जिसके बाद ही इसे आम जनता के लिए खोला जाएगा।

स्थानीय अर्थव्यवस्था और पर्यटन को मिलेगा बूस्ट
श्री बीजासन माता कल्याण और विकास समिति के अध्यक्ष हरीश योगी ने इस पहल का स्वागत करते हुए कहा कि रोपवे बनने से न केवल श्रद्धालुओं की संख्या में भारी इजाफा होगा, बल्कि स्थानीय लोगों के लिए रोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे। पहाड़ी पर स्थित होने के कारण अब तक कई श्रद्धालु नीचे से ही मत्था टेककर लौट जाते थे, लेकिन अब रोपवे के माध्यम से हर भक्त माता की चौखट तक पहुँच पाएगा।
प्रशासनिक सादगी और विकास का तालमेल
उल्लेखनीय है कि इस प्रोजेक्ट के लिए 23 फरवरी को भूमि पूजन हुआ था। मुख्यमंत्री के निर्देशानुसार, राज्य के सभी विकास कार्यों में तेजी लाने और पारदर्शिता बरतने पर जोर दिया जा रहा है। बीजासन माता रोपवे भी इसी सुशासन की एक कड़ी है, जहाँ आधुनिक बुनियादी ढांचे के माध्यम से धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा दिया जा रहा है।
