Wednesday, Jun 10, 2026

Weekly Newspaper

The Public Hub
Login
  • Home
  • राजस्थान
  • विभाग
  • जुर्म
  • धर्म
  • भारत
Reading: सात समंदर पार राजस्थानी ठाट! धोली मीना ने पीली लुगड़ी पहन इक्वाडोर की संसद में छोड़ी अमिट छाप, विदेशी सांसद भी हुए दीवाने
Share
E-Paper
Font ResizerAa
The Public HubThe Public Hub
  • E-Paper
  • राजस्थान
  • जुर्म
  • कानून
  • योजना
  • धर्म
  • भारत
  • शिक्षा विभाग
Search
  • Home
  • E-Paper
  • Privacy Policy
  • About us
  • Terms and Conditions
  • Contact
Follow US
Made by ThemeRuby using the Foxiz theme. Powered by WordPress

Home - दौसा - सात समंदर पार राजस्थानी ठाट! धोली मीना ने पीली लुगड़ी पहन इक्वाडोर की संसद में छोड़ी अमिट छाप, विदेशी सांसद भी हुए दीवाने

दौसाविश्व

सात समंदर पार राजस्थानी ठाट! धोली मीना ने पीली लुगड़ी पहन इक्वाडोर की संसद में छोड़ी अमिट छाप, विदेशी सांसद भी हुए दीवाने

By The Public Hub
Last updated: May 16, 2026
5 Min Read

क्विटो (इक्वाडोर): भारत की सांस्कृतिक राजदूत और सोशल मीडिया पर अपनी पारंपरिक विरासत को मजबूती से प्रमोट करने वाली धोली मीना ने सात समंदर पार एक बार फिर देश का नाम रोशन किया है. राजस्थान के दौसा की बहू और इक्वाडोर में भारत के कार्यकारी राजदूत लोकेश कुमार मीना की पत्नी धोली मीना ने इक्वाडोर की संसद भवन (National Assembly) में एक बेहद यादगार और ऐतिहासिक उपस्थिति दर्ज कराई है.

Contents
राजस्थानी मरुधरा की पोशाक से मंत्रमुग्ध हुए विदेशी सांसद“घाघरा-लुगड़ी मेरी मिट्टी की खुशबू है” – धोली मीनाभारत की ‘सॉफ्ट पावर’ और सांस्कृतिक पुल का बेहतरीन उदाहरणदोनों संस्कृतियों का किया सम्मान, युवाओं के लिए बनीं प्रेरणा

संसद के विशेष सत्र में जब वे पीली लुगड़ी और झलरी के पारंपरिक राजस्थानी पहनावे में पहुंचीं, तो वहां मौजूद सांसदों, राजनयिकों और स्थानीय लोगों की निगाहें उन पर टिक गईं.

राजस्थानी मरुधरा की पोशाक से मंत्रमुग्ध हुए विदेशी सांसद

धोली मीना ने इस खास मौके के लिए राजस्थान की संस्कृति के प्रतीक पीली लुगड़ी (राजस्थानी महिलाओं का पारंपरिक ओढ़ना) और हस्तकला से सजे भारी झलरीदार घाघरे को चुना. जटिल कढ़ाई और चमकदार रंगों से सजी यह पोशाक भारतीय लोक-कला और शुभता का जीवंत उदाहरण पेश कर रही थी.

जैसे ही उन्होंने संसद भवन के गलियारों में प्रवेश किया, वहां का माहौल तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा:

  • तस्वीरों के लिए मची होड़: इक्वाडोर के संसद सदस्यों और अधिकारियों में धोली मीना के साथ तस्वीरें खिंचवाने की होड़ मच गई.
  • इक्वाडोरियन सांसदों की प्रतिक्रिया: धोली मीना के इस लुक को देखकर मंत्रमुग्ध हुए कुछ विदेशी प्रतिनिधियों ने भावुक होकर कहा, “यह तो भारत की साक्षात आत्मा है, जो आज हमारी संसद के बीच आई है.”

“घाघरा-लुगड़ी मेरी मिट्टी की खुशबू है” – धोली मीना

वैश्विक मंच पर भारतीय संस्कृति का प्रतिनिधित्व करने पर धोली मीना ने गर्व महसूस करते हुए अपने विचार साझा किए.

धोली मीना ने कहा:

“भारत की संस्कृति और विरासत की कोई सीमा नहीं होती. यह लुगड़ी-घाघरा सिर्फ एक पहनावा नहीं, बल्कि मेरी मरुधरा की मिट्टी की खुशबू और हमारी मां-बहनों की कड़ी मेहनत का सम्मान है. इसे पहनकर मुझे ऐसा महसूस हो रहा है कि मैं यहां पूरे भारत की 140 करोड़ जनता का प्रतिनिधित्व कर रही हूं. इक्वाडोर के मित्रों से मिले इस असीम प्यार से मेरा दिल भर आया है.”

उनकी इस बात का वहां मौजूद एक इक्वाडोरियन सांसद ने भी पुरजोर समर्थन किया और कहा कि धोली मीना ने आज यह साबित कर दिया कि संस्कृति किस तरह दो देशों और उनके दिलों को आपस में जोड़ सकती है.

भारत की ‘सॉफ्ट पावर’ और सांस्कृतिक पुल का बेहतरीन उदाहरण

यह घटना महज एक व्यक्तिगत उपस्थिति नहीं है, बल्कि यह अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत की ‘सॉफ्ट पावर’ (Soft Power) और ‘वसुधैव कुटुम्बकम’ (विश्व एक परिवार है) की भावना को प्रदर्शित करती है.

धोली मीना पिछले कई वर्षों से राजस्थानी लोक-संस्कृति, लोक-नृत्य और पारंपरिक पहनावे को वैश्विक स्तर पर पहचान दिलाने का काम कर रही हैं. सोशल मीडिया पर उनके मिलियन से भी अधिक फॉलोअर्स हैं, जहां वे अपनी यात्राओं और भारतीय संस्कृति की विविधता को दुनिया के सामने खूबसूरती से पेश करती हैं.

दोनों संस्कृतियों का किया सम्मान, युवाओं के लिए बनीं प्रेरणा

अपनी इस यात्रा के दौरान धोली मीना ने न केवल भारतीय संस्कृति का परचम लहराया, बल्कि इक्वाडोर की स्थानीय संस्कृति और लोक-कलाओं का भी पूरा सम्मान किया. उन्होंने दोनों देशों के बीच सांस्कृतिक संबंधों को और मजबूत करने का संकल्प दोहराया, जिसे भारतीय दूतावास के अधिकारियों ने भी एक बेहतरीन पहल बताया है.

धोली मीना की यह अनूठी पहल भारत की युवा पीढ़ी के लिए एक बड़ी प्रेरणा है. उन्होंने यह संदेश दिया है कि आधुनिक दुनिया में अपनी जड़ों को मजबूत रखते हुए भी विश्व पटल पर अपनी संस्कृति को गर्व के साथ प्रदर्शित किया जा सकता है और ‘घाघरा-लुगड़ी’ जैसे पारंपरिक परिधान भी डिप्लोमेसी (कूटनीति) का सबसे सुंदर माध्यम बन सकते हैं.

TAGGED:Cultural DiplomacyDausa RajasthanDholi MeenaEcuador ParliamentGlobal StageIndia Ecuador RelationsLokesh Kumar MeenaPeeli LugdiRajasthani CultureTraditional Attire
Share This Article
Facebook Copy Link Print
Leave a Comment Leave a Comment

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

HOT NEWS

सर्दी-खांसी से लेकर जोड़ों के दर्द और रेस्पिरेटरी प्रॉब्लम्स का नया विधिक कारण

खुशखबरी: बाघिन T-124 ‘रिद्धि’ ने एक शावक को दिया जन्म, रणथम्भौर में अब हैं 23 बाघिन और 29 शावक

क्या है हेमोरेजिक फीवर, जो इबोला और डेंगू जैसी जानलेवा बीमारियों का बनता है कारण?

यूपी, बिहार से दिल्ली तक मौसम विभाग का कड़ा वारंट!

तीखे हुए सूर्यदेव के तेवर; झुलसाने वाली गर्मी के बीच 30 KM की रफ्तार से चलेंगी धूलभरी हवाएं

YOU MAY ALSO LIKE

गोपाल क्रेडिट कार्ड योजना पर लगा ब्रेक: लक्ष्य और बजट के अभाव में पशुपालकों का ऋण अटका, साहूकारों के भरोसे ग्रामीण

राजस्थान के पशुपालकों की आय बढ़ाने और पशुओं की बेहतर देखभाल के उद्देश्य से शुरू की गई 'गोपाल क्रेडिट कार्ड…

दौसायोजना
May 8, 2026

गोपाल क्रेडिट कार्ड योजना के पोर्टल पर लगा ताला, ₹1 लाख के ब्याज मुक्त ऋण के लिए भटक रहे पशुपालक

दौसा। राजस्थान के पशुपालकों के लिए एक निराश करने वाली खबर सामने आ रही है। पशुपालकों की आय बढ़ाने और…

योजनादौसा
May 8, 2026

राजस्थान छात्रवृत्ति योजना: अब विद्यार्थियों को नहीं करना होगा आवेदन, स्कूलों के जरिए मिलेगी स्कॉलरशिप

राजस्थान के सरकारी और मान्यता प्राप्त निजी स्कूलों में पढ़ने वाले लाखों विद्यार्थियों के लिए राहत भरी खबर है। शैक्षणिक…

शिक्षा विभागदौसायोजना
May 9, 2026

दौसा में भ्रष्टाचार पर प्रहार: 20 हजार की रिश्वत के साथ रोडवेज मुख्य प्रबंधक विश्राम मीणा ट्रैप

भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) ने बुधवार को राजस्थान राज्य पथ परिवहन निगम (RSRTC) के दौसा आगार में बड़ी कार्रवाई को…

दौसाभ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो
April 8, 2026

The Public Hub is Jaipur’s premier weekly newspaper dedicated to high-impact investigative journalism. Focused on Rajasthan’s socio-political landscape, we deliver research-based deep dives and hard-hitting facts that go beyond the headlines. Registered under RNI: RJBIL/26.A0142, we are committed to accountability and the pursuit of truth.

  • Home
  • Privacy Policy
  • About us
  • Terms and Conditions
  • E-Paper
  • राजस्थान
  • जुर्म
  • कानून
  • योजना
  • धर्म
  • भारत
  • शिक्षा विभाग
  • Home
  • राजस्थान
  • विभाग
  • जुर्म
  • धर्म
  • भारत

Follow US: 

-

All Rights Reserved
Welcome Back!

Sign in to your account

Username or Email Address
Password

Lost your password?