राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने प्रदेश के युवाओं और शहरी बुनियादी ढांचे को लेकर कई क्रांतिकारी दिशा-निर्देश जारी किए हैं। शनिवार को आयोजित बैठक में सीएम ने ‘अटल ज्ञान केंद्रों’ को लेकर अपना विजन साझा करते हुए कहा कि अब गांव के युवाओं को प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए शहरों की ओर पलायन नहीं करना पड़ेगा।
1. अटल ज्ञान केंद्र: गांव के ‘गूगल’ और ‘लाइब्रेरी’
सरकार प्रदेश के अटल ज्ञान केंद्रों का हुलिया बदलने जा रही है। इन्हें केवल भवन न रखकर आधुनिक शिक्षा केंद्रों के रूप में विकसित किया जाएगा:
- डिजिटल संसाधन: केंद्रों पर ई-मित्र, ऑनलाइन क्लासेज और हाई-स्पीड इंटरनेट की सुविधा होगी।
- पुस्तकालय: प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए जरूरी पुस्तकें और करंट अफेयर्स की पत्र-पत्रिकाएं उपलब्ध रहेंगी।
- मॉडल डिजाइन: प्रत्येक केंद्र के लिए एक मानक नक्शा तैयार होगा ताकि पूरे प्रदेश में एक समान आधुनिक सुविधाएं मिल सकें।
2. स्मार्ट जयपुर: वेस्ट मैनेजमेंट का ‘कंट्रोल रूम’ मॉडल
जयपुर को दुनिया के बेहतरीन शहरों की तर्ज पर स्मार्ट मैनेजमेंट और उन्नत तकनीक आधारित मॉडल सिटी बनाया जाएगा।
- एकीकृत कंट्रोल रूम: कचरा प्रबंधन (Waste Management) के लिए एक सेंट्रलाइज्ड कंट्रोल रूम बनेगा, जिससे स्वच्छता, स्वास्थ्य और सार्वजनिक सुरक्षा की रियल-टाइम मॉनिटरिंग होगी।
- अमृत 2.0: सीवरेज कार्यों को समय पर पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं ताकि प्रोजेक्ट की लागत न बढ़े।
प्रमुख निर्देश: एक नजर में
| फोकस एरिया | मुख्यमंत्री का निर्देश | लक्ष्य |
| सड़कें & मानसून | मानसून से पहले सीवरेज प्रभावित सड़कों की मरम्मत | आमजन को बारिश में परेशानी न हो |
| जवाबदेही | देरी करने वाले अधिकारियों पर कड़ी कार्रवाई | समयबद्ध विकास सुनिश्चित करना |
| पर्यावरण | ‘वंदे गंगा’ जल संरक्षण एवं वृक्षारोपण अभियान | जनभागीदारी बढ़ाना |
| शहरी सुविधाएं | स्ट्रीट लाइट्स और FSTP कार्यों में तेजी | बेहतर नागरिक सुविधाएं |
3. मानसून पूर्व ‘मिशन रिपेयर’ और जवाबदेही
मुख्यमंत्री ने सड़कों की स्थिति पर चिंता व्यक्त करते हुए स्वायत्त शासन विभाग को सख्त लहजे में कहा कि मानसून आने से पहले सीवरेज प्रोजेक्ट्स के कारण खोदी गई सड़कों को दुरुस्त किया जाए।
4. विकसित ग्राम-शहरी वार्ड अभियान
19 मार्च से शुरू हुए इस अभियान की प्रगति रिपोर्ट मांगी गई है। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि जनता से प्राप्त सुझावों का विश्लेषण कर आगामी ग्राम सभाओं और वार्ड सभाओं के एजेंडे में उन्हें प्राथमिकता से शामिल किया जाए। शिक्षा और चिकित्सा के क्षेत्र में प्राप्त फीडबैक पर तुरंत कार्ययोजना बनाने पर जोर दिया गया है।
बैठक में पंचायतीराज मंत्री मदन दिलावर और नगरीय विकास राज्य मंत्री झाबर सिंह खर्रा सहित कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे, जिन्होंने इन योजनाओं को धरातल पर उतारने का रोडमैप प्रस्तुत किया।
