पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने आम आदमी की रसोई से जुड़े एलपीजी गैस सिलेंडरों (LPG Gas Cylinder) की बुकिंग और डिलीवरी को लेकर नए और सख्त दिशा-निर्देश जारी किए हैं। नए नियमों के मुताबिक, अब किसी भी उपभोक्ता को पहले गैस सिलेंडर की डिलीवरी के 21 दिन बाद ही दूसरे सिलेंडर के लिए ऑनलाइन बुकिंग करने की अनुमति मिलेगी। इससे पहले यह समय सीमा लगभग 15 दिन हुआ करती थी। ऑयल कंपनियों ने इस बदलाव को सख्ती से लागू करने के लिए अपने सॉफ्टवेयर में भी जरूरी अपडेट कर दिए हैं, जिससे अब 21 दिन की अवधि पूरी होने से पहले सिस्टम आपकी बुकिंग स्वीकार ही नहीं करेगा। तेल कंपनियों ने सभी गैस एजेंसी संचालकों को शुक्रवार से ही इन नए नियमों की सख्ती से पालना सुनिश्चित करने के कड़े निर्देश दे दिए हैं।
बुकिंग के समय अंतराल के साथ-साथ सिलेंडर की होम डिलीवरी की प्रक्रिया में भी एक बहुत ही अहम बदलाव किया गया है। हाड़ौती कोटा एलपीजी डिस्ट्रीब्यूटर्स एसोसिएशन के कोषाध्यक्ष चंद्रेश शर्मा के अनुसार, अब गैस सिलेंडर की डिलीवरी के समय उपभोक्ता को डिलीवरी मैन को ‘डिलीवरी ऑथेंटिकेशन कोड’ (DAC) देना अनिवार्य होगा। जब कोई उपभोक्ता अपने रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर से ऑनलाइन गैस बुक करेगा, तो उसे एसएमएस (SMS) के माध्यम से ओटीपी की तरह यह विशेष कोड प्राप्त होगा। डिलीवरी मैन को यह कोड बताए बिना गैस सिलेंडर नहीं दिया जाएगा। इसके अलावा, एसोसिएशन के अध्यक्ष अरविंद गुप्ता ने स्पष्ट किया है कि गैस कनेक्शन को चालू रखने के लिए अब उपभोक्ताओं का ई-केवाईसी (e-KYC) करवाना भी पूरी तरह से अनिवार्य कर दिया गया है।
सरकार और ऑयल कंपनियों द्वारा बुकिंग में 21 दिन का यह नया नियम मौजूदा वैश्विक भू-राजनीतिक हालात को देखते हुए और देश भर में गैस की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित करने के उद्देश्य से लागू किया गया है। व्यावसायिक गैस सिलेंडरों के संबंध में भी नए दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं। हालांकि, अफवाहों को विराम देते हुए ऑयल कंपनियों ने आम जनता को आश्वस्त किया है कि देश में पेट्रोल, डीजल और रसोई गैस की कोई किल्लत नहीं है और इनकी पर्याप्त मात्रा में आपूर्ति की जा रही है। इसके साथ ही, तेल कंपनियों ने सख्त चेतावनी दी है कि घरेलू एलपीजी गैस सिलेंडरों का कमर्शियल (व्यावसायिक) उपयोग किसी भी हाल में न किया जाए; ऐसा करने वालों और गैस की कालाबाजारी करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
