शाहपुरा/फूलियाकलां। अजमेर संभाग के संभागीय आयुक्त (IAS) शक्ति सिंह राठौड़ और सेवानिवृत्त आईएएस अधिकारी आर. एस. शेखावत ने शाहपुरा जिले के फूलियाकलां कस्बे का एक विशेष और महत्वपूर्ण दौरा किया। श्री कल्याण सेवा संस्थान (SKSS) के आमंत्रण पर पहुंचे संभागीय आयुक्त ने कस्बे के राजकीय श्री कल्याण उच्च माध्यमिक विद्यालय परिसर का बारीकी से अवलोकन किया। इस दौरान वे विद्यालय परिसर में भामाशाह सत्यनारायण लड्ढा और उनके परिवार द्वारा करीब ₹21 करोड़ की भारी-भरकम लागत से करवाए जा रहे अत्याधुनिक विकास कार्यों, विश्वस्तरीय शिक्षण भवनों और खेल सुविधाओं के इंफ्रास्ट्रक्चर को देखकर दंग रह गए। संभाग आयुक्त ने इस अभूतपूर्व पहल की मुक्तकंठ से सराहना करते हुए इसे पूरे राजस्थान के लिए शिक्षा और खेल जगत का एक अनुपम रोल मॉडल बताया।
भामाशाह का जज्बा: सरकारी स्कूल को बनाया ‘कॉर्पोरेट स्टाइल’ का आधुनिक केंद्र
गौरतलब है कि भामाशाह सत्यनारायण लड्ढा द्वारा ग्रामीण क्षेत्र की प्रतिभाओं को तराशने के लिए करीब 21 करोड़ रुपये का बजट पूरी तरह निजी स्तर पर खर्च किया जा रहा है।
- भव्य भवनों का निर्माण: विद्यालय परिसर में प्राइमरी और सेकेंडरी ब्लॉक के दो अलग-अलग अत्याधुनिक और भव्य भवनों का निर्माण अंतिम चरणों में है।
- पहला हाई-टेक फ्लड लाइट स्टेडियम: इन दोनों विशाल भवनों के बीच में ‘श्री कल्याण सेवा संस्थान’ द्वारा देश का अग्रणी और राजस्थान का पहला हाई-टेक फ्लड लाइट (Floodlights) युक्त राष्ट्रीय स्तर का ‘हॉकी एस्ट्रो टर्फ मैदान’ (Hockey AstroTurf Stadium) लगभग तैयार किया जा चुका है।
- अंतरराष्ट्रीय मंच: फूलियाकलां को पहले से ही ‘हॉकी के गांव’ के रूप में जाना जाता है, जहां के खिलाड़ियों ने कच्चे मैदानों से निकलकर राष्ट्रीय स्तर पर पहचान बनाई है। अब इस आधुनिक स्टेडियम के मिलने से ग्रामीण प्रतिभाओं को अंतरराष्ट्रीय मंच मिल सकेगा।
IIT और NEET की फ्री ऑनलाइन कोचिंग का मिलेगा तोहफा
अवलोकन के दौरान संभागीय आयुक्त को अवगत कराया गया कि यह विश्वस्तरीय विद्यालय न केवल खेल और बुनियादी ढांचे में बल्कि उच्च आधुनिक शिक्षा में भी क्रांति लाएगा।
- महंगी कोचिंग से मुक्ति: हाल ही में बिट्स पिलानी के पूर्व छात्र रामपाल दरगड़ ने भी यहां का दौरा कर एक बड़ी सौगात की घोषणा की है। इस नए परिसर में ग्रामीण क्षेत्र के विद्यार्थियों को बड़े शहरों की महंगी कोचिंग संस्कृति से मुक्ति दिलाई जाएगी।
- निशुल्क लाइव कक्षाएं: ‘आईआईटी आश्रम’ (IIT Ashram) के सहयोग से IIT-JEE और NEET जैसी राष्ट्रीय स्तर की कठिन प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए ‘निशुल्क ऑनलाइन लाइव कक्षाएं’ प्रारंभ की जाएंगी।
- गांव में ही विशेषज्ञों का मार्गदर्शन: यहां बेहतरीन विषय विशेषज्ञों के माध्यम से विद्यार्थियों को डिजिटल माध्यम से उच्च स्तरीय और गुणवत्तापूर्ण मार्गदर्शन गांव में ही मिल सकेगा।
संभागीय आयुक्त की बड़ी टिप्पणी: “यह परियोजना क्षेत्र के लिए मील का पत्थर”
परियोजना के अवलोकन और खेल सुविधाओं को देखने के बाद अजमेर संभाग आयुक्त शक्ति सिंह राठौड़ ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्र में एक सरकारी स्कूल का कायाकल्प करने के लिए 21 करोड़ रुपये का निवेश करना और उसे निजी क्षेत्र के बड़े-बड़े विलासिता पूर्ण इंटरनेशनल स्कूलों से भी बेहतर बनाना सच में अकल्पनीय और अनुकरणीय है। यह केवल एक शिक्षण संस्थान नहीं, बल्कि ग्रामीण प्रतिभाओं को नई उड़ान देने वाला एक मजबूत मंच साबित होगा। इस शानदार पहल से शाहपुरा और भीलवाड़ा सहित पूरे अजमेर संभाग के ग्रामीण बच्चों को शिक्षा और खेल के लिए बड़े शहरों की ओर पलायन नहीं करना पड़ेगा।
इस अवसर पर विद्यालय प्रशासन, स्थानीय प्रबुद्ध नागरिकों और संस्थान के सदस्यों ने संभागीय आयुक्त का गर्मजोशी से स्वागत किया और इस प्रोजेक्ट को क्षेत्र के विकास के लिए एक ऐतिहासिक “मील का पत्थर” बताया।