जयपुर। प्रदेश में बढ़ते अपराधों पर लगाम लगाने, कानून व्यवस्था को चाक-चौबंद करने और सड़क सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए राजस्थान पुलिस ने अब तक के सबसे बड़े सघन नाकाबंदी अभियान को अंजाम दिया है। महानिदेशक पुलिस (DGP) राजीव कुमार शर्मा के सीधे निर्देश पर प्रदेशभर में चलाए गए इस दो दिवसीय मेगा अभियान से अपराधियों, तस्करों और ट्रैफिक नियम तोड़ने वालों में हड़कंप मच गया।
पुलिस ने राज्य की सीमाओं और आंतरिक मार्गों पर कुल 810 नाकाबंदी पॉइंट्स एक्टिव कर 47 हजार से अधिक वाहनों की सघन तलाशी ली। इस अभूतपूर्व कार्रवाई के दौरान विभिन्न गंभीर मामलों में लिप्त 274 अपराधियों को सलाखों के पीछे भेजा गया, जबकि ट्रैफिक नियमों की धज्जियां उड़ाने वाले 11 हजार से अधिक वाहन चालकों पर कानूनी शिकंजा कसा गया।

रणनीतिक चक्रव्यूह: रात और तड़के दो चरणों में हुई घेराबंदी
अतिरिक्त महानिदेशक पुलिस (कानून एवं व्यवस्था) श्री वी के सिंह ने बताया कि अपराधियों को संभलने का मौका न मिले, इसके लिए बेहद गोपनीय तरीके से टाइमिंग तय की गई थी। इस महा-अभियान को दो अलग-अलग चरणों में पूरा किया गया:
- प्रथम चरण (शनिवार, 16 मई): शाम 7:00 बजे से लेकर रात 10:00 बजे तक भरतपुर, उदयपुर और कोटा रेंजों के सभी एंट्री-एग्जिट पॉइंट्स और हाईवे पर अचानक नाकाबंदी की गई।
- द्वितीय चरण (रविवार, 17 मई): तड़के सुबह 3:00 बजे से लेकर 6:00 बजे तक बीकानेर, जोधपुर और जयपुर रेंजों के प्रमुख मार्गों पर सरप्राइज चेकिंग चलाई गई।
इस दौरान पुलिस की विंग्स ने कुल 24,573 दोपहिया और 22,531 चौपहिया वाहनों को रोककर उनकी बारीकी से जांच की।
सड़क के ‘विलेन’ नपे: 11 हजार से ज्यादा एमवी एक्ट की कार्रवाई
नशे में गाड़ी चलाने वालों और हुड़दंगियों के खिलाफ पुलिस ने ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति अपनाई। नाकाबंदी के दौरान कुल 11,504 मोटर व्हीकल (MV) एक्ट के तहत चालान और जब्ती की कार्रवाई की गई, जिसका जिलावार और श्रेणीवार आंकड़ा बेहद चौंकाने वाला है:
| नियम उल्लंघन का प्रकार | की गई कुल कार्रवाई |
| शराब पीकर वाहन चलाना (Drunken Driving) | 757 चालक |
| बिना हेलमेट दोपहिया चलाना | 1667 चालक |
| बिना सीट बेल्ट चौपहिया चलाना | 1484 चालक |
| संदिग्ध या बिना नंबर प्लेट वाले वाहन | 1438 वाहन |
| शीशों पर ब्लैक फिल्म (काली फिल्म) लगाना | 1017 वाहन |
| वाहन चलाते समय मोबाइल पर बात करना | 191 चालक |
उदयपुर और अजमेर रेंज रही सबसे आगे
इस सघन चेकिंग अभियान में उदयपुर रेंज की पुलिस सबसे ज्यादा एक्टिव रही, जहां अकेले 2647 एमवी एक्ट की कार्रवाई की गई। इसके ठीक बाद अजमेर रेंज 2576 कार्रवाइयों के साथ दूसरे स्थान पर रही। इसके अतिरिक्त जयपुर रेंज में 1795, कोटा में 1768, भरतपुर में 1735, जोधपुर में 968 और बीकानेर रेंज में 15 त्वरित कार्रवाइयां दर्ज की गईं।

274 गिरफ्तार: अवैध हथियार, शराब और गाड़ियां सीज
नाकाबंदी का मुख्य उद्देश्य केवल चालान काटना नहीं, बल्कि अवैध सप्लाई चेन को तोड़ना था। अभियान के दौरान विभिन्न पुलिस थानों ने कड़ी मुस्तैदी दिखाते हुए कुल 274 शातिर अपराधियों और असामाजिक तत्वों को दबोचा।
- मुकदमे दर्ज: पुलिस ने आर्म्स एक्ट के तहत 12 मामले, आबकारी अधिनियम (Excise Act) के तहत 41 मामले, मादक पदार्थों की तस्करी में एनडीपीएस (NDPS) एक्ट के 10 मामले तथा अन्य स्थानीय कानूनों के तहत 62 एफआईआर दर्ज कीं।
- निरोधात्मक कार्रवाई: विभिन्न प्रकरणों में वांछित 73 स्थाई वारंटियों को गिरफ्तार किया गया, जबकि शांति भंग की आशंका और संदिग्ध गतिविधियों के चलते बीएनएसएस (BNSS) के तहत 201 व्यक्तियों को हिरासत में लिया गया।
बरामदगी का ब्योरा: कोटा रेंज पुलिस ने नाके पर चेकिंग के दौरान 5 खतरनाक धारदार हथियार, 120 पव्वे देशी शराब और 2 लीटर हथकढ़ कच्ची शराब बरामद कर 27 संदिग्ध वाहनों को सीज किया। वहीं, भरतपुर रेंज पुलिस ने कार्रवाई करते हुए 5 लीटर अवैध शराब जब्त की और एमवी एक्ट की धारा 207 के तहत 61 संदिग्ध वाहनों को तुरंत सीज कर थाने खड़ा करवाया।
एडीजी श्री वीके सिंह ने दो टूक शब्दों में कहा कि प्रदेश की जनता में सुरक्षा का भाव पैदा करने, सड़क हादसों में कमी लाने और सीमा पार या अंतर-जिला संदिग्ध मूवमेंट को पूरी तरह नेस्तनाबूद करने के लिए इस प्रकार के सरप्राइज जॉइंट नाकाबंदी अभियान आगे भी बिना किसी पूर्व सूचना के लगातार जारी रहेंगे।