मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के कुशल मार्गदर्शन और विजनरी नेतृत्व में राजस्थान के माइनिंग सेक्टर ने सफलता की नई इबारत लिख दी है। माइंस एवं पेट्रोलियम विभाग ने वित्तीय वर्ष 2025-26 में 13 प्रतिशत की शानदार विकास दर हासिल करते हुए 10,394 करोड़ रुपये का राजस्व संग्रहित किया है। यह प्रदेश के इतिहास में पहली बार है जब माइनिंग सेक्टर ने 10 हजार करोड़ का जादुई आंकड़ा पार किया है।
विपरीत परिस्थितियों में ‘ऐतिहासिक’ बढ़त
अतिरिक्त मुख्य सचिव (ACS) माइंस एवं पेट्रोलियम, अपर्णा अरोरा ने बताया कि यह उपलब्धि इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि इस वित्तीय वर्ष में ऑक्शन और खनन गतिविधियों में कई बाधाएं आईं। बावजूद इसके, मुख्यमंत्री (जो स्वयं माइंस पोर्टफोलियो संभाल रहे हैं) की नियमित समीक्षा और विभाग की टीम भावना से यह संभव हो पाया।
- गत वर्ष से तुलना: वर्ष 2024-25 के मुकाबले इस बार 1163.73 करोड़ रुपये अधिक राजस्व सरकारी खजाने में जमा हुआ है।
- मार्च का धमाका: केवल मार्च 2026 के महीने में 1506 करोड़ रुपये से अधिक का राजस्व मिला, जो किसी भी एक महीने में अब तक का सर्वाधिक संग्रहण है।
प्रदर्शन का ग्राफ: पिछले 5 वर्षों का राजस्व अर्जन
| वित्तीय वर्ष | राजस्व संग्रहण (करोड़ रुपये में) | वृद्धि/स्थिति |
| 2021-22 | 6,394.89 | – |
| 2022-23 | 7,213.14 | बढ़त |
| 2023-24 | 7,438.92 | बढ़त |
| 2024-25 | 9,228.21 | बड़ी छलांग |
| 2025-26 | 10,394.00 | ऐतिहासिक रिकॉर्ड (13% वृद्धि) |
जैसलमेर रहा ‘सुपर-परफॉर्मर’: इन अधिकारियों ने मारी बाजी
राजस्व लक्ष्यों को प्राप्त करने में फील्ड अधिकारियों का योगदान सराहनीय रहा। एसीएस अपर्णा अरोरा ने विशेष रूप से एमई जैसलमेर वेदप्रकाश की प्रशंसा की, जिन्होंने लक्ष्यों के विरुद्ध 208.99 प्रतिशत की अविश्वसनीय उपलब्धि हासिल की।
100% से अधिक राजस्व जुटाने वाले प्रमुख जिले/अधिकारी:
- नागौर: जयप्रकाश गोदारा (एमई)
- करौली: पुष्पेन्द्र सिंह मीणा (एमई)
- सलूंबर: गोविन्द्र सिंह मीणा (एएमई)
- बूंदी: सहदेव सहारण (एमई)
- जोधपुर: भगवान सिंह (एमई)
- अन्य: सावर, कोटपूतली, चूरू के अधिकारियों ने भी श्रेष्ठ प्रदर्शन किया।
सफलता के पीछे की रणनीति
विभाग की इस बड़ी जीत के पीछे नियमित मॉनिटरिंग और संभावित राजस्व क्षेत्रों (Potential Areas) पर फोकस करना रहा। एसीएस ने बताया कि अवैध खनन पर सख्ती और बकाया वसूली के समन्वित प्रयासों ने राजस्व के ग्राफ को ऊपर चढ़ाया है। विभाग अब इस गति को बनाए रखते हुए आगामी वर्ष में नए ऑक्शन और तकनीक के इस्तेमाल से राजस्व को और अधिक बढ़ाने का लक्ष्य रख रहा है।
