Thursday, Jun 11, 2026

Weekly Newspaper

The Public Hub
Login
  • Home
  • राजस्थान
  • विभाग
  • जुर्म
  • धर्म
  • भारत
Reading: Mahashivratri Special: झरनेश्वर महादेव का चमत्कार! कुण्ड का पानी कभी नहीं होता खत्म, शहर में सबसे पहले यहीं होती है आरती
Share
E-Paper
Font ResizerAa
The Public HubThe Public Hub
  • E-Paper
  • राजस्थान
  • जुर्म
  • कानून
  • योजना
  • धर्म
  • भारत
  • शिक्षा विभाग
Search
  • Home
  • E-Paper
  • Privacy Policy
  • About us
  • Terms and Conditions
  • Contact
Follow US
Made by ThemeRuby using the Foxiz theme. Powered by WordPress

Home - राजस्थान - Mahashivratri Special: झरनेश्वर महादेव का चमत्कार! कुण्ड का पानी कभी नहीं होता खत्म, शहर में सबसे पहले यहीं होती है आरती

राजस्थानधर्म

Mahashivratri Special: झरनेश्वर महादेव का चमत्कार! कुण्ड का पानी कभी नहीं होता खत्म, शहर में सबसे पहले यहीं होती है आरती

By The Public Hub
Last updated: February 15, 2026
4 Min Read

अजमेर: महाशिवरात्रि के पावन पर्व पर मरुधरा शिव भक्ति के रंग में रंगी हुई है। इस खास मौके पर हम आपको राजस्थान के एक ऐसे ऐतिहासिक और चमत्कारी शिवालय के बारे में बताने जा रहे हैं, जो न केवल अपनी प्राचीनता बल्कि अपने अनोखे स्वरूप और रहस्यों के लिए भी जाना जाता है। यह एक ऐसा मंदिर है जहां देवाधिदेव महादेव अपने रौद्र या वयस्क रूप में नहीं, बल्कि मासूम ‘बाल रूप’ में श्रद्धालुओं को दर्शन देते हैं।

हम बात कर रहे हैं अजमेर जिले में अरावली पर्वतमाला की गोद में बसे ‘झरनेश्वर महादेव मंदिर’ की। करीब 600 साल पुराना यह मंदिर आस्था, इतिहास और प्राकृतिक सौंदर्य का अद्भुत संगम है।

सम्राट पृथ्वीराज चौहान से जुड़ा है इतिहास

झरनेश्वर महादेव मंदिर का इतिहास बेहद गौरवशाली रहा है। बताया जाता है कि इस मंदिर की स्थापना मराठा काल में की गई थी। किंवदंतियों के अनुसार, अजमेर के महान शासक सम्राट पृथ्वीराज चौहान भी इस पवित्र स्थल पर आकर भगवान शिव की आराधना किया करते थे। इस मंदिर का नाम ‘झरनेश्वर’ पड़ने के पीछे भी एक प्राकृतिक कारण है। यहाँ पहाड़ों के बीच से एक बरसाती झरना बहता है, जिसके कारण इसे यह नाम मिला।

बाल रूप की महिमा: जितनी बार पूजा, उतनी बार नया शृंगार

इस मंदिर की सबसे बड़ी खासियत यहाँ विराजित शिवलिंग का स्वरूप है। यहाँ भोलेनाथ बाल रूप में विराजमान हैं। इस बाल स्वरूप के कारण ही यहाँ की पूजा पद्धति भी अन्य मंदिरों से अलग है:

  1. सबसे पहली पूजा: जिस तरह घर में सबसे पहले बच्चों का ध्यान रखा जाता है, उसी तरह मान्यता है कि अजमेर शहर में प्रतिदिन सबसे पहली पूजा-अर्चना झरनेश्वर महादेव मंदिर में ही शुरू होती है।
  2. अनोखा शृंगार: यहाँ भगवान के बाल रूप के चलते दिन में जितनी बार पूजा की जाती है, उतनी ही बार महादेव का अलग-अलग और नया शृंगार किया जाता है।

चमत्कारी कुंड: स्वतः ऊपर आ जाता है पानी

यह प्राचीन मंदिर एक गहरे रहस्य को भी अपने में समेटे हुए है। यहाँ एक प्राकृतिक जल कुंड है, जिसमें साल भर पहाड़ियों से रिसकर पानी एकत्र होता रहता है। इस कुंड का चमत्कार यह है कि इसका पानी कभी खत्म नहीं होता। स्थानीय लोगों और श्रद्धालुओं के अनुसार, जब भी कुंड का जलस्तर कम होने लगता है, वह अपने आप ही ऊपर आ जाता है। यह दृश्य श्रद्धालुओं की आस्था को और गहरा करता है।

आधा किलोमीटर की ट्रैकिंग कर पहुँचते हैं भक्त

प्रकृति की गोद में बसा यह मंदिर श्रद्धालुओं को एक अलग ही सुकून देता है। मंदिर तक पहुँचने के लिए भक्तों को करीब आधा किलोमीटर का पहाड़ी रास्ता तय करना पड़ता है। यह छोटी सी ट्रैकिंग भक्तों के उत्साह को और बढ़ा देती है।

महाशिवरात्रि के अवसर पर इस ऐतिहासिक मंदिर में विशेष सजावट की जाती है और दूर-दूर से श्रद्धालु भोलेनाथ के इस अनोखे बाल रूप के दर्शन करने और चमत्कारी कुंड को देखने के लिए यहाँ उमड़ते

TAGGED:Ajmer Shiva TempleAravalli Hills TempleBal Roop ShivaJharneshwar Mahadev MandirMahashivratri RajasthanPrithviraj Chauhan History
Share This Article
Facebook Copy Link Print
Leave a Comment Leave a Comment

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

HOT NEWS

राजस्थान में ‘फर्जी डॉक्टरों की फैक्ट्री’ का पर्दाफाश: 23 से 27 लाख में खरीदी जा रही थी डॉक्टर की डिग्री, SOG ने 3 और को दबोचा

राजस्थान नकली बीज घोटाला: ACB के चंगुल में फंसे डायरेक्टर जुगल किशोर बिश्नोई, ₹2.44 करोड़ कैश के साथ भांजा भी गिरफ्तार

राजस्थान SI भर्ती घोटाला: आरपीएससी मेंबर बाबूलाल कटारा से लीक हुआ था पर्चा, परीक्षा में टॉपर बना भाई; SOG की 144वीं गिरफ्तारी

मोटापा पिघलाने से लेकर माइग्रेन के दर्द से मुक्ति तक; दैनिक आहार में शामिल करें ये 8 जादुई फल

15 साल बाद घरेलू मैदान पर बड़ा बदलाव: अश्विन-जडेजा के बिना मैदान पर उतरी टीम इंडिया

YOU MAY ALSO LIKE

Rajasthan Breaking: डिप्टी सीएम प्रेमचंद बैरवा के काफिले का एक्सीडेंट, उदयपुरवाटी घाट में बाल-बाल बचे, भाजपा नेता की कार से भिड़ंत

झुंझुनूं: राजस्थान के उपमुख्यमंत्री प्रेमचंद बैरवा (Deputy CM Premchand Bairwa) शनिवार सुबह एक बड़े सड़क हादसे का शिकार होने से…

राजस्थान
February 14, 2026

जयपुर की डॉ. रेनू शाही ने बेंगलुरु में बढ़ाया मान, ‘व्यंग्य चित्रकला’ पर शोध पत्र ने बटोरी सुर्खियां

बेंगलुरु/जयपुर: कर्नाटक की राजधानी बंगलुरू में आयोजित प्रतिष्ठित 'इंडियन आर्ट हिस्ट्री कांग्रेस' (Indian Art History Congress) के 33वें वार्षिक अधिवेशन…

राजस्थान
February 12, 2026

राजस्थान के मंत्री गौतम दक का विवादित ऑडियो वायरल: पुलिस स्टेशन में SHO और कांस्टेबलों को दी गालियां

डूंगला/जयपुर: राजस्थान के सहकारिता मंत्री गौतम दक एक बड़े विवाद में घिर गए हैं। मंत्री दक पर पुलिस स्टेशन पहुंचकर…

जयपुरराजस्थान
May 28, 2026

The Public Hub Impact: NOC के भरोसे नहीं चलेंगे स्कूल, शिक्षा विभाग ने बदला सिस्टम

जयपुर: राजस्थान के शिक्षा जगत से जुड़ी एक बड़ी खबर सामने आ रही है। निजी स्कूलों की मनमानी और नियमों…

राजस्थान
March 16, 2026

The Public Hub is Jaipur’s premier weekly newspaper dedicated to high-impact investigative journalism. Focused on Rajasthan’s socio-political landscape, we deliver research-based deep dives and hard-hitting facts that go beyond the headlines. Registered under RNI: RJBIL/26.A0142, we are committed to accountability and the pursuit of truth.

  • Home
  • Privacy Policy
  • About us
  • Terms and Conditions
  • E-Paper
  • राजस्थान
  • जुर्म
  • कानून
  • योजना
  • धर्म
  • भारत
  • शिक्षा विभाग
  • Home
  • राजस्थान
  • विभाग
  • जुर्म
  • धर्म
  • भारत

Follow US: 

-

All Rights Reserved
Welcome Back!

Sign in to your account

Username or Email Address
Password

Lost your password?