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Reading: सालों से फाइलों में दबा मास्टर ड्रेनेज प्लान: बजट के रोड़े से निगम व जेडीए के बड़े प्रोजेक्ट्स ठप
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जयपुरजयपुर विकास प्राधिकरण

सालों से फाइलों में दबा मास्टर ड्रेनेज प्लान: बजट के रोड़े से निगम व जेडीए के बड़े प्रोजेक्ट्स ठप

By The Public Hub
Last updated: May 18, 2026
5 Min Read

जयपुर। ऐतिहासिक और आधुनिकता का बेजोड़ संगम कहा जाने वाला जयपुर शहर अब मानसून आते ही पानी की निकासी के पुख्ता इंतजाम न होने के कारण टापू में तब्दील होने लगा है। परकोटा क्षेत्र से लेकर शहर के बाहरी इलाकों तक हर तरफ जलभराव का एक जैसा हाल देखा जा रहा है। ड्रेनेज सिस्टम की सबसे बड़ी विफलता इसका टुकड़ों में बनना है। प्रशासन द्वारा मास्टर ड्रेनेज प्लान को सालों से फाइलों में दबा कर रखा गया है, जिसके चलते जब भी कोई नया इलाका बसता है, तो भविष्य की आबादी और वाटर फ्लो के हिसाब से ड्रेनेज डिजाइन करने के बजाय अधिकारी इस ओर ध्यान ही नहीं देते।

Contents
इन शहरों में है व्यवस्था बेहतर: सीखने की जरूरतविशेषज्ञ की राय: पानी निकासी का बने वैज्ञानिक प्लानफोटो स्टोरी: बरकत नगर में खुला गड्ढा बना मुसीबत

पानी के रास्तों पर बस गईं कॉलोनियां

शहर में नाला सफाई कर सब कुछ सही करने का दावा तो किया जाता है, लेकिन कड़वी सच्चाई यह है कि चंद घंटों की बारिश ही शहर की रफ्तार पर ब्रेक लगा देती है। इसका मुख्य कारण पहाड़ों से आने वाले पानी के जो पारंपरिक बहाव क्षेत्र (नेचुरल ड्रेनेज रूट्स) थे, उन्हें रोक दिया गया है और वहां आज कॉलोनियां विकसित हो गई हैं। सड़कें बिछाने से पानी का प्राकृतिक रास्ता पूरी तरह बिगड़ गया है। जब पानी को बहने का रास्ता नहीं मिला, तो उसने शहर की सड़कों को ही अपना रास्ता बना लिया है। अंबाबाड़ी लिंक रोड जैसे प्रमुख मार्ग बहाव क्षेत्र में अतिक्रमण की वजह से जलमग्न हो रहे हैं।

किस्तों में काम और बजट का अभाव

नगर निगम और विकास प्राधिकरण के पास बड़े ड्रेनेज प्रोजेक्ट्स के लिए बजट की भारी कमी रहती है। नतीजतन, ड्रेनेज सिस्टम का काम किस्तों में होता है, जो मानसून आते ही पूरी तरह फेल हो जाता है। वर्तमान में अजमेर रोड, खातीपुरा, विद्याधर नगर और सांगानेर क्षेत्र में ड्रेनेज लाइन का काम अधूरा या धीमी गति से चल रहा है।

ड्रेनेज का गणित: खास-खास आंकड़े

  • ₹4000 करोड़: शहर में एक सुदृढ़ और संपूर्ण ड्रेनेज प्लान को लागू करने के लिए अनुमानित आवश्यक बजट।
  • ₹50 से ₹60 करोड़: सालाना खर्च, जो वर्तमान में विकास प्राधिकरण द्वारा ड्रेनेज विकसित करने पर किया जा रहा है, जो कि नाकाफी है।

इन शहरों में है व्यवस्था बेहतर: सीखने की जरूरत

  • चंडीगढ़: यह देश का सबसे बेहतरीन प्लान्ड सिटी है, जहां प्राकृतिक ढलान को समझे बिना एक भी निर्माण नहीं किया गया। मानसून के पानी के लिए यहाँ स्टॉर्म वाटर ड्रेनेज नेटवर्क बिल्कुल अलग और मजबूत है।
  • इंदौर: स्वच्छता में नंबर वन इंदौर ने नदियों और नालों को न केवल अतिक्रमण मुक्त किया, बल्कि ‘वाटर प्लस सिटी’ बनाने के लिए सीवरेज और रेन वाटर हार्वेस्टिंग को अनिवार्य रूप से लागू किया।
  • नवी मुंबई: इस शहर को ‘होल्डिंग पॉन्ड्स’ तकनीक पर बसाया गया है। भारी बारिश के दौरान अतिरिक्त पानी इन तालाबों में जमा हो जाता है और हाई टाइड या बाढ़ जैसी स्थिति से शहर बच जाता है।

विशेषज्ञ की राय: पानी निकासी का बने वैज्ञानिक प्लान

सेवानिवृत्त अतिरिक्त नगर नियोजक चंद्रशेखर पाराशर के अनुसार, पिछले दो दशक में तेजी से शहरी विस्तार हुआ है, लेकिन उसके अनुरूप स्टॉर्म वाटर ड्रेनेज नेटवर्क विकसित नहीं हो सका। नई कॉलोनियों में सड़कें और सीवर लाइनें तो बनीं, लेकिन बारिश के पानी की निकासी का वैज्ञानिक प्लान तैयार नहीं हुआ। सबसे पहले पूरे शहर का एक डिजिटल रेन वाटर रूट मैप तैयार किया जाए, जिससे यह पता चले कि किस इलाके का पानी किस ढलान से होकर गुजरता है। जब तक पानी के नेचुरल फ्लो को री-स्टोर नहीं किया जाएगा, तब तक जयपुर को हर मानसून में डूबने से कोई नहीं बचा सकता।

फोटो स्टोरी: बरकत नगर में खुला गड्ढा बना मुसीबत

प्रशासनिक लापरवाही का एक प्रत्यक्ष उदाहरण बरकत नगर के मुख्य चौराहे पर देखा जा सकता है, जहां पेयजल लाइन की लीकेज ठीक करने के बाद खोदा गया करीब 5-6 फीट गहरा गड्ढा पिछले चार दिनों से खुला पड़ा है। मुख्य चौराहे और व्यस्त बाजार होने के कारण यह गड्ढा दिनभर लगने वाले जाम और हादसों का मुख्य कारण बन रहा है। व्यापार मंडल के महामंत्री कल्लू शर्मा ने बताया कि जलदाय विभाग ने पेयजल लाइन तो ठीक कर दी, लेकिन गड्ढे को नहीं भरा, जिससे वाहन चालकों और स्थानीय दुकानदारों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

TAGGED:Barkat Nagar Traffic IssueIllegal Encroachments Water FlowJaipur Drainage SystemMaster Drainage Plan RajasthanMonsoon Waterlogging JaipurScientific Water Drainage Map.Urban Planning Failure
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