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दिल्लीवित्त विभाग

DGFT का बड़ा फैसला: बिना फिजिकल वेरिफिकेशन नहीं मिलेगा गोल्ड इम्पोर्ट लाइसेंस

By The Public Hub
Last updated: May 15, 2026
4 Min Read

नई दिल्ली: देश के बढ़ते व्यापार घाटे और रिकॉर्ड तोड़ गोल्ड इम्पोर्ट बिल को देखते हुए केंद्र सरकार ने एक और बड़ा कदम उठाया है। आयात शुल्क (इंपोर्ट ड्यूटी) को 6% से बढ़ाकर 15% करने के ठीक बाद, अब विदेश व्यापार महानिदेशालय (DGFT) ने ड्यूटी-फ्री सोना मंगाने वाले निर्यातकों के लिए नए और बेहद सख्त दिशा-निर्देश जारी किए हैं।

Contents
1. आयात पर 100 किलो की ‘लक्ष्मण रेखा’2. पहली बार आवेदन करने वालों का होगा ‘फिजिकल वेरिफिकेशन’3. पुराने निर्यातकों के लिए ‘50% का फॉर्मूला’क्यों पड़ी इन कड़े नियमों की जरूरत?बाजार पर असर: तस्करी और ‘ग्रे मार्केट’ का डर

1. आयात पर 100 किलो की ‘लक्ष्मण रेखा’

नए नियमों के अनुसार, अब एडवांस ऑथराइजेशन (AA) स्कीम के तहत किसी भी एक लाइसेंस पर अधिकतम 100 किलोग्राम सोना ही आयात किया जा सकेगा। पहले यह सीमा काफी लचीली थी, जिसका फायदा उठाकर बड़े कारोबारी भारी मात्रा में सोना मंगाते थे। सरकार का मानना है कि इस लिमिट से सोने के बेतहाशा आयात पर तत्काल लगाम लगेगी।

2. पहली बार आवेदन करने वालों का होगा ‘फिजिकल वेरिफिकेशन’

DGFT ने पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए ‘फिजिकल इंस्पेक्शन’ अनिवार्य कर दिया है।

  • सख्त जांच: यदि कोई निर्यातक पहली बार लाइसेंस के लिए आवेदन करता है, तो क्षेत्रीय अधिकारी उसकी फैक्ट्री का भौतिक निरीक्षण करेंगे।
  • क्षमता की जांच: अधिकारी यह सुनिश्चित करेंगे कि फैक्ट्री वास्तव में चालू है या नहीं और उसकी उत्पादन क्षमता कितनी है।
  • अंकुश: इससे उन ‘कागजी कंपनियों’ पर रोक लगेगी जो केवल सोना मंगाने के लिए बनाई जाती थीं।

3. पुराने निर्यातकों के लिए ‘50% का फॉर्मूला’

पुराने कारोबारियों को अब नया लाइसेंस तभी मिलेगा जब वे अपने पिछले लाइसेंस के निर्यात लक्ष्य (Export Obligation) का कम से कम 50% हिस्सा पूरा कर चुके होंगे। इसके अलावा:

  • हर 15 दिन में एक विस्तृत रिपोर्ट देनी होगी।
  • इस रिपोर्ट को किसी स्वतंत्र चार्टर्ड अकाउंटेंट (CA) से प्रमाणित कराना अनिवार्य होगा।
  • महीने के अंत में यह सारा डेटा मुख्यालय भेजा जाएगा ताकि सोने की एक-एक ग्राम खपत पर नजर रखी जा सके।

क्यों पड़ी इन कड़े नियमों की जरूरत?

वित्तीय वर्ष 2025-26 के आंकड़ों ने सरकार की चिंता बढ़ा दी है। हालांकि मात्रा के हिसाब से आयात थोड़ा कम हुआ है, लेकिन ऊंची कीमतों के कारण बिल ने रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं।

विवरणवित्तीय वर्ष 2025-26स्थिति
कुल आयात बिल$71.98 अरबसर्वकालिक उच्च स्तर
आयात की मात्रा721.03 टन4.76% की गिरावट
आयात बिल में वृद्धि24% से अधिककीमतों में तेजी के कारण

भारत कहां से खरीदता है सबसे ज्यादा सोना?

  • स्विट्जरलैंड: 40%
  • यूएई: 16%
  • दक्षिण अफ्रीका: 10%

बाजार पर असर: तस्करी और ‘ग्रे मार्केट’ का डर

सरकार के इन फैसलों से जेम्स एंड ज्वैलरी काउंसिल ने चिंता जताई है। विशेषज्ञों का कहना है कि जब कानूनी तौर पर सोना मंगाना महंगा और जटिल हो जाता है, तो ‘ग्रे मार्केट’ सक्रिय हो जाता है।

“भारी टैक्स और सख्त पाबंदियों के कारण सोने की तस्करी (Smuggling) बढ़ने का खतरा है। इससे न केवल राजस्व का नुकसान होगा, बल्कि ग्राहकों को भी शुद्धता और बिलिंग को लेकर अधिक सतर्क रहना होगा।” – ऑल इंडिया जेम्स एंड ज्वैलरी काउंसिल

TAGGED:Advance Authorization SchemeDGFT New GuidelinesGold Import Bill 2026Gold Import RulesGold Smuggling ConcernsImport Duty Hike IndiaIndian Economy NewsIndian Jewelry Export
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