नई दिल्ली: देश के प्रशासनिक इतिहास में आज एक नया अध्याय जुड़ गया है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने शुक्रवार को सेंट्रल विस्टा पुनर्विकास परियोजना के तहत बने नए प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) परिसर का उद्घाटन किया। इस भव्य और अत्याधुनिक परिसर को ‘सेवा तीर्थ’ (Sewa Teerth) नाम दिया गया है। इसके साथ ही पीएम ने ‘कर्तव्य भवन-1’ और ‘कर्तव्य भवन-2’ का भी लोकार्पण किया।
‘सेवा तीर्थ’ का अनावरण: एक ऐतिहासिक पल
नई दिल्ली में नए प्रधानमंत्री कार्यालय ‘सेवा तीर्थ’ की पट्टिका का अनावरण करते प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी।

‘सेवा’ और ‘कर्तव्य’ का संगम
उद्घाटन समारोह के दौरान, यह संदेश दिया गया कि यह नया भवन केवल सत्ता का केंद्र नहीं, बल्कि जनसेवा का सर्वोच्च स्थान है। इसीलिए इसका नाम ‘सेवा तीर्थ’ रखा गया है। वहीं, सहायक इमारतों को ‘कर्तव्य भवन’ नाम देकर अधिकारियों को राष्ट्र के प्रति उनके दायित्वों का बोध कराया गया है। यह नामकरण सरकार के ‘सेवा परमोधर्म’ और ‘कर्तव्य ही पूजा’ के मूल मंत्र को दर्शाता है।
तीन महाशक्तियां अब एक साथ

‘सेवा तीर्थ’ परिसर की सबसे बड़ी रणनीतिक खासियत यह है कि इसने देश के शासन की तीन प्रमुख धुरियों को एक ही स्थान पर एकीकृत कर दिया है:
- प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO)
- राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद सचिवालय (NSCS/NSA Office)
- कैबिनेट सचिवालय (Cabinet Secretariat)
अब तक ये कार्यालय अलग-अलग भवनों (मुख्यतः साउथ ब्लॉक) में थे। इनके एक ही परिसर में आने से आपसी समन्वय बेहतर होगा, जिससे राष्ट्रीय सुरक्षा और नीतिगत फैसलों में अभूतपूर्व तेजी आने की उम्मीद है। यह हाई-टेक परिसर आधुनिक सुरक्षा प्रणाली और पर्यावरण के अनुकूल सुविधाओं से लैस है।
