जयपुर: राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने मंगलवार सुबह जयपुर के आराध्य देव श्री गोविंददेव जी मंदिर में शीश नवाया। मुख्यमंत्री ने मंदिर में ठाकुर जी की विधिवत पूजा-अर्चना की और प्रदेश की सुख-समृद्धि, खुशहाली एवं कल्याण की कामना की। दर्शन के पश्चात सीएम मंदिर परिसर स्थित जय निवास उद्यान पहुँचे, जहाँ उन्होंने एक विशाल कलश यात्रा का शुभारंभ किया।
51 हजार महिलाओं ने उठाए कलश
महाशिवरात्रि पर्व के उपलक्ष्य में लुनियावास स्थित बाबा बालनाथ आश्रम में आयोजित होने वाले 108 कुंडीय महामृत्युजंय रुद्र महायज्ञ के उपलक्ष्य में यह भव्य कलश यात्रा निकाली गई। इस यात्रा में जयपुर के विभिन्न क्षेत्रों से आई लगभग 51 हजार महिलाओं ने सिर पर मंगल कलश धारण कर भाग लिया।
संतों का लिया आशीर्वाद
कलश यात्रा के शुभारंभ अवसर पर मुख्यमंत्री ने सिद्धयोगी बाबा बालनाथ के शिष्य बस्तीनाथ जी महाराज को दुपट्टा ओढ़ाकर उनका अभिनंदन किया और उनसे आशीर्वाद प्राप्त किया। इस दौरान यज्ञाचार्य कमलेश शास्त्री के सानिध्य में वैदिक मंत्रोच्चार के बीच कलशों का पूजन संपन्न हुआ। कलश यात्रा के साथ ही बड़ी संख्या में पुरुष भी हाथों में धर्म ध्वजा लेकर चल रहे थे, जिससे पूरा मार्ग केसरिया और भक्तिमय नजर आया।
15 फरवरी तक चलेगा महायज्ञ
यह कलश यात्रा बाबा बालनाथ आश्रम पर जाकर संपन्न होगी, जहाँ 10 से 15 फरवरी 2026 तक महामृत्युंजय रुद्र महायज्ञ का भव्य आयोजन किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर कहा कि हमारी संस्कृति और परंपराएं ही हमारी पहचान हैं और ऐसे आयोजन समाज में एकता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार करते हैं।
