जयपुर: राजस्थान की राजधानी जयपुर में आज भक्ति, शक्ति और राष्ट्रभक्ति का अनूठा संगम देखने को मिला। महानगर के विभिन्न क्षेत्रों में एक साथ 88 विराट हिंदू सम्मेलनों का सफल आयोजन किया गया। इन कार्यक्रमों में मुख्य रूप से सामाजिक समरसता, पर्यावरण संरक्षण, परिवार प्रबोधन और स्वदेशी के संकल्प पर बल दिया गया।
मातृशक्ति का अद्भुत उत्साह: कलश और तुलसी यात्राएं
सभी 88 केंद्रों पर आयोजित कार्यक्रमों में महिलाओं की भागीदारी प्रेरणादायी रही। 1000 से अधिक महिलाओं ने पारंपरिक वेशभूषा में भव्य कलश यात्राएं निकालीं, वहीं 1500 से अधिक महिलाओं ने तुलसी यात्रा के माध्यम से घर-घर पर्यावरण और शुचिता का संदेश पहुँचाया। औसतन प्रत्येक सम्मेलन में 2000 से अधिक हिंदू समाज के लोगों की गरिमामयी उपस्थिति रही।
हिंदुत्व ही विश्वबंधुत्व का आधार: जसवंत खत्री
मानसरोवर के कमला नेहरू नगर में आयोजित मुख्य सम्मेलन को संबोधित करते हुए राजस्थान क्षेत्र कार्यवाह (RSS), जसवंत खत्री ने कहा, “हिंदुत्व ही विश्वबंधुत्व की सच्ची आधारशिला है। जब-जब हिंदू समाज संगठित हुआ है, उसने विश्व को शांति और कल्याण का मार्ग दिखाया है। आने वाले समय में भारत पूरे विश्व का नेतृत्व करेगा।”
पंच-परिवर्तन: समाज सुधार की नई दिशा
इन सम्मेलनों के केंद्र में ‘पंच-परिवर्तन’ का विषय प्रमुख रहा। इसके तहत:
- सामाजिक समरसता: ऊंच-नीच के भेदभाव को मिटाकर एकजुट होना।
- परिवार प्रबोधन: संयुक्त परिवार की परंपरा को सहेजना।
- पर्यावरण संरक्षण: प्लास्टिक मुक्त जीवन और पौधारोपण।
- स्वदेशी: स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा देना।
- नागरिक कर्तव्य: स्वच्छता और राष्ट्र के प्रति उत्तरदायित्व।
क्षेत्रवार आयोजनों की झलकियाँ:
मानसरोवर एवं दादूदयाल नगर: प्रतिभा और संस्कारों का सम्मान मानसरोवर में प्रकाश माली के भजनों ने समां बांध दिया। वहीं दादूदयाल नगर में वीर माताओं (जिनके 3 से अधिक संतानें हैं), संयुक्त परिवारों और 96% से अधिक अंक लाने वाले विद्यार्थियों को सम्मानित किया गया।
ब्रह्मपुरी: तुलसी पूजन और स्वास्थ्य का संकल्प ब्रह्मपुरी में 1500 महिलाओं ने तुलसी यात्रा निकाली। जयपुर विभाग प्रचारक प्रशांत कुमार ने बताया कि किस प्रकार हमारी परंपराएं पर्यावरण से जुड़ी हैं। बच्चों ने देशभक्ति गीतों पर मनमोहक प्रस्तुतियां दीं।
महारानी फार्म: प्लास्टिक मुक्त जयपुर का आह्वान यहाँ स्वच्छता और कचरा प्रबंधन पर विशेष जोर दिया गया। डॉ. अंजलि धाबाई ने स्वच्छ-हरित जयपुर के निर्माण के लिए प्लास्टिक त्यागने की शपथ दिलाई।
आमेर (पीली की तलैया): दहेज मुक्त विवाह को प्रोत्साहन 1100 महिलाओं की कलश यात्रा के साथ यहाँ एक अनूठी पहल हुई। उन परिवारों को सम्मानित किया गया जिन्होंने दहेज-मुक्त विवाह संपन्न कराकर समाज में मिसाल पेश की है।
मौजी कॉलोनी (करधनी): वीरों का वंदन वीरगति प्राप्त सैनिकों के परिजनों, गौ-सेवकों और पर्यावरण प्रेमियों का सम्मान किया गया। दीप प्रज्ज्वलन और ‘वन्दे मातरम्’ के उद्घोष के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ।
मालवीय नगर (नीति नगर एवं प्रताप बस्ती): एकता ही सुरक्षा रोशन नाथ महाराज और सहकार्यवाह अशोक शर्मा ने समाज को खंडित करने वाली शक्तियों से सावधान रहने और एकजुट रहने का आह्वान किया। योग गुरु महेंद्र सिंह ने तनाव मुक्त जीवन और सामाजिक उत्तरदायित्व निभाने पर जोर दिया।
15 दिनों की तपस्या का परिणाम
इन सम्मेलनों की सफलता के पीछे पिछले 15 दिनों का अथक परिश्रम रहा। कार्यकर्ताओं ने घर-घर जाकर पीले चावल देकर निमंत्रण दिया, प्रभात फेरियां निकालीं और समाज जागरण का कार्य किया। सम्मेलनों में स्वच्छता अभियान चलाकर आयोजन स्थलों को प्लास्टिक मुक्त रखा गया।
