जयपुर: राजस्थान के राज्यपाल हरिभाऊ बागडे ने शुक्रवार को लोकभवन में केंद्र शासित प्रदेश लद्दाख से आए दिव्यांग विद्यार्थियों के एक दल की मेजबानी की। ‘राष्ट्रीय एकता यात्रा’ (National Integration Tour) के बैनर तले जयपुर पहुंचे इन विद्यार्थियों के लिए यह एक यादगार पल रहा। इस दौरान न केवल सांस्कृतिक अनुभवों का आदान-प्रदान हुआ, बल्कि राज्यपाल ने बच्चों को देश के इतिहास और उनके भविष्य के दायित्वों के प्रति प्रेरित भी किया।
इस विशेष अवसर पर उपमुख्यमंत्री प्रेमचंद बैरवा और अतिरिक्त मुख्य सचिव कुलदीप रांका की उपस्थिति ने कार्यक्रम की गरिमा को बढ़ाया। राज्यपाल बागडे ने विद्यार्थियों के साथ सीधा संवाद करते हुए भारत की अटूट एकता और लद्दाख के सांस्कृतिक गौरव पर चर्चा की।
मुख्य बातें और राज्यपाल का संबोधन:
- ऐतिहासिक महत्व: राज्यपाल ने विद्यार्थियों को लद्दाख के प्राचीन ‘सिल्क मार्ग’ होने की जानकारी दी और बताया कि कैसे यह क्षेत्र सदियों से भारतीय संस्कृति और वैश्विक व्यापार का सेतु रहा है।
- राष्ट्र निर्माण का आह्वान: उन्होंने विद्यार्थियों से कहा कि शारीरिक चुनौतियां सफलता के आड़े नहीं आतीं। उन्होंने बच्चों को खूब पढ़ने और ‘एक भारत श्रेष्ठ भारत’ के विजन को मजबूती देने के लिए प्रेरित किया।
- सम्मान और सत्कार: लोकभवन में राज्यपाल के सचिव डॉ. पृथ्वी ने दल का भव्य स्वागत किया, वहीं मेजर अमित कुमार ने राज्यपाल को इस यात्रा के माध्यम से विद्यार्थियों में आ रहे सकारात्मक बदलावों से अवगत कराया।
“आप भारत का भविष्य हैं। आपकी शिक्षा और आपका जुनून ही माँ भारती का मस्तक ऊंचा करेगा। लद्दाख की पवित्र भूमि से आप जो संस्कार लेकर आए हैं, उन्हें पूरे देश के साथ साझा करें।” — हरिभाऊ बागडे, राज्यपाल, राजस्थान
