जयपुर/झुंझुनूं। झुंझुनूं जिले की खेतड़ी नगर थाना पुलिस ने एक सनसनीखेज धोखाधड़ी और आगजनी के मामले का पर्दाफाश करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों ने हिंदुस्तान यूनिलीवर कंपनी के करीब 96 लाख रुपये मूल्य के कॉस्मेटिक सामान को रास्ते में ही गायब कर दिया और साक्ष्य मिटाने के लिए कंटेनर में आग लगा दी। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए करीब 80 लाख रुपये मूल्य का चोरी किया गया माल बरामद कर लिया है।
यह कार्रवाई जिला पुलिस अधीक्षक कावेन्द्र सिंह सागर के निर्देशन, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक देवेन्द्र सिंह राजावत के मार्गदर्शन और वृत्ताधिकारी जुल्फीकार अली के सुपरविजन में खेतड़ी नगर थाना पुलिस एवं जिला विशेष टीम (DST) द्वारा संयुक्त रूप से की गई।
असम से गुजरात भेजा गया था करोड़ों का माल
मामले की शुरुआत तब हुई जब वेस्टर्न केरियर्स लिमिटेड, कोलकाता के मैनेजर सर्वेश कुमार राय ने खेतड़ी नगर थाने में रिपोर्ट दर्ज करवाई। रिपोर्ट के अनुसार 12 मई 2026 को असम के तिनसुकिया जिले के डुमडुमा से हिंदुस्तान यूनिलीवर कंपनी का लगभग 96 लाख रुपये मूल्य का कॉस्मेटिक सामान कंटेनर संख्या RJ 18 GA 5631 में लोड किया गया था।
इस माल को सुरक्षित रूप से वापी (गुजरात) पहुंचाना था। परिवहन की जिम्मेदारी लोयल निवासी वाहन स्वामी राजकुमार और कंटेनर चालक करण सिंह को सौंपी गई थी।
तय रूट छोड़कर झुंझुनूं ले आए कंटेनर
पुलिस जांच में सामने आया कि कंटेनर चालक करण सिंह और वाहन मालिक राजकुमार ने आपसी मिलीभगत से निर्धारित मार्ग पर जाने के बजाय कंटेनर को झुंझुनूं जिले की ओर मोड़ दिया। यहां दोनों ने कंटेनर में भरे कीमती कॉस्मेटिक सामान को अलग-अलग स्थानों पर उतारकर छिपा दिया।
आरोपियों ने अधिकांश माल निकालने के बाद कंटेनर में केवल थोड़ी मात्रा में सामान छोड़ा ताकि आगजनी की घटना को वास्तविक दुर्घटना दिखाया जा सके।
साजिश के तहत कंटेनर को लगाई आग
पुलिस के अनुसार आरोपियों ने जसरापुर क्षेत्र के पास पहुंचकर कंटेनर में जानबूझकर आग लगा दी। इसका मकसद यह दिखाना था कि पूरा माल किसी दुर्घटना या शॉर्ट सर्किट के कारण जलकर नष्ट हो गया है।
इस सुनियोजित साजिश के जरिए आरोपी न केवल कंपनी को करोड़ों रुपये का नुकसान पहुंचाना चाहते थे, बल्कि बीमा क्लेम और पुलिस जांच से भी बच निकलने की कोशिश कर रहे थे।
तकनीकी जांच से खुला राज
खेतड़ी नगर थानाधिकारी राकेश कुमार के नेतृत्व में गठित विशेष टीम और साइबर सेल ने मामले की गहन जांच शुरू की। तकनीकी विश्लेषण, रूट ट्रैकिंग, मोबाइल लोकेशन और गोपनीय सूचनाओं के आधार पर पुलिस को आगजनी की कहानी पर संदेह हुआ।
जांच के दौरान सामने आए तथ्यों के आधार पर पुलिस ने 28 मई को चालक करण सिंह और वाहन मालिक राजकुमार को हिरासत में लेकर पूछताछ की। पूछताछ में दोनों ने माल चोरी और आगजनी की पूरी साजिश कबूल कर ली।
₹80 लाख का माल बरामद
पुलिस ने आरोपियों की निशानदेही पर विभिन्न स्थानों से 2255 कार्टन कॉस्मेटिक सामान बरामद किया है। बरामद माल की अनुमानित बाजार कीमत करीब 80 लाख रुपये बताई जा रही है। पुलिस अब शेष माल की बरामदगी और इस पूरे नेटवर्क से जुड़े अन्य संभावित आरोपियों की भूमिका की भी जांच कर रही है।
पुलिस टीम की अहम भूमिका
इस जटिल मामले के खुलासे में खेतड़ी नगर थाना और डीएसटी की टीमों ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। कार्रवाई में थानाधिकारी राकेश कुमार, एएसआई विजय सिंह, शीशराम, कल्याण सिंह, कांस्टेबल जितेंद्र, अनिल, नेमीचंद, सुमेर सिंह और महिला कांस्टेबल कांता शामिल रहे।
वहीं डीएसटी की ओर से उप निरीक्षक हेमराम मीणा, सउनि शशिकांत, हेड कांस्टेबल हरीश, कांस्टेबल संदीप गांधी, सुनील और चालक कुलदीप ने महत्वपूर्ण योगदान दिया। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि पूरे ऑपरेशन को सफल बनाने में डीएसटी प्रभारी हेमराज, सउनि शशिकांत और आसूचना अधिकारी कांस्टेबल नेमीचंद की भूमिका विशेष रूप से सराहनीय रही।
संगठित आर्थिक अपराधों पर सख्त कार्रवाई
झुंझुनूं पुलिस का कहना है कि आर्थिक अपराध, माल चोरी और बीमा धोखाधड़ी जैसे मामलों में शामिल अपराधियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहेगी। पुलिस अब इस मामले के वित्तीय पहलुओं और संभावित अन्य सहयोगियों की भी जांच कर रही है।