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Home - भीलवाड़ा - बजरी माफिया बेखौफ! RSMML की सुस्ती से भीलवाड़ा में अवैध खनन शुरू, सरकार ने ठोका ₹25.11 लाख का जुर्माना

भीलवाड़ाखनन

बजरी माफिया बेखौफ! RSMML की सुस्ती से भीलवाड़ा में अवैध खनन शुरू, सरकार ने ठोका ₹25.11 लाख का जुर्माना

By The Public Hub
Last updated: May 1, 2026
3 Min Read

राजस्थान स्टेट माइंस एंड मिनरल्स लिमिटेड (RSMML) की सुस्ती और प्रशासनिक ढुलमुल रवैये ने भीलवाड़ा जिले में वैध बजरी खनन को अधर में लटका दिया है। आलम यह है कि पर्यावरण स्वीकृति (EC) मिलने के बावजूद सरकारी एजेंसी कागजी खानापूर्ति पूरी करने में नाकाम रही है। इसका सीधा फायदा बजरी माफिया उठा रहे हैं, जो वैध खनन न होने की सूरत में नदी का सीना चीरकर अवैध दोहन कर रहे हैं।

Contents
लापरवाही पर ₹25.11 लाख की भारी पेनल्टीक्यों हुई देरी? नोटिस में हुआ खुलासामाफियाओं का बोलबाला और राजस्व की चपतRSMML का पक्ष: ‘जुर्माना गलत है’

लापरवाही पर ₹25.11 लाख की भारी पेनल्टी

RSMML की इस लेटलतीफी पर खान विभाग ने कड़ा रुख अपनाया है। नियमों की अनदेखी और समय पर दस्तावेज जमा न करने के चलते खनि अभियंता ने संस्था पर कुल 25 लाख 11 हजार 405 रुपए का जुर्माना लगाया है।

इन तीन खदानों (प्लॉट्स) पर लगा जुर्माना:

  • प्लॉट बीजे-04 (सोपुरा, अड़सीपुरा, आकोला): परफॉरमेंस सिक्योरिटी में 9 माह और EC प्रस्तुत करने में 4 माह की देरी के लिए ₹7,98,460 की पेनल्टी।
  • प्लॉट-05 (आकोला): सिक्योरिटी और कागजी विलंब के चलते ₹7,04,145 का जुर्माना।
  • प्लॉट-06 (आकोला): नियमों की अवहेलना पर सबसे ज्यादा ₹10,08,800 की पेनल्टी लगाई गई है।

क्यों हुई देरी? नोटिस में हुआ खुलासा

विभागीय नोटिस के अनुसार, RSMML को मंशा पत्र (LOI) जारी होने के 9 माह के भीतर परफॉरमेंस सिक्योरिटी जमा करनी थी, जिसमें भारी देरी की गई। इसके अलावा, शर्त संख्या 1 के तहत 18 माह के भीतर पर्यावरण स्वीकृति (EC) पेश करनी थी। हालांकि संस्था को EC मिल चुकी है, लेकिन इसे आधिकारिक रूप से विभाग को पेश नहीं किया गया, जिससे खनन पट्टा (Lease) जारी करने की प्रक्रिया रुकी हुई है।

माफियाओं का बोलबाला और राजस्व की चपत

सरकार ने यह खदानें इस मंशा से RSMML को सौंपी थीं कि आमजन को सस्ती और वैध बजरी मिल सके। लेकिन सरकारी फाइलों के अटकने से अवैध खनन धड़ल्ले से जारी है। दिन-रात माफिया अवैध रूप से बजरी निकालकर बेच रहे हैं, जिससे सरकार को लाखों रुपए के रॉयल्टी और राजस्व का नुकसान हो रहा है।

RSMML का पक्ष: ‘जुर्माना गलत है’

दूसरी ओर, RSMML के अधिकारियों ने इस कार्रवाई पर आपत्ति जताई है। उनका तर्क है कि वे स्वयं एक सरकारी उपक्रम हैं, ऐसे में खनिज विभाग द्वारा लगाया गया यह जुर्माना अनुचित है। संस्था ने पेनल्टी हटाने के संबंध में खनिज विभाग को पत्र भी लिखा है। अब गेंद सरकार के पाले में है कि वह माफियाओं पर लगाम लगाने के लिए कब तक वैध खनन शुरू करवा पाती है।

TAGGED:Bhilwara Bajri MiningEnvironment ClearanceIllegal Mining RajasthanKotri Tehsil NewsMining Department ActionRajasthan Revenue LossRajasthan State Mines and Minerals LimitedRSMML Penalty
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