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Home - जयपुर - सिविल विवादों में FIR दर्ज करने पर हाईकोर्ट सख्त, DGP को दिए पालना के कड़े निर्देश

जयपुरकानून व्यवस्था विभाग

सिविल विवादों में FIR दर्ज करने पर हाईकोर्ट सख्त, DGP को दिए पालना के कड़े निर्देश

By The Public Hub
Last updated: April 21, 2026
2 Min Read

राजस्थान हाईकोर्ट ने लेन-देन और व्यापारिक समझौतों जैसे सिविल विवादों में एफआईआर दर्ज किए जाने के मामले को बेहद गंभीरता से लिया है। अदालत ने स्पष्ट किया है कि ऐसे मामलों को आपराधिक रंग देकर पुलिस कार्रवाई करना सुप्रीम कोर्ट के दिशा-निर्देशों का सीधा उल्लंघन है।

न्यायाधीश प्रमिल कुमार माथुर की पीठ ने पुलिस महानिदेशक (DGP) को कड़े आदेश दिए हैं कि वे सुप्रीम कोर्ट के फैसलों और पिछले साल जून में जारी पुलिस परिपत्र (Circular) की सख्ती से पालना सुनिश्चित करें। कोर्ट ने इस संबंध में DGP से चार सप्ताह के भीतर शपथ पत्र के साथ पालना रिपोर्ट भी तलब की है।

अदालत की नाराजगी और मामला यह आदेश टोंक जिले के निवाई थाना क्षेत्र से जुड़े एक मामले की सुनवाई के दौरान आया। यहाँ बाजरा (मिलेट) सप्लाई के बाद करीब 18,94,909 रुपये के भुगतान को लेकर विवाद हुआ था, जिसे पुलिस ने आपराधिक मामला मानकर एफआईआर दर्ज कर ली थी। कोर्ट ने याचिकाकर्ताओं की अग्रिम जमानत मंजूर करते हुए स्पष्ट किया कि यह पूरी तरह से वाणिज्यिक लेन-देन का सिविल मामला है।

पुलिस के लिए नए दिशा-निर्देश हाईकोर्ट ने कहा कि जांच एजेंसी द्वारा अदालती निर्देशों की अवहेलना करना उसकी निष्पक्षता पर सवाल उठाता है। अदालत ने निर्देश दिए हैं कि:

  • DGP नए सिरे से दिशा-निर्देश जारी कर पुलिस कर्मियों को इस विषय में संवेदनशील बनाएं।
  • परिपत्र की अवहेलना करने वाले जिम्मेदार अधिकारियों की पहचान की जाए।
  • सिविल मामलों में किसी भी सख्त कार्रवाई या गिरफ्तारी से पहले जिला पुलिस अधीक्षक (SP) से लिखित अनुमति लेना अनिवार्य होगा।

क्या हैं सिविल विवाद? अदालत के अनुसार, वाणिज्यिक लेन-देन, आपसी व्यक्तिगत विवाद, मकान मालिक-किरायेदार विवाद, इकरारनामे की पालना न करना और चेक बाउंस जैसे मामले प्राथमिक रूप से सिविल श्रेणी में आते हैं। इनमें सीधे तौर पर आपराधिक मामला दर्ज करने के बजाय कानूनी प्रक्रिया का पालन किया जाना चाहिए।

TAGGED:Civil DisputesCommercial DisputesDGP RajasthanFIR RulesJaipur NewsJudicial OrderLegal News RajasthanPolice CircularRajasthan High CourtSupreme Court GuidelinesTonk News
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