मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने शुक्रवार को पुलिस मुख्यालय (PHQ) में प्रदेश की कानून-व्यवस्था की समीक्षा के लिए आयोजित उच्च स्तरीय बैठक में अपराधियों और लापरवाह अधिकारियों को स्पष्ट चेतावनी दी है। मुख्यमंत्री ने दोहराया कि राज्य सरकार की प्राथमिकता ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति के साथ एक सुदृढ़ कानून-व्यवस्था सुनिश्चित करना है। उन्होंने निर्देश दिए कि थानों में दर्ज होने वाली एफआईआर (FIR) का अनुसंधान समयबद्ध होना चाहिए और किसी भी प्रकार की लापरवाही पर सीधी जिम्मेदारी तय की जाएगी।

‘फील्ड’ में उतरेंगे अफसर: जनसुनवाई और निरीक्षण के निर्देश
मुख्यमंत्री ने पुलिस तंत्र में पारदर्शिता और जवाबदेही लाने के लिए नए दिशा-निर्देश जारी किए हैं:
- नियमित निरीक्षण: अब पुलिस अधीक्षक (SP) अनिवार्य रूप से थानों का और पुलिस महानिरीक्षक (IG) एसपी कार्यालयों का नियमित निरीक्षण करेंगे।
- स्थानीय जनसुनवाई: स्थानीय स्तर पर प्रतिदिन जनसुनवाई की जाएगी ताकि पीड़ितों को मुख्यालय के चक्कर न लगाने पड़ें।
- श्रेणीवार रिपोर्ट: हर जिले की श्रेणीवार अपराध और उनके निस्तारण की रिपोर्ट तैयार कर उच्च स्तर पर मॉनिटरिंग की जाएगी।
साइबर क्राइम और संगठित अपराध पर ‘सर्जिकल स्ट्राइक’
बढ़ते साइबर अपराधों पर चिंता जताते हुए मुख्यमंत्री ने इसकी प्रतिदिन उच्च स्तरीय मॉनिटरिंग करने और पीड़ितों के साथ सीधा संवाद स्थापित करने को कहा है। इसके अलावा:
- लोकल नेटवर्क का खात्मा: गैंगस्टर्स और संगठित अपराधियों के स्थानीय नेटवर्क को जड़ से खत्म करने के निर्देश दिए गए हैं।
- नशा मुक्ति अभियान: मादक पदार्थों की तस्करी रोकने के लिए विशेष कार्ययोजना और सीमावर्ती इलाकों की विशेष निगरानी की जाएगी।
- महिला भागीदारी: कम्यूनिटी पुलिसिंग को प्रभावी बनाने के लिए सीएलजी (CLG) सदस्यों में महिलाओं की संख्या बढ़ाई जाएगी।
आंकड़ों में सुधार: अपराधियों में डर, आमजन में विश्वास
बैठक के दौरान सामने आए आंकड़े प्रदेश में सुधरती सुरक्षा व्यवस्था की तस्दीक करते हैं। वर्ष 2023 से 2025 के बीच अपराध के ग्राफ में उल्लेखनीय गिरावट दर्ज की गई है:
| अपराध की श्रेणी | कमी (प्रतिशत में) |
| कुल अपराध | 18.77% |
| हत्या (Murder) | 25.68% |
| लूट (Loot) | 50.75% |
| डकैती (Robbery) | 47.26% |
| SC-ST के विरुद्ध अपराध | 28.29% |
| महिला अत्याचार | 9.94% |
त्वरित न्याय: बलात्कार और पोक्सो (POCSO) जैसे गंभीर मामलों में अनुसंधान का औसत समय 107 दिनों से घटकर अब मात्र 40-42 दिन रह गया है। साथ ही, तीन नए कानूनों के क्रियान्वयन में राजस्थान देशभर में तीसरे स्थान पर है।
पेपरलीक माफिया पर लगाम
सरकार की बड़ी उपलब्धि बताते हुए पुलिस अधिकारियों ने जानकारी दी कि एसआईटी (SIT) के गठन के बाद से पेपरलीक, ओएमआर घोटाला और डमी अभ्यर्थियों के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई हुई है। इसके परिणामस्वरूप, वर्तमान सरकार के कार्यकाल में अब तक किसी भी भर्ती परीक्षा में पेपरलीक की कोई घटना नहीं हुई है।
