Friday, Apr 17, 2026

Weekly Newspaper

The Public Hub
Login
  • Home
  • राजस्थान
  • विभाग
  • जुर्म
  • धर्म
  • भारत
Reading: जगतपुरा में ‘इकोलॉजिकल मर्डर’: सरकारी संरक्षण में नाले पर कंक्रीट का जाल, हाईकोर्ट के आदेशों की सरेआम धज्जियां
Share
E-Paper
Font ResizerAa
The Public HubThe Public Hub
  • E-Paper
  • राजस्थान
  • जुर्म
  • कानून
  • योजना
  • धर्म
  • भारत
  • शिक्षा विभाग
Search
  • Home
  • E-Paper
  • Privacy Policy
  • About us
  • Terms and Conditions
  • Contact
Follow US
Made by ThemeRuby using the Foxiz theme. Powered by WordPress
जयपुर

जगतपुरा में ‘इकोलॉजिकल मर्डर’: सरकारी संरक्षण में नाले पर कंक्रीट का जाल, हाईकोर्ट के आदेशों की सरेआम धज्जियां

By The Public Hub
Last updated: April 7, 2026
3 Min Read

राजधानी के वीआईपी क्षेत्र जगतपुरा में विकास की आड़ में एक ऐसा खेल खेला जा रहा है जिसे विशेषज्ञ ‘सुनियोजित इकोलॉजिकल मर्डर’ करार दे रहे हैं। खसरा नंबर 192/819 (जी-ब्लॉक, सेंट्रल स्पाइन) में प्राकृतिक जल निकासी और ग्रीन बेल्ट को कंक्रीट की सड़क में तब्दील कर दिया गया है। यह मामला न केवल प्रशासनिक मिलीभगत का प्रमाण है, बल्कि पर्यावरण संरक्षण के दावों पर भी बड़ा सवालिया निशान खड़ा करता है।

कागजों और हकीकत का विरोधाभास

सरकारी दस्तावेजों में जिस भूमि को “गैर-मुमकिन नाला” और “ग्रीन बेल्ट” के रूप में दर्ज किया गया है, वहां आज 100 फीट चौड़ी सड़क खड़ी है। नियमों के अनुसार, नाले के दोनों ओर 30-30 फीट का बफर जोन (No Construction Zone) अनिवार्य है। लेकिन यहां बफर जोन छोड़ना तो दूर, पूरे नाले के अस्तित्व को ही मिटाकर उस पर कंक्रीट की परत चढ़ा दी गई है।

न्यायिक आदेशों की खुली अवमानना

माननीय उच्च न्यायालय ने गुलाब कोठारी बनाम राजस्थान राज्य (2017) के ऐतिहासिक फैसले में स्पष्ट निर्देश दिए थे कि किसी भी प्राकृतिक जल निकाय या बहाव क्षेत्र के स्वरूप से छेड़छाड़ नहीं की जा सकती। इसके बावजूद, जगतपुरा में हुआ यह निर्माण सीधे तौर पर अदालत की अवहेलना प्रतीत होता है।

प्लानिंग या प्लॉटिंग? विशेषज्ञों के सवाल

शहरी नियोजन (Urban Planning) के सिद्धांतों को चुनौती देते हुए, महज 50 मीटर की दूरी पर 100 फीट और 80 फीट की दो समानांतर सड़कें प्रस्तावित कर दी गईं। स्थानीय जानकारों का कहना है कि यह शहर की जरूरत के लिए ‘प्लानिंग’ नहीं, बल्कि चुनिंदा भूखंडों को लाभ पहुंचाने के लिए की गई ‘प्लॉटिंग’ का हिस्सा है।

वन्यजीवों के अस्तित्व पर संकट

यह क्षेत्र नीलगाय और अन्य स्थानीय वन्यजीवों के लिए एक प्राकृतिक गलियारे (Natural Corridor) का काम करता था। सड़क निर्माण ने न केवल उनके आवास को नष्ट किया है, बल्कि भविष्य में ‘मानव-वन्यजीव संघर्ष’ की संभावनाओं को भी बढ़ा दिया है।

जन आक्रोश और जांच की मांग

‘द पब्लिक हब’ द्वारा इस मामले को उजागर किए जाने के बाद स्थानीय निवासियों और पर्यावरण प्रेमियों में भारी गुस्सा है। अब मांग उठ रही है कि:

  • इस पूरे प्रकरण की उच्च स्तरीय तकनीकी जांच हो।
  • जिम्मेदार अधिकारियों की जवाबदेही तय कर उन पर कार्रवाई की जाए।
  • नाले के मूल स्वरूप को बहाल किया जाए ताकि भविष्य में शहरी बाढ़ (Urban Flooding) के खतरे से बचा जा सके।
TAGGED:Ecological MurderEnvironmentGulab Kothari CaseHigh CourtJagatpuraJaipur NewsRajasthan GovernmentUrban Planning
Share This Article
Facebook Copy Link Print
Leave a Comment Leave a Comment

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

HOT NEWS

हाईकोर्ट ने कहा- दिव्यांगता जांच के लिए बार-बार नहीं बुला सकते; पुनर्मूल्यांकन के बाद फिर से बुलाना गलत

RR vs SRH: पहली गेंद पर आउट हुए वैभव सूर्यवंशी, साइमन डूल बोले- ‘पैसा कमाने के चक्कर में प्रतिभा न खो दे मैनेजमेंट’

जरूरत की खबर: बाजार के आम में छिपा हो सकता है ‘कैल्शियम कार्बाइड’, खरीदने से पहले ऐसे करें असली-नकली की पहचान

77वां राजस्थान पुलिस स्थापना दिवस: CM भजनलाल शर्मा की बड़ी घोषणाएं; पिछले 2 वर्षों में 18.77% घटा अपराध

राजस्थान स्कूल सिलेबस में बड़ा बदलाव: सत्र 2026-27 के बीच से 4 पुस्तकें विलोपित, जानें अब क्या पढ़ेंगे विद्यार्थी

YOU MAY ALSO LIKE

जयपुर डिस्कॉम का ‘पावरफुल’ प्रदर्शन: 26 साल का रिकॉर्ड टूटा, पहली बार 102% राजस्व संग्रहण; पुराने बकायादारों से वसूले 599 करोड़

मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के 'आत्मनिर्भर राजस्थान' के संकल्प को ऊर्जा क्षेत्र में एक बड़ी उड़ान मिली है। ऊर्जा मंत्री हीरालाल…

जयपुरऊर्जा विभाग
April 2, 2026

शिवराज सिंह चौहान की घोषणा: डिजिटल किसान आईडी बनेगा योजनाओं का आधार, राजस्थान के कृषि रोडमैप के लिए बनेगी स्पेशल टीम

: राजस्थान की राजधानी में मंगलवार को आयोजित पश्चिम क्षेत्रीय कृषि सम्मेलन (West Zone Agriculture Conference) में देश के अन्नदाताओं…

जयपुरकृषि विभाग
April 7, 2026

जयपुर के निजी स्कूल में लाखों का फीस घोटाला: ऑफिस असिस्टेंट बना ‘फीस इंचार्ज’, 10 लाख डकार कर हुआ फरार

जयपुर: राजधानी जयपुर के बनीपार्क थाना क्षेत्र से एक बेहद चौंकाने वाला धोखाधड़ी का मामला सामने आया है, जहां रक्षक…

जयपुर
March 21, 2026

राजस्थान विधानसभा का बदलेगा स्वरूप: 200 से बढ़कर 270 हो सकती हैं सीटें, स्पीकर देवनानी ने किया सीटों के विस्तार का दावा

जयपुर: राजस्थान की राजनीति में आने वाले वर्षों में बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है। विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी…

जयपुर
March 12, 2026

The Public Hub is Jaipur’s premier weekly newspaper dedicated to high-impact investigative journalism. Focused on Rajasthan’s socio-political landscape, we deliver research-based deep dives and hard-hitting facts that go beyond the headlines. Registered under RNI: RJBIL/26.A0142, we are committed to accountability and the pursuit of truth.

Follow US: 

.

All Rights Reserved
Welcome Back!

Sign in to your account

Username or Email Address
Password

Lost your password?