जयपुर: भुगतान करते समय गलत नंबर या गलत QR कोड स्कैन होने से पैसा किसी अनजान के पास चला जाना अब एक आम समस्या बन गई है। पुलिस महानिदेशक राजीव कुमार शर्मा के निर्देशानुसार राजस्थान पुलिस की साइबर क्राइम शाखा ने नागरिकों को जागरूक करने के लिए एक विस्तृत गाइडलाइन जारी की है。 पुलिस का कहना है कि यदि आपसे गलत ट्रांजेक्शन हो गया है, तो इन 4 तरीकों से आप अपना पैसा वापस पा सकते हैं:
पैसे वापस पाने की 4-स्टेप प्रक्रिया (Process Table)
| स्टेप | कार्य | क्यों जरूरी है? |
| 1. डिजिटल सबूत | ट्रांजेक्शन का स्क्रीनशॉट और 12 अंकों का UTR नंबर सुरक्षित करें। | यह नंबर ट्रांजेक्शन को ट्रैक करने का सबसे अहम जरिया है। |
| 2. ऐप में शिकायत | Google Pay, PhonePe या Paytm की हिस्ट्री में जाकर “Report a Problem” विकल्प चुनें। | इससे पेमेंट सर्विस प्रोवाइडर को तुरंत अलर्ट मिल जाता है। |
| 3. बैंक को सूचना | तुरंत बैंक की शाखा जाएं या कस्टमर केयर को UPI ID और समय की जानकारी दें। | समय पर सूचना देने से रिफंड की संभावना और गति बढ़ जाती है। |
| 4. NPCI पोर्टल | समाधान न मिलने पर NPCI पोर्टल पर शिकायत करें या हेल्पलाइन 1800-120-1740 पर कॉल करें। | यह नेशनल पेमेंट्स कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया का आधिकारिक शिकायत केंद्र है। |
साइबर पुलिस की ‘प्रो-टिप’: ये गलतियां कभी न करें
साइबर क्राइम शाखा ने तकनीकी ज्ञान के साथ-साथ व्यवहारिक सावधानी बरतने की भी सलाह दी है:
- नाम की जांच: मोबाइल नंबर डालने या QR कोड स्कैन करने के बाद स्क्रीन पर आने वाले नाम को दोबारा जरूर जांचें。
- दबाव में न आएं: किसी अनजान व्यक्ति के कॉल या दबाव में आकर जल्दबाजी में भुगतान करने से बचें。
- पिन (PIN) का सच: सबसे महत्वपूर्ण बात यह याद रखें कि पैसा प्राप्त करने के लिए कभी भी पिन डालने या क्यूआर कोड स्कैन करने की जरूरत नहीं होती。 यदि कोई आपसे पैसे भेजने के नाम पर पिन मांग रहा है, तो वह धोखाधड़ी हो सकती है।
