चित्तौड़गढ़: मेवाड़ के आराध्य श्रीसांवलियाजी सेठ के दरबार में भक्तों द्वारा अर्पित किए गए चढ़ावे की गिनती ने एक बार फिर सबको अचंभित कर दिया है। मंगलवार को संपन्न हुए छठे दौर की गिनती में 1 करोड़ 95 लाख 27 हजार रुपए प्राप्त हुए, जिसे मिलाकर अब तक की कुल नकद राशि 36 करोड़ 49 लाख 82 हजार रुपए तक पहुँच गई है। मंदिर प्रशासन के अनुसार, आज यानी बुधवार को सातवां और संभवतः अंतिम राउंड आयोजित किया जाएगा। इस चरण में शेष रही चिल्लर, ऑनलाइन माध्यम से प्राप्त दान और भंडार से निकले सोने-चांदी के गहनों व अन्य बहुमूल्य वस्तुओं का वजन किया जाएगा। गौरतलब है कि ठाकुरजी का यह भंडार लगभग डेढ़ महीने के अंतराल के बाद 2 मार्च को खोला गया था।
मंदिर के इतिहास पर नजर डालें तो सर्वाधिक चढ़ावे का रिकॉर्ड नवंबर 2025 में बना था, जब पहली बार भंडार से 51 करोड़ 27 लाख 30 हजार 112 रुपए की भारी-भरकम राशि निकली थी। श्रीसांवलियाजी की महिमा केवल उनके वैभव तक ही सीमित नहीं है, बल्कि इसके साथ गहरा आध्यात्मिक इतिहास भी जुड़ा है। लोक मान्यताओं के अनुसार, मंदिर की मूर्ति के सीने पर एक पदचिह्न है, जिसे भृगु ऋषि के पैर का निशान माना जाता है। पौराणिक कथा है कि जब भृगु ऋषि ने भगवान विष्णु की सहनशीलता की परीक्षा लेने के लिए उनके सीने पर प्रहार किया था, तब भगवान ने क्रोध के बजाय अत्यंत विनम्रता दिखाई थी, जिससे प्रभावित होकर ऋषि ने उन्हें त्रिदेवों में श्रेष्ठ घोषित किया था।
गिनती का दौरवार विवरण (नकद राशि)
| राउंड | तिथि | प्राप्त राशि (रुपए में) |
| पहला | 02 मार्च | 10 करोड़ 65 लाख |
| दूसरा | 05 मार्च | 7 करोड़ 25 लाख 80 हजार |
| तीसरा | 06 मार्च | 2 करोड़ 61 लाख 75 हजार |
| चौथा | 07 मार्च | 8 करोड़ 55 लाख 55 हजार |
| पांचवां | 09 मार्च | 5 करोड़ 47 लाख 45 हजार |
| छठा | 10 मार्च | 1 करोड़ 95 लाख 27 हजार |
| कुल योग | – | 36 करोड़ 49 लाख 82 हजार |
